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Hamirpur (Himachal) News: प्री-प्राइमरी कक्षाओं की ऑनलाइन शिक्षा का होगा आकलन
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 18 Jun 2026 01:08 AM IST
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हमीरपुर। जिले की 402 प्राथमिक प्री-प्राइमरी कक्षाओं में ऑनलाइन माध्यम से दिए जा रहे ज्ञान का आकलन किया जाएगा। इसके लिए स्कूलों की विशेष मॉनिटरिंग की जाएगी। जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान गौना करौर की टीम स्कूल स्तर पर तीन से पांच वर्ष के बच्चों का लिखित एवं मौखिक परीक्षण लेगी।
इस परीक्षण में नौनिहालों की भाषा, अंकज्ञान और बोलने की क्षमता की विशेष रूप से परख की जाएगी। इसके बाद खंड स्तर पर सभी स्कूलों के परिणामों की रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर आगामी समय के लिए पढ़ाई की नई रणनीतियां और योजनाएं तैयार की जाएंगी।
वर्तमान में प्री-प्राइमरी कक्षाओं में बच्चों को तीन चरणों में आयु वर्ग के अनुसार शिक्षा दी जा रही है। तीन वर्ष के बच्चों को चित्रों के माध्यम से अंक पहचान, चार वर्ष के बच्चों को बोलने का अभ्यास तथा पांच वर्ष के बच्चों को अंक पहचान के साथ लिखने और बोलने का प्रशिक्षण ऑनलाइन प्रोजेक्टरों के माध्यम से दिया जा रहा है।
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शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन शिक्षा के प्रभावों का मूल्यांकन करने और बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए यह आकलन प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है।
कोट
प्री-प्राइमरी कक्षाओं के विद्यार्थियों को किताबों के साथ ऑनलाइन माध्यम से भी पढ़ाई करवाई जा रही है। स्कूल स्तर पर ज्ञान स्तर के आकलन के लिए डाइट से टीम स्कूलों में टेस्ट लेगी। -भवानी सिंह, जिला समन्वयक, प्री-प्राइमरी, डाइट गौना करौर
इस परीक्षण में नौनिहालों की भाषा, अंकज्ञान और बोलने की क्षमता की विशेष रूप से परख की जाएगी। इसके बाद खंड स्तर पर सभी स्कूलों के परिणामों की रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर आगामी समय के लिए पढ़ाई की नई रणनीतियां और योजनाएं तैयार की जाएंगी।
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वर्तमान में प्री-प्राइमरी कक्षाओं में बच्चों को तीन चरणों में आयु वर्ग के अनुसार शिक्षा दी जा रही है। तीन वर्ष के बच्चों को चित्रों के माध्यम से अंक पहचान, चार वर्ष के बच्चों को बोलने का अभ्यास तथा पांच वर्ष के बच्चों को अंक पहचान के साथ लिखने और बोलने का प्रशिक्षण ऑनलाइन प्रोजेक्टरों के माध्यम से दिया जा रहा है।
शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन शिक्षा के प्रभावों का मूल्यांकन करने और बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए यह आकलन प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है।
कोट
प्री-प्राइमरी कक्षाओं के विद्यार्थियों को किताबों के साथ ऑनलाइन माध्यम से भी पढ़ाई करवाई जा रही है। स्कूल स्तर पर ज्ञान स्तर के आकलन के लिए डाइट से टीम स्कूलों में टेस्ट लेगी। -भवानी सिंह, जिला समन्वयक, प्री-प्राइमरी, डाइट गौना करौर