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Hamirpur (Himachal) News: मकान पर मंडरा रहा पेड़ का खतरा, एक साल बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
Sat, 18 Jul 2026 01:45 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 18 Jul 2026 01:45 AM IST
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हमीरपुर। ग्राम पंचायत लंजियाणा के गांव लंजियाणा निवासी अजय कुमार ने अपने मकान के समीप खड़े पेड़ को जल्द हटाने की मांग को लेकर प्रशासन से गुहार लगाई है। उनका कहना है कि पेड़ के कारण मकान को लगातार नुकसान पहुंच रहा है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
यह पेड़ किसी अन्य व्यक्ति की निजी जमीन पर है। अजय ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले उन्होंने प्रशासन को लिखित शिकायत देकर पेड़ से उत्पन्न खतरे की जानकारी दी थी। एसडीएम नादौन निशांत शर्मा ने लगभग तीन माह पहले पेड़ काटने के निर्देश जारी किए थे, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि पेड़ की जड़ों और उसके दबाव से मकान की दीवारों में दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं। तेज हवा या आंधी के दौरान पेड़ के हिलने से मकान की सुरक्षा को गंभीर खतरा बना रहता है। उनका कहना है कि समय रहते पेड़ हटाकर संभावित हादसे को टाला जा सकता है।
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एसडीएम नादौन निशांत शर्मा ने बताया कि पेड़ काटने के संबंध में तीन माह पहले आवश्यक निर्देश जारी किए जा चुके हैं। यदि अब तक कार्रवाई नहीं हुई है तो शिकायतकर्ता एसडीएम कोर्ट में दोबारा आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। उन्होंने कहा कि यदि पेड़ निजी भूमि में है तो उसे हटाने की जिम्मेदारी संबंधित भूमि मालिक की होगी। विवाद की स्थिति में प्रभावित पक्ष जिला न्यायालय में भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है।
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यह पेड़ किसी अन्य व्यक्ति की निजी जमीन पर है। अजय ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले उन्होंने प्रशासन को लिखित शिकायत देकर पेड़ से उत्पन्न खतरे की जानकारी दी थी। एसडीएम नादौन निशांत शर्मा ने लगभग तीन माह पहले पेड़ काटने के निर्देश जारी किए थे, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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उन्होंने बताया कि पेड़ की जड़ों और उसके दबाव से मकान की दीवारों में दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं। तेज हवा या आंधी के दौरान पेड़ के हिलने से मकान की सुरक्षा को गंभीर खतरा बना रहता है। उनका कहना है कि समय रहते पेड़ हटाकर संभावित हादसे को टाला जा सकता है।
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एसडीएम नादौन निशांत शर्मा ने बताया कि पेड़ काटने के संबंध में तीन माह पहले आवश्यक निर्देश जारी किए जा चुके हैं। यदि अब तक कार्रवाई नहीं हुई है तो शिकायतकर्ता एसडीएम कोर्ट में दोबारा आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। उन्होंने कहा कि यदि पेड़ निजी भूमि में है तो उसे हटाने की जिम्मेदारी संबंधित भूमि मालिक की होगी। विवाद की स्थिति में प्रभावित पक्ष जिला न्यायालय में भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है।