Himachal: हाईकोर्ट का सरकार को अल्टीमेटम, आयुष्मान और हिमकेयर के बिलों का दो सप्ताह में करे पूरा भुगतान
प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आयुष्मान भारत और हिमकेयर योजना के तहत उपचार प्रदान करने वाले निजी अस्पतालों के लंबित बिलों का पूरा भुगतान दो सप्ताह में करने का आदेश दिया है।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आयुष्मान भारत और हिमकेयर योजना के तहत उपचार प्रदान करने वाले निजी अस्पतालों के लंबित बिलों का पूरा भुगतान दो सप्ताह में करने का आदेश दिया है। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने यह आदेश अस्पतालों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया। अदालत ने कहा कि यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होना होगा। मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी।
अदालत ने कहा कि अस्पतालों की ओर से सेवाएं प्रदान करने के बाद उनके स्वीकृत बिलों का भुगतान न करना संविधान के अनुच्छेद 301ए के तहत संपत्ति के अधिकार का उल्लंघन है। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि समय पर भुगतान नहीं किया गया तो अस्पतालों के पास नकदी की कमी हो जाएगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी और जनता को नुकसान उठाना पड़ेगा। अदालत ने राज्य सरकार को कहा कि एक मॉडल नियोक्ता और कल्याणकारी राज्य होने के नाते उसे अपने अनुबंधों का सम्मान करना चाहिए और सार्वजनिक कार्यों में जवाबदेही बनाए रखनी चाहिए। अदालत को बताया गया कि प्रतिवादी हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य बीमा योजना सोसायटी के दो वित्तीय वर्ष में 201.16 करोड़ से अधिक के दावे लंबित हैं।
हालांकि, योजना के तहत केंद्र और राज्य का बजट आवंटन केवल 55 करोड़ प्रतिवर्ष है। केंद्र सरकार की ओर से अदालत को सूचित किया गया है कि उसने योजना के तहत अपने हिस्से की 90 फीसदी राशि राज्य की कार्यकारी एजेंसी को जारी कर दी है। अदालत को बताया गया कि सूर्या अस्पताल के हिमकेयर के 2.92 करोड़, सिटी हार्ट सुपर स्पेशलिटी के लगभग 4.19 करोड़ और हरिहर अस्पताल के 3.2 करोड़ के बिल लंबित हैं। अदालत में दोनों स्वास्थ्य योजनाओं के तहत पैनल में शामिल 23 याचिकाकर्ताओं ने याचिकाएं दायर की हैं। अस्पतालों का कहना है कि उन्होंने मरीजों को कैशलेस उपचार प्रदान किया है। बिलों को विभाग की ओर अनुमोदित भी कर दिया गया है। इसके बावजूद लंबे समय से सरकार भुगतान नहीं कर रही है।