{"_id":"6a441a823f480059fd0891d4","slug":"railing-modifications-must-align-with-safety-standards-gurjar-hamirpur-hp-news-c-93-1-una1002-196900-2026-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो रेलिंग में संशोधन : गुर्जर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो रेलिंग में संशोधन : गुर्जर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऊना। अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने कहा कि ऊना बाजार में राष्ट्रीय राजमार्ग के मध्य बनाई जा रही रेलिंग में यदि किसी प्रकार का संशोधन आवश्यक हो तो वह पूरी तरह तकनीकी सुरक्षा मानकों और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही किया जाए। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ने बड़ूही चौक सहित अन्य यातायात प्रभावित क्षेत्रों में ट्रैफिक दबाव और सड़क जाम की स्थिति का अध्ययन कर आवश्यक सुधारात्मक उपाय प्रस्तावित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने राह-वीर (गुड समैरिटन) योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर बल देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला घंटा यानी ‘गोल्डन ऑवर’ सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसमें समय पर सहायता मिलने से घायल व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना पीड़ित को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में सहयोग करने वाले व्यक्ति को योजना के तहत 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने भी रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वाले गुड समैरिटन को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की पहल की है। उन्होंने अधिकारियों को इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी उपमंडल अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में घोषित नो वेंडिंग और नो पार्किंग जोन के क्रियान्वयन की वस्तुस्थिति रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करने को कहा। वहीं, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, पुलिस और लोक निर्माण विभाग को सड़क दुर्घटनाओं का विस्तृत विश्लेषणात्मक आंकड़ा तैयार कर अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
उन्होंने राह-वीर (गुड समैरिटन) योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर बल देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला घंटा यानी ‘गोल्डन ऑवर’ सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसमें समय पर सहायता मिलने से घायल व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना पीड़ित को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में सहयोग करने वाले व्यक्ति को योजना के तहत 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने भी रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वाले गुड समैरिटन को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की पहल की है। उन्होंने अधिकारियों को इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी उपमंडल अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में घोषित नो वेंडिंग और नो पार्किंग जोन के क्रियान्वयन की वस्तुस्थिति रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करने को कहा। वहीं, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, पुलिस और लोक निर्माण विभाग को सड़क दुर्घटनाओं का विस्तृत विश्लेषणात्मक आंकड़ा तैयार कर अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन