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Hamirpur (Himachal) News: स्वच्छता की नई पहल, नादौन में 14 ई-रिक्शा 63 पंचायतों का उठाएंगे कूड़ा
Wed, 19 Aug 2026 12:56 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 19 Aug 2026 12:56 AM IST
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नादौन मिनी सचिवालय परिसर में पहुंचे ई-रिक्शा। स्रोत : जागरूक पाठक
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रंगस (हमीरपुर)। विकास खंड नादौन की 63 ग्राम पंचायतों में अब नियमित कूड़ा-कचरा संग्रहण की व्यवस्था शुरू होगी। स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पंचायती राज विभाग ने 14 ई-रिक्शा उपलब्ध करवाए हैं।
मंगलवार शाम सभी ई-रिक्शा नादौन मिनी सचिवालय परिसर पहुंच गए। योजना के तहत 63 पंचायतों को 14 क्लस्टरों में बांटा जाएगा।
प्रत्येक क्लस्टर में तीन से पांच पंचायतें शामिल होंगी और एक ई-रिक्शा तैनात रहेगा। इसके लिए दिनवार शेड्यूल और रूट निर्धारित किए जाएंगे। वाहन गांव-गांव पहुंचकर घरों और अन्य स्थानों से कचरा एकत्रित कर निर्धारित डंपिंग साइट तक पहुंचाएंगे।
ई-रिक्शा का संचालन और रखरखाव ग्राम पंचायतों के जिम्मे रहेगा। प्रत्येक पंचायत को इसके लिए सालाना एक लाख रुपये का बजट उपलब्ध करवाना होगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित कचरा संग्रहण व्यवस्था सुचारू रखने में मदद मिलेगी।
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गांवों में दिखेगा सीधा असर
ई-रिक्शा के नियमित संचालन से ग्रामीणों को कूड़ा फेंकने के लिए इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं होगी। घर-द्वार से कचरा उठाने की व्यवस्था होने से नालियों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा होने की समस्या पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है। नादौन की 63 पंचायतों में 14 ई-रिक्शा के माध्यम से शुरू होने जा रही यह व्यवस्था स्वच्छता के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पर्यावरण और साफ-सुथरे गांवों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कोट
सरकार का आदेश मिलते ही पंचायतों के क्लस्टर बनाकर ई-रिक्शा को फील्ड में भेज दिया जाएगा। प्रदेश सरकार ने नई पहल कर एक मिसाल पेश की है। -डॉ. राजेश ठाकुर, खंड विकास अधिकारी नादौन
नादौन मिनी सचिवालय परिसर में पहुंचे ई-रिक्शा। स्रोत : जागरूक पाठक
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मंगलवार शाम सभी ई-रिक्शा नादौन मिनी सचिवालय परिसर पहुंच गए। योजना के तहत 63 पंचायतों को 14 क्लस्टरों में बांटा जाएगा।
प्रत्येक क्लस्टर में तीन से पांच पंचायतें शामिल होंगी और एक ई-रिक्शा तैनात रहेगा। इसके लिए दिनवार शेड्यूल और रूट निर्धारित किए जाएंगे। वाहन गांव-गांव पहुंचकर घरों और अन्य स्थानों से कचरा एकत्रित कर निर्धारित डंपिंग साइट तक पहुंचाएंगे।
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ई-रिक्शा का संचालन और रखरखाव ग्राम पंचायतों के जिम्मे रहेगा। प्रत्येक पंचायत को इसके लिए सालाना एक लाख रुपये का बजट उपलब्ध करवाना होगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित कचरा संग्रहण व्यवस्था सुचारू रखने में मदद मिलेगी।
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गांवों में दिखेगा सीधा असर
ई-रिक्शा के नियमित संचालन से ग्रामीणों को कूड़ा फेंकने के लिए इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं होगी। घर-द्वार से कचरा उठाने की व्यवस्था होने से नालियों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा होने की समस्या पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है। नादौन की 63 पंचायतों में 14 ई-रिक्शा के माध्यम से शुरू होने जा रही यह व्यवस्था स्वच्छता के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पर्यावरण और साफ-सुथरे गांवों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कोट
सरकार का आदेश मिलते ही पंचायतों के क्लस्टर बनाकर ई-रिक्शा को फील्ड में भेज दिया जाएगा। प्रदेश सरकार ने नई पहल कर एक मिसाल पेश की है। -डॉ. राजेश ठाकुर, खंड विकास अधिकारी नादौन
नादौन मिनी सचिवालय परिसर में पहुंचे ई-रिक्शा। स्रोत : जागरूक पाठक