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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Plan to generate revenue from temple gold and silver stalled; still awaiting action after a year.

Hamirpur (Himachal) News: मंदिरों के सोने-चांदी से कमाई की योजना अटकी, एक साल बाद भी इंतजार

Wed, 19 Aug 2026 12:37 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.) Updated Wed, 19 Aug 2026 12:37 AM IST
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हमीरपुर। हिमाचल के मंदिरों में वर्षों से जमा सोने-चांदी से आमदनी बढ़ाने की योजना एक साल बाद भी धरातल पर नहीं उतर पाई है। अब बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट ने इस दिशा में फिर पहल करते हुए मंदिर कमिश्नर को प्रस्ताव भेजा है।
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योजना कब और किस रूप में लागू होगी, यह सरकार के निर्देशों पर निर्भर है। भाषा एवं संस्कृति विभाग ने वर्ष 2025 में मंदिर न्यासों को सोने-चांदी को बैंक में जमा करवाकर ब्याज के रूप में आय अर्जित करने की योजना पर विचार करने के निर्देश दिए थे।
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इसके बाद न्यासों की बैठकों में प्रस्ताव रखने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन करीब एक साल बाद भी योजना लागू नहीं हो सकी। प्रदेश के मंदिरों के कोषागारों में छह क्विंटल से अधिक सोना और 200 क्विंटल से ज्यादा चांदी जमा होने का अनुमान है।
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बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास के पास ही 30.45 किलो सोना और 3.68 क्विंटल चांदी है। योजना लागू होने पर मंदिरों की इस संपदा से नियमित आमदनी का रास्ता खुल सकता है।
बॉक्क्स

ऐसे होनी थी सोने से कमाई
योजना के तहत मंदिरों में जमा सोने को बैंक की मौजूदगी में शुद्ध करवाकर प्रमाणित किया जाना था। इसके बाद शुद्ध सोना बैंक में जमा करवाकर मंदिर न्यास के नाम खाता खोला जाना था। जमा सोने पर मिलने वाला ब्याज मंदिर की आय में शामिल होना था। इस राशि का इस्तेमाल मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधाएं बढ़ाने और विकास कार्यों पर किया जा सकता है।

ट्रस्टों के जिम्मे व्यवस्था, प्रशासनिक जिम्मेदारी की कमी
वर्ष 2025 में भाषा एवं संस्कृति विभाग ने सभी मंदिर आयुक्तों और उपायुक्तों को योजना पर विचार कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए थे। बैंक अधिकारियों के साथ सोने के शुद्धिकरण और जमा करने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई थी। इसके बावजूद प्रदेश स्तर पर योजना लागू नहीं हो पाई। प्रदेश के सभी मंदिर ट्रस्ट अपने स्तर पर योजना को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक और सरकार की इच्छाशक्ति और प्राथमिकता लेटलतीफी का कारण बन रही है। अब बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट की ओर से नया प्रस्ताव भेजे जाने के बाद इसकी फाइल एक बार फिर आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है।



कोट
मंदिर कमीश्नर एवं डीसी हमीरपुर को इस विषय पर प्रपोजल भेजी गई है। निर्देश मिलने के बाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। -स्वाति डोगरा, चेयरमैन बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट एवं एसडीएम बड़सर
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