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Hamirpur (Himachal) News: सीवरेज व्यवस्था फाइलों में दफन, जमली खड्ड की धारा कचरे में तोड़ रही दम
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 23 Mar 2026 12:53 AM IST
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जमली खड्ड में फेंका गया कचरा। संवाद।
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हमीरपुर। दर्जनों गांवों के लिए जीवनदायिनी जमली खड्ड की धारा कचरे और गंदगी में दम तोड़ती दिख रही है। कभी स्वच्छ जलधारा के लिए पहचानी जाने वाली यह खड्ड अब प्रदूषण का पर्याय बनती जा रही है।
हालात ऐसे हैं कि इस खड्ड के किनारे बसे क्षेत्र में सिवरेज लाइन बिछाने के बावजूद घरों को कनेक्शन देने की प्रक्रिया वर्षों से फाइलों में दबी हुई है। जमली खड्ड केवल उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट से ही नहीं जूझ रही, बल्कि बाजार क्षेत्र और घरों से फेंका जा रहा कचरा भी जलधारा को दूषित कर रहा है। बड़ू बाजार से लेकर बरोहा और जमली तक खड्ड के किनारे कचरे के ढेर लगे हैं।
पंचायतों की ओर लगाए गए जागरूकता बोर्ड अब खुद कचरे के ढेर के बीच खड़े नजर आते हैं। अब यह एरिया नगर निगम में शामिल हो गया है। नगर परिषद के समय बड़ू क्षेत्र को शहर में शामिल कर सिवरेज लाइन बिछाई गई थी, लेकिन जमीनी विवाद के चलते घरों को कनेक्शन नहीं मिल सके। वर्षों से विवाद सुलझ न पाने के कारण समस्या और गहरी हो गई है।
अब स्थिति यह है कि क्षेत्र में एक दर्जन के करीब पीजी संचालित हैं, लेकिन सिवरेज सुविधा के अभाव में गंदा पानी खुले में या खड्ड की ओर बहने की आशंका बनी रहती है। हाल ही में क्षेत्र में पीलिया के मामलों के बाद बड़ू-मोहिं पेयजल योजना की आपूर्ति भी संदेह के घेरे में आ गई है। जमली खड्ड आगे चलकर कुनाह खड्ड में मिलती है, जहां से दर्जनों पेयजल योजनाएं संचालित हैं।
ऐसे में यहां की स्वच्छता सीधे हजारों लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में पेयजल योजनाओं के सैंपल ही नहीं, बल्कि बोरवेल के नमूने भी फेल पाए गए। इससे स्पष्ट है कि जलस्रोतों की स्वच्छता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा हुआ है। बरोहा और जमली सहित आसपास के गांव अब नगर निगम में शामिल हो चुके हैं। निगम प्रशासन डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की योजना पर काम कर रहा है, लेकिन जागरूकता के अभाव में लोग अब भी कचरा सीधे जलधारा में फेंक रहे हैं। नतीजतन, जलजनित रोगों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
सिवरेज व्यवस्था के लिए दोबारा सर्वे शुरू
नगर निगम गठन के बावजूद हमीरपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में सैकड़ों घर अब भी सिवरेज लाइन से नहीं जुड़े हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर लाइनें तो बिछा दी गईं, लेकिन कनेक्शन अधूरे रह गए। अब जल शक्ति विभाग दोबारा सर्वे कर पुराने और नए शामिल क्षेत्रों को सिवरेज नेटवर्क से जोड़ने की योजना बना रहा है। अब यहां पर दोबारा सर्वें शुरू कर दिया गया है।
कोट्स
विभाग सर्वे कर रहा है। जल्द रिपोर्ट नगर निगम से साझा की जाएगी। निगम में शामिल नए क्षेत्रों और पूर्व में बचे घरों को सिवरेज लाइन से जोड़ा जाएगा। -राकेश गर्ग, अधिशाषी अभियंता, जल शक्ति विभाग मंडल हमीरपुर
लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। मौजूदा कचरे को हटाकर क्षेत्र में स्वच्छता सुनिश्चित की जाएगी। जल्द ही फील्ड में जाकर लोगों से संवाद भी करेंगे।
-राकेश शर्मा, कमिश्नर, नगर निगम हमीरपुर
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हालात ऐसे हैं कि इस खड्ड के किनारे बसे क्षेत्र में सिवरेज लाइन बिछाने के बावजूद घरों को कनेक्शन देने की प्रक्रिया वर्षों से फाइलों में दबी हुई है। जमली खड्ड केवल उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट से ही नहीं जूझ रही, बल्कि बाजार क्षेत्र और घरों से फेंका जा रहा कचरा भी जलधारा को दूषित कर रहा है। बड़ू बाजार से लेकर बरोहा और जमली तक खड्ड के किनारे कचरे के ढेर लगे हैं।
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पंचायतों की ओर लगाए गए जागरूकता बोर्ड अब खुद कचरे के ढेर के बीच खड़े नजर आते हैं। अब यह एरिया नगर निगम में शामिल हो गया है। नगर परिषद के समय बड़ू क्षेत्र को शहर में शामिल कर सिवरेज लाइन बिछाई गई थी, लेकिन जमीनी विवाद के चलते घरों को कनेक्शन नहीं मिल सके। वर्षों से विवाद सुलझ न पाने के कारण समस्या और गहरी हो गई है।
अब स्थिति यह है कि क्षेत्र में एक दर्जन के करीब पीजी संचालित हैं, लेकिन सिवरेज सुविधा के अभाव में गंदा पानी खुले में या खड्ड की ओर बहने की आशंका बनी रहती है। हाल ही में क्षेत्र में पीलिया के मामलों के बाद बड़ू-मोहिं पेयजल योजना की आपूर्ति भी संदेह के घेरे में आ गई है। जमली खड्ड आगे चलकर कुनाह खड्ड में मिलती है, जहां से दर्जनों पेयजल योजनाएं संचालित हैं।
ऐसे में यहां की स्वच्छता सीधे हजारों लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में पेयजल योजनाओं के सैंपल ही नहीं, बल्कि बोरवेल के नमूने भी फेल पाए गए। इससे स्पष्ट है कि जलस्रोतों की स्वच्छता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा हुआ है। बरोहा और जमली सहित आसपास के गांव अब नगर निगम में शामिल हो चुके हैं। निगम प्रशासन डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की योजना पर काम कर रहा है, लेकिन जागरूकता के अभाव में लोग अब भी कचरा सीधे जलधारा में फेंक रहे हैं। नतीजतन, जलजनित रोगों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
सिवरेज व्यवस्था के लिए दोबारा सर्वे शुरू
नगर निगम गठन के बावजूद हमीरपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में सैकड़ों घर अब भी सिवरेज लाइन से नहीं जुड़े हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर लाइनें तो बिछा दी गईं, लेकिन कनेक्शन अधूरे रह गए। अब जल शक्ति विभाग दोबारा सर्वे कर पुराने और नए शामिल क्षेत्रों को सिवरेज नेटवर्क से जोड़ने की योजना बना रहा है। अब यहां पर दोबारा सर्वें शुरू कर दिया गया है।
कोट्स
विभाग सर्वे कर रहा है। जल्द रिपोर्ट नगर निगम से साझा की जाएगी। निगम में शामिल नए क्षेत्रों और पूर्व में बचे घरों को सिवरेज लाइन से जोड़ा जाएगा। -राकेश गर्ग, अधिशाषी अभियंता, जल शक्ति विभाग मंडल हमीरपुर
लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। मौजूदा कचरे को हटाकर क्षेत्र में स्वच्छता सुनिश्चित की जाएगी। जल्द ही फील्ड में जाकर लोगों से संवाद भी करेंगे।
-राकेश शर्मा, कमिश्नर, नगर निगम हमीरपुर

जमली खड्ड में फेंका गया कचरा। संवाद।

जमली खड्ड में फेंका गया कचरा। संवाद।