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Hamirpur (Himachal) News: हॉट मिक्स प्लांट से फैला जहर... ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर मंडराया खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 30 Mar 2026 05:50 AM IST
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धनेटा के साथ सटी मान खड्ड में लगा हॉट मिक्सर प्लांट जिससे काला गाढ़ा धुआं निकल रहा है कायदे यह
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हमीरपुर जिले के धनेटा के साथ सटी मान खड्ड में स्थापित है हॉट मिक्स प्लांट
पनसाई, डोहग, डढूं, बेहा, मांजरा व दरताल के ग्रामीणों की सेहत पर पड़ रहा असर
संवाद न्यूज एजेंसी
धनेटा (हमीरपुर)। नादौन उपमंडल की पनसाई और धनेटा पंचायत की सीमा पर मान खड्ड में स्थापित तारकोल (बिटुमिन) हॉट मिक्स प्लांट लोगों के लिए गंभीर संकट बनता जा रहा है। प्लांट से निकलने वाला काला धुआं और उड़ती धूल आसपास के गांवों में फैलकर लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल रही है। हालात ऐसे हैं कि पनसाई, डोहग, डढूं, बेहा, मांजरा और दरताल के सैकड़ों ग्रामीण इससे प्रभावित हैं।
प्लांट की लोकेशन के साथ इसकी संचालन व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि इस तरह के प्लांट के संचालन के संबंधित ठेकेदार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मंजूरी लेते हैं, लेकिन इस प्लांट के लिए मंजूरी के तथ्यों पर विभाग ने कोई जवाब नहीं दिया है।
यह प्लांट प्राथमिक स्कूल बेहा से करीब 400 मीटर, रिहायशी क्षेत्र से महज 150 मीटर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धनेटा से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ऐसे में यहां से निकलने वाला धुआं बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों के लिए खतरा बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट से निकलने वाले धुएं के कारण सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं आम हो गई हैं।
सुबह और शाम के समय धुआं अधिक घना हो जाता है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ रही है। कई लोग लगातार खांसी और एलर्जी की शिकायत कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे प्लांट से निकलने वाले धुएं में कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और पीएम 2.5 जैसे सूक्ष्म कण मौजूद होते हैं, जो लंबे समय तक संपर्क में रहने पर दमा, फेफड़ों के संक्रमण और हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकते हैं।
स्थानीय निवासी एवं भाजयुमो के पूर्व प्रदेश सचिव जगदीप शर्मा व अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्लांट से दिनभर काला धुआं निकलता रहता है जो हवा के साथ रिहायशी इलाकों तक पहुंच रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। पनसाई पंचायत के तहत आने वाले गांवों के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि प्लांट को जल्द अन्यत्र शिफ्ट किया जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
कायदे से निकलना चाहिए सफेद धुआं, घातक गैसों की आशंका
मान खड्ड का यह मामला प्रशासन के लिए चेतावनी है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या आने वाले समय में बड़े स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है। जिला स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ ने कहा कि यह सांस से जुड़े गंभीर रोगों का कारण बन सकता है। त्वचा रोग भी इस कारण बढ़ सकते हैं। धुएं की मात्रा ही बल्कि इस प्लांट से कितनी घातक गैस निकल रही है इसका आकलन और निगरानी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जरिये होती है, यदि यह निगरानी यहां पर नहीं हो रही है तो गंभीर स्वास्थ्य खतरे का संकेत है। यह घातक गैस यहां पर काम करने वाले लोगों के लिए जानलेवा हो सकती है। कायदे से प्लांट से सफेद धुआं निकलना चाहिए।
कोट्स
मान खड्ड का यह मामला सिर्फ एक पंचायत का नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण की बड़ी तस्वीर पेश करता है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह समस्या आने वाले समय में गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है। -दिनेश शर्मा, पनसाई पंचायत के पूर्व प्रधान
यह लोगों के स्वास्थ्य से सीधा सीधा खिलवाड़ है। इसी खड्ड से कई गांवों को पीने का पानी सप्लाई होता है। प्रशासन से आग्रह है कि इसे अन्यत्र शिफ्ट किया जाए, ताकि लोगों के जीवन पर बुरा असर न पड़े।-कमल दत्त शर्मा, नादौन बीडीसी के पूर्व चेयरमैन
मामले में संबंधित ठेकेदार से बात की जाएगी। यहां पर रंगस-धनेटा वाया कांगू सड़क के अपग्रेडेशन की 25 करोड़ के परियोजना के लिए यह प्लांट लगाया गया है। सड़क का निर्माण अंतिम चरण में है। हालांकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्लांट के तहत इस तरह के प्लांट की निगरानी होती है।
