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Hamirpur (Himachal) News: 62 निवेशकों के नाम होगी जीवन ज्योति की साढ़े तीन मंजिला इमारत
Thu, 13 Aug 2026 12:49 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 13 Aug 2026 12:49 AM IST
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बड़सर (हमीरपुर)। जीवन ज्योति डिपॉजिट्स एंड एडवांसेज लिमिटेड से जुड़े मामले में हमीरपुर जिला उपभोक्ता आयोग ने बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य स्नेह लता और जोगिंद्र महाजन की पीठ ने बड़सर बाजार स्थित कंपनी की साढ़े तीन मंजिला इमारत 62 निवेशकों के नाम करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने संबंधित अधिकारियों को उनके पक्ष में सेल डीड निष्पादित एवं पंजीकृत करने के साथ संपत्ति का इंतकाल भी दर्ज करने निर्देश दिए हैं। दावे के बावजूद फर्म की ओर से समय पर निवेशकों का पैसा न लौटाने के चलते यह मामला उपभोक्ता आयोग तक पहुंचा है।
आयोग ने 22 अप्रैल 2022 को खसरा नंबर 3009 में दर्ज बनी संपत्ति की नीलामी के आदेश दिए थे। कई बार सार्वजनिक नीलामी और फ्लोर-वाइज बोली के बावजूद संपत्ति को उचित खरीदार नहीं मिल सका।
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लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने संपत्ति का मूल्यांकन 89.70 लाख रुपये किया था, जबकि प्रतिवादी आनंद गोपाल भारती ने शपथपत्र में इसका बाजार मूल्य 3.45 करोड़ रुपये बताया। नीलामी में अधिकतम बोली महज 1.20 करोड़ रुपये तक पहुंची।
इसके बाद 62 जमाकर्ताओं ने आयोग के समक्ष शपथपत्र देकर 3.45 करोड़ रुपये के मूल्यांकन पर संपत्ति अपने दावों के अनुपात में लेने पर सहमति जताई। आयोग ने पाया कि इन आवेदकों की कुल डिक्री राशि भी 3.45 करोड़ रुपये से अधिक है।
आयोग के आदेश के बाद मोहिंद्र सिंह और आनंद गोपाल भारती ने परिसर खाली कर इसकी चाबियां आयोग को सौंप दीं। आयोग ने बंदोबस्त तहसीलदार/तहसीलदार बड़सर को 62 आवेदकों के पक्ष में सेल डीड पंजीकृत करने और इंतकाल दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
पंजीकरण शुल्क संबंधित आवेदकों को नियमानुसार देना होगा। वहीं, मोहिंद्र सिंह, प्यार चंद, अमन, पवन और शकुंतला देवी को अगली सुनवाई से पहले अपनी परिसंपत्तियों का विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं
अगली सुनवाई 15 सितंबर को
आयोग ने संबंधित पक्षों को अपनी परिसंपत्तियों का विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। पंजाब नेशनल बैंक और भारतीय स्टेट बैंक को भी अधूरे बैंक रिकॉर्ड की जगह पूरा रिकॉर्ड अगली सुनवाई पर पेश करने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होगी।
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आयोग ने संबंधित अधिकारियों को उनके पक्ष में सेल डीड निष्पादित एवं पंजीकृत करने के साथ संपत्ति का इंतकाल भी दर्ज करने निर्देश दिए हैं। दावे के बावजूद फर्म की ओर से समय पर निवेशकों का पैसा न लौटाने के चलते यह मामला उपभोक्ता आयोग तक पहुंचा है।
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आयोग ने 22 अप्रैल 2022 को खसरा नंबर 3009 में दर्ज बनी संपत्ति की नीलामी के आदेश दिए थे। कई बार सार्वजनिक नीलामी और फ्लोर-वाइज बोली के बावजूद संपत्ति को उचित खरीदार नहीं मिल सका।
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लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने संपत्ति का मूल्यांकन 89.70 लाख रुपये किया था, जबकि प्रतिवादी आनंद गोपाल भारती ने शपथपत्र में इसका बाजार मूल्य 3.45 करोड़ रुपये बताया। नीलामी में अधिकतम बोली महज 1.20 करोड़ रुपये तक पहुंची।
इसके बाद 62 जमाकर्ताओं ने आयोग के समक्ष शपथपत्र देकर 3.45 करोड़ रुपये के मूल्यांकन पर संपत्ति अपने दावों के अनुपात में लेने पर सहमति जताई। आयोग ने पाया कि इन आवेदकों की कुल डिक्री राशि भी 3.45 करोड़ रुपये से अधिक है।
आयोग के आदेश के बाद मोहिंद्र सिंह और आनंद गोपाल भारती ने परिसर खाली कर इसकी चाबियां आयोग को सौंप दीं। आयोग ने बंदोबस्त तहसीलदार/तहसीलदार बड़सर को 62 आवेदकों के पक्ष में सेल डीड पंजीकृत करने और इंतकाल दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
पंजीकरण शुल्क संबंधित आवेदकों को नियमानुसार देना होगा। वहीं, मोहिंद्र सिंह, प्यार चंद, अमन, पवन और शकुंतला देवी को अगली सुनवाई से पहले अपनी परिसंपत्तियों का विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं
अगली सुनवाई 15 सितंबर को
आयोग ने संबंधित पक्षों को अपनी परिसंपत्तियों का विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। पंजाब नेशनल बैंक और भारतीय स्टेट बैंक को भी अधूरे बैंक रिकॉर्ड की जगह पूरा रिकॉर्ड अगली सुनवाई पर पेश करने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होगी।