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Hamirpur (Himachal) News: मानसून में सड़कों पर सफर बना जोखिम, कई मार्ग भूस्खलन के लिहाज से बने संवेदनशील
Sun, 26 Jul 2026 01:28 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 26 Jul 2026 01:28 AM IST
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ऊहल चौक पर बरसात के दिनों में गिरता मलबा। संवाद
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टौणी देवी/हमीरपुर। मानसून के दौरान जिले के कई सड़क मार्ग लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। पहाड़ियों से लगातार मलबा और पत्थर गिरने की घटनाओं ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है।
कई स्थानों को भूस्खलन और दुर्घटना संभावित क्षेत्र माना जाता है, लेकिन वहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। सुजानपुर-संधोल सड़क मार्ग पर सुजानपुर पुल के समीप पहाड़ी से अक्सर मलबा गिरता है। बरसात के दिनों में वाहन चालकों को यहां सावधानी बरतनी पड़ती है।
पिछले मानसून में भी भूस्खलन के कारण यह मार्ग कई घंटों तक बंद रहा था। केंद्रीय रोड फंड (सीआरएफ) के तहत सड़क चौड़ीकरण का कार्य तो किया गया, लेकिन कई स्थानों पर अभी तक क्रैश बैरियर नहीं लगाए गए हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
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जंगलबैरी-बजरौल मार्ग पर पलबू और कुंसरा क्षेत्र भी भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील हैं। खैरी, सचूही और आसपास के क्षेत्रों में बारिश के दौरान नाले उफान पर आ जाते हैं और कई बार पानी सड़क तक पहुंचने से आवाजाही प्रभावित होती है।
वहीं, टौणी देवी क्षेत्र की कई सड़कें भी जोखिम भरी बनी हुई हैं। टौणी देवी-उहल कक्कड़ मार्ग, गांव छतरूरू संपर्क मार्ग और झनिक्कर-पलहाल सड़क पर कई मोड़ और ढलान ऐसे हैं, जहां बरसात में हादसों की आशंका बनी रहती है। बारिश के दौरान सड़क पर मलबा आने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ऊहल, चौक, कोल्हूसिद्ध में पहाड़ी से गिरता है मलबा
राष्ट्रीय राजमार्ग-03 पर ऊहल चौक, कोल्हूसिद्ध, झनिक्कर और दरकोटी सहित कई स्थान भी भूस्खलन संभावित हैं। लगातार बारिश के दौरान पहाड़ियों से पत्थर और मलबा गिरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिससे यातायात प्रभावित होने के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है। ऊहल चौक में डंगों का काम अधर में है। स्थानीय लोगों में दीपक, सुभाष, रंजीत आदि ने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, क्रैश बैरियर और नियमित निगरानी की व्यवस्था की जानी चाहिए।
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बरसात के दिनों में कोल्हूसिद्ध प्वाइंट में मलबा गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। निर्माण कंपनी से आग्रह है कि मलबा गिरने पर तुरंत इसे हटाया जाए। -सुनील, निवासी बारीं
एनएच 03 निर्माण कंपनी ने कई जगह काम अधूरा छोड़ा है। बरसात के दिनों में पहाड़ी से मलबा गिरने से सफर जोखिम भरा रहता है। -मदन लाल, निवासी दरकोटी
कोट
लोगों को पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करनी चाहिए। गांव के संपर्क मार्गों पर पानी की निकासी उचित होनी चाहिए। जब भी मलबा आता है, उसे उठा देते हैं। प्रोटेक्शन भी लगा देते हैं। -पवन गुलेरिया, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग कक्कड़
दुर्घटना संभावित क्षेत्र काफी हैं। डीसी की अध्यक्षता में कमेटी ब्लैक स्पॉट को चिह्नित करती हैं। ऐसे संभावित स्पॉट की सूची जिला प्रशासन को भेजी गई है। -नितिश, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग टौणी देवी
सुजानपुर पुल के समीप भूस्खलन संभावित क्षेत्र है। यहां पर बरसात में भूस्खलन होता है। सुजानपुर-संधोल मार्ग में क्रैश बैरियर लगाए हैं। -राजेश कपिला, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग, सुजानपुर