- राजिंद्र जुबलानी, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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पनसाई, डोहग, डढूं, बेहा, मांजरा व दरताल के ग्रामीणों की सेहत पर पड़ रहा असर
संवाद न्यूज एजेंसी
धनेटा (हमीरपुर)। नादौन उपमंडल की पनसाई और धनेटा पंचायत की सीमा पर मान खड्ड में स्थापित तारकोल (बिटुमिन) हॉट मिक्स प्लांट लोगों के लिए गंभीर संकट बनता जा रहा है। प्लांट से निकलने वाला काला धुआं और उड़ती धूल आसपास के गांवों में फैलकर लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल रही है। हालात ऐसे हैं कि पनसाई, डोहग, डढूं, बेहा, मांजरा और दरताल के सैकड़ों ग्रामीण इससे प्रभावित हैं।
प्लांट की लोकेशन के साथ इसकी संचालन व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि इस तरह के प्लांट के संचालन के संबंधित ठेकेदार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मंजूरी लेते हैं, लेकिन इस प्लांट के लिए मंजूरी के तथ्यों पर विभाग ने कोई जवाब नहीं दिया है।
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यह प्लांट प्राथमिक स्कूल बेहा से करीब 400 मीटर, रिहायशी क्षेत्र से महज 150 मीटर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धनेटा से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ऐसे में यहां से निकलने वाला धुआं बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों के लिए खतरा बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट से निकलने वाले धुएं के कारण सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं आम हो गई हैं।
सुबह और शाम के समय धुआं अधिक घना हो जाता है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ रही है। कई लोग लगातार खांसी और एलर्जी की शिकायत कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे प्लांट से निकलने वाले धुएं में कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और पीएम 2.5 जैसे सूक्ष्म कण मौजूद होते हैं, जो लंबे समय तक संपर्क में रहने पर दमा, फेफड़ों के संक्रमण और हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकते हैं।
स्थानीय निवासी एवं भाजयुमो के पूर्व प्रदेश सचिव जगदीप शर्मा व अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्लांट से दिनभर काला धुआं निकलता रहता है जो हवा के साथ रिहायशी इलाकों तक पहुंच रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। पनसाई पंचायत के तहत आने वाले गांवों के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि प्लांट को जल्द अन्यत्र शिफ्ट किया जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
कायदे से निकलना चाहिए सफेद धुआं, घातक गैसों की आशंका
मान खड्ड का यह मामला प्रशासन के लिए चेतावनी है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या आने वाले समय में बड़े स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है। जिला स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ ने कहा कि यह सांस से जुड़े गंभीर रोगों का कारण बन सकता है। त्वचा रोग भी इस कारण बढ़ सकते हैं। धुएं की मात्रा ही बल्कि इस प्लांट से कितनी घातक गैस निकल रही है इसका आकलन और निगरानी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जरिये होती है, यदि यह निगरानी यहां पर नहीं हो रही है तो गंभीर स्वास्थ्य खतरे का संकेत है। यह घातक गैस यहां पर काम करने वाले लोगों के लिए जानलेवा हो सकती है। कायदे से प्लांट से सफेद धुआं निकलना चाहिए।
कोट्स
मान खड्ड का यह मामला सिर्फ एक पंचायत का नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण की बड़ी तस्वीर पेश करता है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह समस्या आने वाले समय में गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है। -दिनेश शर्मा, पनसाई पंचायत के पूर्व प्रधान
यह लोगों के स्वास्थ्य से सीधा सीधा खिलवाड़ है। इसी खड्ड से कई गांवों को पीने का पानी सप्लाई होता है। प्रशासन से आग्रह है कि इसे अन्यत्र शिफ्ट किया जाए, ताकि लोगों के जीवन पर बुरा असर न पड़े।-कमल दत्त शर्मा, नादौन बीडीसी के पूर्व चेयरमैन
मामले में संबंधित ठेकेदार से बात की जाएगी। यहां पर रंगस-धनेटा वाया कांगू सड़क के अपग्रेडेशन की 25 करोड़ के परियोजना के लिए यह प्लांट लगाया गया है। सड़क का निर्माण अंतिम चरण में है। हालांकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्लांट के तहत इस तरह के प्लांट की निगरानी होती है।
- राजिंद्र जुबलानी, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग