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Hamirpur (Himachal) News: अनाज में कितना कीटनाशक, अब खुद करवा सकेंगे जांच
Wed, 19 Aug 2026 12:59 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 19 Aug 2026 12:59 AM IST
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नवीन ठाकुर
हमीरपुर। अब आम लोग अपने घर में इस्तेमाल होने वाले गेहूं, मक्की समेत अन्य खाद्य पदार्थों में कीटनाशक अवशेषों की जांच सरकारी प्रयोगशाला में करवा सकेंगे। हमीरपुर स्थित राज्य अपशिष्ट/कीटनाशक परीक्षण प्रयोगशाला में निजी तौर पर खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच की सुविधा शुरू करने की तैयारी है।
कृषि विभाग ने विभिन्न खाद्य पदार्थों की जांच की फीस तय करने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा है। सरकार की मंजूरी के बाद निर्धारित शुल्क पर लोग अपने खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच करवा सकेंगे।
इससे उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों में मौजूद कीटनाशक अवशेषों की मात्रा का पता चल सकेगा। वहीं, आतमा परियोजना के सौजन्य से प्राकृतिक खेती से तैयार गेहूं और मक्की के नमूनों की जांच किसानों के लिए निशुल्क की जा रही है।
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इससे प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को अपने उत्पाद की गुणवत्ता प्रमाणित कराने में मदद मिलेगी। पहले ऐसे नमूनों की जांच के लिए कृषि विश्वविद्यालय अथवा चंडीगढ़ स्थित निजी प्रयोगशाला का सहारा लेना पड़ता था।
बॉक्स
डिपो के जरिए लोगों तक पहुंच रहा प्राकृतिक खेती का आटा
प्राकृतिक खेती से तैयार गेहूं और मक्की का आटा डिपो के माध्यम से उचित दामों पर लोगों को उपलब्ध करवाया जाता है। ऐसे में इन उत्पादों की वैज्ञानिक जांच और गुणवत्ता प्रमाणन से उपभोक्ताओं का भरोसा और मजबूत होगा।
कोट
निजी तौर पर खाद्य पदार्गों की जांच के लिए फीस तय संबंधी प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा है। आतमा परियोजना के सौजन्य से सरकार स्तर पर प्राकृतिक खेती से तैयार गेहूं और मक्की की जांच निशुल्क है। -राजेश राणा, जिला कृषि अधिकारी
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हमीरपुर। अब आम लोग अपने घर में इस्तेमाल होने वाले गेहूं, मक्की समेत अन्य खाद्य पदार्थों में कीटनाशक अवशेषों की जांच सरकारी प्रयोगशाला में करवा सकेंगे। हमीरपुर स्थित राज्य अपशिष्ट/कीटनाशक परीक्षण प्रयोगशाला में निजी तौर पर खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच की सुविधा शुरू करने की तैयारी है।
कृषि विभाग ने विभिन्न खाद्य पदार्थों की जांच की फीस तय करने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा है। सरकार की मंजूरी के बाद निर्धारित शुल्क पर लोग अपने खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच करवा सकेंगे।
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इससे उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों में मौजूद कीटनाशक अवशेषों की मात्रा का पता चल सकेगा। वहीं, आतमा परियोजना के सौजन्य से प्राकृतिक खेती से तैयार गेहूं और मक्की के नमूनों की जांच किसानों के लिए निशुल्क की जा रही है।
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इससे प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को अपने उत्पाद की गुणवत्ता प्रमाणित कराने में मदद मिलेगी। पहले ऐसे नमूनों की जांच के लिए कृषि विश्वविद्यालय अथवा चंडीगढ़ स्थित निजी प्रयोगशाला का सहारा लेना पड़ता था।
बॉक्स
डिपो के जरिए लोगों तक पहुंच रहा प्राकृतिक खेती का आटा
प्राकृतिक खेती से तैयार गेहूं और मक्की का आटा डिपो के माध्यम से उचित दामों पर लोगों को उपलब्ध करवाया जाता है। ऐसे में इन उत्पादों की वैज्ञानिक जांच और गुणवत्ता प्रमाणन से उपभोक्ताओं का भरोसा और मजबूत होगा।
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निजी तौर पर खाद्य पदार्गों की जांच के लिए फीस तय संबंधी प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा है। आतमा परियोजना के सौजन्य से सरकार स्तर पर प्राकृतिक खेती से तैयार गेहूं और मक्की की जांच निशुल्क है। -राजेश राणा, जिला कृषि अधिकारी