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Hamirpur (Himachal) News: मेडिकल कॉलेज भवन की दोबारा होगी तकनीकी टेस्टिंग, शिफ्टिंग की प्रक्रिया तेज
Tue, 30 Jun 2026 12:30 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 30 Jun 2026 12:30 AM IST
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मुख्यमंत्री के जुलाई के पहले सप्ताह में शिफ्टिंग के दावे के बाद विभागों में हलचल, मंगलवार को अहम बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। नादौन विधानसभा क्षेत्र के जोलसप्पड़ स्थित नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के भवन को डेढ़ साल बाद दोबारा तकनीकी जांच की प्रक्रिया से गुजरना होगा। बिजली, पानी, सीसीटीवी, मेडिकल गैस पाइपलाइन सहित अन्य व्यवस्थाओं की टेस्टिंग के बाद ही भवन को केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) से प्रदेश लोक निर्माण विभाग के हवाले किया जाएगा।
इस दिशा में मंगलवार को निर्माण एजेंसी, लोक निर्माण विभाग, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक प्रस्तावित है, जिसमें भवन हस्तांतरण की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने पर मंथन होगा। कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नए परिसर का निरीक्षण कर जुलाई के पहले सप्ताह में मेडिकल कॉलेज को नए कैंपस में शिफ्ट करने का दावा किया था। इसके बाद सरकार ने संबंधित विभागों को प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
इन्हीं निर्देशों के तहत मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई है, जिसमें भवन और स्थापित मशीनरी के हस्तांतरण से जुड़ी औपचारिकताओं पर चर्चा होगी। करीब डेढ़ वर्ष पहले 280 बेड क्षमता वाले अस्पताल और प्रशासनिक ब्लॉक का निर्माण पूरा हो चुका था। उस समय भवन हस्तांतरण से पहले आवश्यक तकनीकी परीक्षण भी किए गए थे, लेकिन विभिन्न कारणों से भवन हस्तांतरित नहीं हो सका।
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लंबे समय तक भवन बंद रहने के कारण अब दोबारा सभी तकनीकी व्यवस्थाओं की टेस्टिंग कराई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की कमी सामने आने पर उसे समय रहते दूर किया जा सके। यदि मंगलवार की बैठक में सहमति बनती है और तकनीकी औपचारिकताएं तय समय पर पूरी हो जाती हैं तो मुख्यमंत्री के दावे के अनुरूप जुलाई के पहले सप्ताह में मेडिकल कॉलेज को नए परिसर में शिफ्ट करने का रास्ता साफ हो सकता है। मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद से पिछले आठ वर्षों से यह क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर परिसर से संचालित हो रहा है।
36 करोड़ के भुगतान और फर्नीचर पर अब भी अटका मामला
भवन हस्तांतरण की प्रक्रिया के बीच करीब 36 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान का मुद्दा अभी भी पूरी तरह नहीं सुलझा है। निर्माण एजेंसी ने प्रदेश सरकार से भुगतान की मांग करते हुए पत्राचार किया है। भुगतान होने के बाद ही मेडिकल गैस पाइपलाइन सिस्टम (एमजीपीएस) और ऑपरेशन थियेटर की अंतिम तकनीकी टेस्टिंग कराई जाएगी, जो अस्पताल संचालन के लिए बेहद जरूरी मानी जा रही है। वहीं, अस्पताल और प्रशासनिक ब्लॉक में एचपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एचपीएसईडीसी) की ओर से फर्नीचर लगाया जाना भी अभी बाकी है। ऐसे में भवन हस्तांतरण के साथ-साथ इन लंबित कार्यों को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
कोट्स
मेडिकल कॉलेज के नए कैंपस में प्रस्तावित बैठक में शामिल होंगे। इस दौरान भवन के हस्तांतरण को लेकर चर्चा प्रस्तावित है। टेस्टिंग की औपचारिकताएं पूरा करने के कार्य के आगे बढ़ने की उम्मीद है।
- राजिंद्र जुबलानी, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग मंडल नादौन
मंगलवार को केंद्रीय लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में भवन हस्तांतरण की प्रक्रिया को पूरा करने पर चर्चा होगी। प्रदेश सरकार के निर्देशों पर इस कार्य को अतिशीघ्र पूरा करने के प्रयास हैं।