एनएच 03 कंपनी की ओर से शीघ्रता से काम किया जा रहा है। जल्द ही डंगे लगा दिए जाएंगे। -अंकित सिंह, हाइवे इंजीनियर, एनएच 03 निर्माण कंपनी
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कई स्थानों को भूस्खलन और दुर्घटना संभावित क्षेत्र माना जाता है, लेकिन वहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। सुजानपुर-संधोल सड़क मार्ग पर सुजानपुर पुल के समीप पहाड़ी से अक्सर मलबा गिरता है। बरसात के दिनों में वाहन चालकों को यहां सावधानी बरतनी पड़ती है।
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पिछले मानसून में भी भूस्खलन के कारण यह मार्ग कई घंटों तक बंद रहा था। केंद्रीय रोड फंड (सीआरएफ) के तहत सड़क चौड़ीकरण का कार्य तो किया गया, लेकिन कई स्थानों पर अभी तक क्रैश बैरियर नहीं लगाए गए हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
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जंगलबैरी-बजरौल मार्ग पर पलबू और कुंसरा क्षेत्र भी भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील हैं। खैरी, सचूही और आसपास के क्षेत्रों में बारिश के दौरान नाले उफान पर आ जाते हैं और कई बार पानी सड़क तक पहुंचने से आवाजाही प्रभावित होती है।
वहीं, टौणी देवी क्षेत्र की कई सड़कें भी जोखिम भरी बनी हुई हैं। टौणी देवी-उहल कक्कड़ मार्ग, गांव छतरूरू संपर्क मार्ग और झनिक्कर-पलहाल सड़क पर कई मोड़ और ढलान ऐसे हैं, जहां बरसात में हादसों की आशंका बनी रहती है। बारिश के दौरान सड़क पर मलबा आने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ऊहल, चौक, कोल्हूसिद्ध में पहाड़ी से गिरता है मलबा
राष्ट्रीय राजमार्ग-03 पर ऊहल चौक, कोल्हूसिद्ध, झनिक्कर और दरकोटी सहित कई स्थान भी भूस्खलन संभावित हैं। लगातार बारिश के दौरान पहाड़ियों से पत्थर और मलबा गिरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिससे यातायात प्रभावित होने के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है। ऊहल चौक में डंगों का काम अधर में है। स्थानीय लोगों में दीपक, सुभाष, रंजीत आदि ने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, क्रैश बैरियर और नियमित निगरानी की व्यवस्था की जानी चाहिए।
बरसात के दिनों में कोल्हूसिद्ध प्वाइंट में मलबा गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। निर्माण कंपनी से आग्रह है कि मलबा गिरने पर तुरंत इसे हटाया जाए। -सुनील, निवासी बारीं
एनएच 03 निर्माण कंपनी ने कई जगह काम अधूरा छोड़ा है। बरसात के दिनों में पहाड़ी से मलबा गिरने से सफर जोखिम भरा रहता है। -मदन लाल, निवासी दरकोटी
कोट
लोगों को पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करनी चाहिए। गांव के संपर्क मार्गों पर पानी की निकासी उचित होनी चाहिए। जब भी मलबा आता है, उसे उठा देते हैं। प्रोटेक्शन भी लगा देते हैं। -पवन गुलेरिया, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग कक्कड़
दुर्घटना संभावित क्षेत्र काफी हैं। डीसी की अध्यक्षता में कमेटी ब्लैक स्पॉट को चिह्नित करती हैं। ऐसे संभावित स्पॉट की सूची जिला प्रशासन को भेजी गई है। -नितिश, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग टौणी देवी
सुजानपुर पुल के समीप भूस्खलन संभावित क्षेत्र है। यहां पर बरसात में भूस्खलन होता है। सुजानपुर-संधोल मार्ग में क्रैश बैरियर लगाए हैं। -राजेश कपिला, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग, सुजानपुर
एनएच 03 कंपनी की ओर से शीघ्रता से काम किया जा रहा है। जल्द ही डंगे लगा दिए जाएंगे। -अंकित सिंह, हाइवे इंजीनियर, एनएच 03 निर्माण कंपनी

ऊहल चौक पर बरसात के दिनों में गिरता मलबा। संवाद

ऊहल चौक पर बरसात के दिनों में गिरता मलबा। संवाद

ऊहल चौक पर बरसात के दिनों में गिरता मलबा। संवाद