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Hamirpur (Himachal) News: पेट्रोल-डीजल महंगा होने से आम परिवारों पर बढ़ेगा महंगाई का बोझ
Thu, 13 Aug 2026 12:38 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 13 Aug 2026 12:38 AM IST
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पवन डोगरा चौकी जम्वाला
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हमीरपुर। प्रदेश सरकार की ओर से अनाथ एवं विधवा सेस लागू किए जाने के बाद हमीरपुर में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ गए हैं। पेट्रोल की कीमत में 71 पैसे और डीजल में 68 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज हुई है।
बुधवार को पेट्रोल 102.01 रुपये और डीजल 94.01 रुपये प्रति लीटर हो गया। पहले से महंगाई की मार झेल रहे आम परिवारों पर ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर पड़ने की आशंका है।
लोगों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से केवल वाहन चालकों का खर्च नहीं बढ़ेगा, बल्कि परिवहन और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी इसका असर पड़ेगा। माल ढुलाई महंगी होने से सब्जियों, खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं।
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नौकरी, कारोबार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए रोजाना निजी वाहनों पर निर्भर परिवारों का मासिक बजट भी प्रभावित होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की सीमित सुविधा के कारण निजी वाहनों पर निर्भरता अधिक है।
लोगों ने सरकार से ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने और महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए राहत देने वाले कदम उठाने की मांग की है।
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डीजल और पेट्रोल पर सेस लगाना सही नहीं है। इससे मध्यम वर्ग पर अधिक प्रभाव पड़ेगा। मध्यम वर्ग के लोग सबसे अधिक निजी क्षेत्र में नौकरी करते हैं। इससे उनकी जेब पर बोझ बढ़ेगा। सरकार को इस संबंध में सोचना चाहिए। -केहर सिंह, निवासी रैल
सरकार को कोई भी टैक्स या सेस लगाने से पहले विचार करना चाहिए। पहले भी डीजल और पेट्रोल के दामों में बढ़ोतरी हुई थी। अब दोबारा से बढ़ोतरी करना उचित नहीं है। -पवन डोगरा, निवासी चौकी जम्बाला
डीजल और पेट्रोल के बढ़े दाम का असर केवल वाहन चलाने वाले व्यक्ति पर नहीं पड़ता है। इसका असर बाजार पर भी देखने को मिलता है। इससे निर्माण सामग्री और अन्य वस्तुओं के दाम भी बढ़ेंगे। -सुरेंद्र सिंह, निवासी मट्टनसिद्ध
टैक्सी चालक पहले ही महंगाई की मार झेल रहे हैं। पहले भी किराये नहीं बढ़े हैं, जबकि डीजल और पेट्रोल में चार से पांच रुपये की वृद्धि हो गई है। अब दोबारा से डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ गए हैं। -अनिल कुमार, प्रधान, टैक्सी यूनियन बड़सर
दाम बढ़ने से बजट पर भी असर पड़ेगा। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से सब्जियों और अन्य खाद्य वस्तुओं के दामों पर प्रभाव पड़ेगा। इससे रसोई का बजट बिगड़ जाएगा। सरकार को सोचना चाहिए। -रेणु बाला, निवासी चकमोह
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बुधवार को पेट्रोल 102.01 रुपये और डीजल 94.01 रुपये प्रति लीटर हो गया। पहले से महंगाई की मार झेल रहे आम परिवारों पर ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर पड़ने की आशंका है।
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लोगों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से केवल वाहन चालकों का खर्च नहीं बढ़ेगा, बल्कि परिवहन और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी इसका असर पड़ेगा। माल ढुलाई महंगी होने से सब्जियों, खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं।
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नौकरी, कारोबार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए रोजाना निजी वाहनों पर निर्भर परिवारों का मासिक बजट भी प्रभावित होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की सीमित सुविधा के कारण निजी वाहनों पर निर्भरता अधिक है।
लोगों ने सरकार से ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने और महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए राहत देने वाले कदम उठाने की मांग की है।
डीजल और पेट्रोल पर सेस लगाना सही नहीं है। इससे मध्यम वर्ग पर अधिक प्रभाव पड़ेगा। मध्यम वर्ग के लोग सबसे अधिक निजी क्षेत्र में नौकरी करते हैं। इससे उनकी जेब पर बोझ बढ़ेगा। सरकार को इस संबंध में सोचना चाहिए। -केहर सिंह, निवासी रैल
सरकार को कोई भी टैक्स या सेस लगाने से पहले विचार करना चाहिए। पहले भी डीजल और पेट्रोल के दामों में बढ़ोतरी हुई थी। अब दोबारा से बढ़ोतरी करना उचित नहीं है। -पवन डोगरा, निवासी चौकी जम्बाला
डीजल और पेट्रोल के बढ़े दाम का असर केवल वाहन चलाने वाले व्यक्ति पर नहीं पड़ता है। इसका असर बाजार पर भी देखने को मिलता है। इससे निर्माण सामग्री और अन्य वस्तुओं के दाम भी बढ़ेंगे। -सुरेंद्र सिंह, निवासी मट्टनसिद्ध
टैक्सी चालक पहले ही महंगाई की मार झेल रहे हैं। पहले भी किराये नहीं बढ़े हैं, जबकि डीजल और पेट्रोल में चार से पांच रुपये की वृद्धि हो गई है। अब दोबारा से डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ गए हैं। -अनिल कुमार, प्रधान, टैक्सी यूनियन बड़सर
दाम बढ़ने से बजट पर भी असर पड़ेगा। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से सब्जियों और अन्य खाद्य वस्तुओं के दामों पर प्रभाव पड़ेगा। इससे रसोई का बजट बिगड़ जाएगा। सरकार को सोचना चाहिए। -रेणु बाला, निवासी चकमोह

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