- डॉ रमेश भारती, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर
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संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। नादौन विधानसभा क्षेत्र के जोलसप्पड़ स्थित नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के भवन को डेढ़ साल बाद दोबारा तकनीकी जांच की प्रक्रिया से गुजरना होगा। बिजली, पानी, सीसीटीवी, मेडिकल गैस पाइपलाइन सहित अन्य व्यवस्थाओं की टेस्टिंग के बाद ही भवन को केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) से प्रदेश लोक निर्माण विभाग के हवाले किया जाएगा।
इस दिशा में मंगलवार को निर्माण एजेंसी, लोक निर्माण विभाग, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक प्रस्तावित है, जिसमें भवन हस्तांतरण की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने पर मंथन होगा। कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नए परिसर का निरीक्षण कर जुलाई के पहले सप्ताह में मेडिकल कॉलेज को नए कैंपस में शिफ्ट करने का दावा किया था। इसके बाद सरकार ने संबंधित विभागों को प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
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इन्हीं निर्देशों के तहत मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई है, जिसमें भवन और स्थापित मशीनरी के हस्तांतरण से जुड़ी औपचारिकताओं पर चर्चा होगी। करीब डेढ़ वर्ष पहले 280 बेड क्षमता वाले अस्पताल और प्रशासनिक ब्लॉक का निर्माण पूरा हो चुका था। उस समय भवन हस्तांतरण से पहले आवश्यक तकनीकी परीक्षण भी किए गए थे, लेकिन विभिन्न कारणों से भवन हस्तांतरित नहीं हो सका।
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लंबे समय तक भवन बंद रहने के कारण अब दोबारा सभी तकनीकी व्यवस्थाओं की टेस्टिंग कराई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की कमी सामने आने पर उसे समय रहते दूर किया जा सके। यदि मंगलवार की बैठक में सहमति बनती है और तकनीकी औपचारिकताएं तय समय पर पूरी हो जाती हैं तो मुख्यमंत्री के दावे के अनुरूप जुलाई के पहले सप्ताह में मेडिकल कॉलेज को नए परिसर में शिफ्ट करने का रास्ता साफ हो सकता है। मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद से पिछले आठ वर्षों से यह क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर परिसर से संचालित हो रहा है।
36 करोड़ के भुगतान और फर्नीचर पर अब भी अटका मामला
भवन हस्तांतरण की प्रक्रिया के बीच करीब 36 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान का मुद्दा अभी भी पूरी तरह नहीं सुलझा है। निर्माण एजेंसी ने प्रदेश सरकार से भुगतान की मांग करते हुए पत्राचार किया है। भुगतान होने के बाद ही मेडिकल गैस पाइपलाइन सिस्टम (एमजीपीएस) और ऑपरेशन थियेटर की अंतिम तकनीकी टेस्टिंग कराई जाएगी, जो अस्पताल संचालन के लिए बेहद जरूरी मानी जा रही है। वहीं, अस्पताल और प्रशासनिक ब्लॉक में एचपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एचपीएसईडीसी) की ओर से फर्नीचर लगाया जाना भी अभी बाकी है। ऐसे में भवन हस्तांतरण के साथ-साथ इन लंबित कार्यों को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
कोट्स
मेडिकल कॉलेज के नए कैंपस में प्रस्तावित बैठक में शामिल होंगे। इस दौरान भवन के हस्तांतरण को लेकर चर्चा प्रस्तावित है। टेस्टिंग की औपचारिकताएं पूरा करने के कार्य के आगे बढ़ने की उम्मीद है।
- राजिंद्र जुबलानी, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग मंडल नादौन
मंगलवार को केंद्रीय लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में भवन हस्तांतरण की प्रक्रिया को पूरा करने पर चर्चा होगी। प्रदेश सरकार के निर्देशों पर इस कार्य को अतिशीघ्र पूरा करने के प्रयास हैं।
- डॉ रमेश भारती, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर