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Hamirpur (Himachal) News: नादौन सिविल अस्पताल में शेड निर्माण पर उठे सवाल, मरीजों की राह में पिलर बन रहे बाधा
Fri, 26 Jun 2026 12:41 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 26 Jun 2026 12:41 AM IST
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-सन्नी, स्थानीय निवासी।
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नादौन(हमीरपुर)। सिविल अस्पताल नादौन में मरीजों और दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए बनाए गए रैंप के समीप लगाए गए लोहे के पिलर आवाजाही में परेशानी का कारण बन रहे हैं। हाल ही में परिसर में बनाए गए लोहे के शेड के कारण आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है।
मरीजों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि शेड निर्माण के दौरान मरीजों की आवाजाही और आपातकालीन परिस्थितियों का ध्यान नहीं रखा गया। उन्होंने कहा कि पिलरों के कारण रास्ता संकरा हो गया है, जिससे गंभीर रूप से घायल मरीजों को स्ट्रेचर पर अस्पताल के भीतर ले जाना मुश्किल हो रहा है।
अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार के निकट बनाए गए शेड के लिए लगाए गए लोहे के पिलर रैंप के बिल्कुल पास स्थापित किए गए हैं। पहले इसी मार्ग से गंभीर मरीजों को आसानी से उपचार कक्ष तक पहुंचाया जाता था, लेकिन अब पिलरों के कारण रास्ता बाधित हो गया है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि आपात स्थिति में स्ट्रेचर को मोड़कर अंदर ले जाने में अधिक समय लग रहा है। उन्होंने निर्माण से पहले उचित निरीक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि भविष्य में मरीजों को ऐसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
कोट्स
मामला संज्ञान में आया है। निर्माण कर रही कंपनी के ठेकेदार को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही स्थिति का निरीक्षण कर उचित समाधान निकाला जाएगा। -डॉ. राजेश भारद्वाज, बीएमओ, नादौन
अस्पताल में आपातकालीन स्थिति में हर एक मिनट महत्वपूर्ण होता है। रैंप के पास लगाए गए लोहे के पिलरों के कारण स्ट्रेचर निकालने में दिक्कत हो रही है। प्रशासन को समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए। -सन्नी, स्थानीय निवासी
दिव्यांगजनों और बुजुर्ग मरीजों के लिए रैंप सबसे बड़ी सुविधा होती है। यदि रैंप के आसपास ही अवरोध खड़े कर दिए जाएंगे, तो इसका उद्देश्य प्रभावित हो जाता है। प्रशासन को जल्द सुधारात्मक कदम उठाने चाहिएं। -जितेंद्र, स्थानीय निवासी
अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में किसी भी निर्माण से पहले मरीजों और दिव्यांगजनों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। शेड बनाना अच्छी बात है, लेकिन उससे सुविधाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिएं। -सुनील, स्थानीय निवासी
रैंप का निर्माण लोगों की सुविधा के लिए किया गया था, लेकिन अब पिलरों के कारण उसका उपयोग सीमित हो गया है। संबंधित विभाग को मौके का निरीक्षण कर जल्द आवश्यक सुधार करने चाहिएं। -विजय चौधरी, स्थानीय निवासी
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मरीजों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि शेड निर्माण के दौरान मरीजों की आवाजाही और आपातकालीन परिस्थितियों का ध्यान नहीं रखा गया। उन्होंने कहा कि पिलरों के कारण रास्ता संकरा हो गया है, जिससे गंभीर रूप से घायल मरीजों को स्ट्रेचर पर अस्पताल के भीतर ले जाना मुश्किल हो रहा है।
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अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार के निकट बनाए गए शेड के लिए लगाए गए लोहे के पिलर रैंप के बिल्कुल पास स्थापित किए गए हैं। पहले इसी मार्ग से गंभीर मरीजों को आसानी से उपचार कक्ष तक पहुंचाया जाता था, लेकिन अब पिलरों के कारण रास्ता बाधित हो गया है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि आपात स्थिति में स्ट्रेचर को मोड़कर अंदर ले जाने में अधिक समय लग रहा है। उन्होंने निर्माण से पहले उचित निरीक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि भविष्य में मरीजों को ऐसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
कोट्स
मामला संज्ञान में आया है। निर्माण कर रही कंपनी के ठेकेदार को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही स्थिति का निरीक्षण कर उचित समाधान निकाला जाएगा। -डॉ. राजेश भारद्वाज, बीएमओ, नादौन
अस्पताल में आपातकालीन स्थिति में हर एक मिनट महत्वपूर्ण होता है। रैंप के पास लगाए गए लोहे के पिलरों के कारण स्ट्रेचर निकालने में दिक्कत हो रही है। प्रशासन को समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए। -सन्नी, स्थानीय निवासी
दिव्यांगजनों और बुजुर्ग मरीजों के लिए रैंप सबसे बड़ी सुविधा होती है। यदि रैंप के आसपास ही अवरोध खड़े कर दिए जाएंगे, तो इसका उद्देश्य प्रभावित हो जाता है। प्रशासन को जल्द सुधारात्मक कदम उठाने चाहिएं। -जितेंद्र, स्थानीय निवासी
अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में किसी भी निर्माण से पहले मरीजों और दिव्यांगजनों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। शेड बनाना अच्छी बात है, लेकिन उससे सुविधाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिएं। -सुनील, स्थानीय निवासी
रैंप का निर्माण लोगों की सुविधा के लिए किया गया था, लेकिन अब पिलरों के कारण उसका उपयोग सीमित हो गया है। संबंधित विभाग को मौके का निरीक्षण कर जल्द आवश्यक सुधार करने चाहिएं। -विजय चौधरी, स्थानीय निवासी

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