सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Monkey menace is a national problem, a comprehensive action plan should be made to deal with it: Anurag

बंदरों का आतंक राष्ट्रीय समस्या, निपटने के लिए बने व्यापक कार्ययोजना : अनुराग

संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.) Updated Thu, 19 Mar 2026 01:03 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
हमीरपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत बंदर आतंक की गंभीर और लंबे समय से उपेक्षित समस्या को राष्ट्रीय संकट करार देते हुए तत्काल और समन्वित केंद्रीय हस्तक्षेप की मांग की।
Trending Videos

अनुराग सिंह ठाकुर ने बुधवार को सदन का ध्यान देशभर, विशेष रूप से कृषि प्रधान राज्यों में अनियंत्रित बंदर आबादी से हो रही भारी तबाही की ओर आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 70,000 हेक्टेयर से अधिक कृषि योग्य भूमि पर खेती छोड़नी पड़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

राज्य में वार्षिक फसल नुकसान 500 करोड़ रुपये से अधिक है, जबकि 2017 से 2024 के बीच कुल नुकसान लगभग 2,200 करोड़ रुपये आंका गया है। आर्थिक नुकसान के साथ-साथ उन्होंने मानव जीवन और सुरक्षा पर बढ़ते खतरे को भी रेखांकित किया। जिला स्तर के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पिछले एक वर्ष में एक जिले में प्रतिदिन लगभग दस लोग बंदरों के हमलों का शिकार हो रहे हैं। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने 1978 के बंदर निर्यात प्रतिबंध को प्रमुख कारण बताया, जिसके चलते आबादी अनियंत्रित रूप से बढ़ी। इसके अलावा वनों की कटाई, प्राकृतिक आवासों का क्षरण, शिकारी प्रजातियों की कमी और राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित नीति के अभाव को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने केंद्र सरकार से बंदर-मानव संघर्ष पर व्यापक राष्ट्रीय कार्य योजना बनाने का आग्रह किया, जिसमें प्रभावित राज्यों से परामर्श किया जाए। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed