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हिमाचल: पंचायत चुनाव जीती आशा वर्करों को हाईकोर्ट से मिली राहत, पूरा करेंगी अपना कार्यकाल

Thu, 03 Sep 2026 06:00 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 03 Sep 2026 06:00 AM IST
सार

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बल पर चुनाव लड़कर जीत दर्ज करने वाली आशा वर्कर अपना पांच साल का निर्धारित कार्यकाल पूरा कर सकती है। 

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Himachal: Asha workers who won Panchayat elections get relief from High Court; will complete their term.
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पंचायतीराज चुनाव और आशा वर्करों की योग्यता से जुड़ी याचिका पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बल पर चुनाव लड़कर जीत दर्ज करने वाली आशा वर्कर अपना पांच साल का निर्धारित कार्यकाल पूरा कर सकती है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल और न्यायाधीश योगेश जसवाल की खंडपीठ ने कहा कि चूंकि याचिकाकर्ता चुनाव लड़कर जीत चुकी हैं, इसलिए अब इस याचिका के गुण-दोष पर विचार करना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने 2 मई 2026 के विवादित आदेश की वैधता पर कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है और इस कानूनी बिंदु को भविष्य के लिए खुला रखा है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आशा वर्कर चुनाव लड़ने के योग्य हैं या नहीं, इस कानूनी पहलू पर कोर्ट ने अभी कोई पक्का फैसला नहीं दिया है और इसे भविष्य के लिए खुला रखा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस फैसले को भविष्य के लिए अन्य मामले में नजीर न माना जाए। यह आदेश इस मामले की विशेष परिस्थितियों (विशेष रूप से 3 उम्मीदवारों के चुनाव जीतने) को ध्यान में रखकर दिया गया है, इसलिए इसे भविष्य के मामलों के लिए कोई पूर्व उदाहरण न माना जाए।

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उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने 2 मई 2026 को एक स्पष्टीकरण आदेश जारी किया था, जिसके तहत आशा वर्करों को हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 122(1)(जी) के तहत अयोग्य घोषित करते हुए पंचायत चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था। सरकार का मानना था कि वे पद पर रहते हुए पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकती। इसके खिलाफ रीना देवी और उनकी 6 अन्य ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उनका तर्क था कि वे सरकारी कर्मचारी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मानदेय पर काम करने वाली स्वयंसेवी हैं। इसलिए उन पर यह अयोग्यता लागू नहीं होती। अदालत ने सरकार के अयोग्यता वाले आदेश पर रोक लगा दी थी। कोर्ट से हरी झंडी मिलते ही याचिकाकर्ताओं ने चुनाव लड़ा। नतीजे आए तो 7 में से 3 आशा वर्कर रीना देवी, चंद्रेश कुमारी और कमला देवी शानदार जीत दर्ज कर पंचायत प्रतिनिधि बन गई। पीठ ने मामले का निपटारा करते हुए कहा कि चूंकि उम्मीदवार अब चुनाव जीतकर आ चुकी हैं, इसलिए इस मामले को यही निपटाना न्याय हित में होगा। नियम सही था या गलत, इस पर कोर्ट ने अभी पक्की मुहर नहीं लगाई है,मामला भविष्य के लिए खुला है। यह राहत सिर्फ इन 3 जीती हुई महिलाओं के लिए है, इसे देखकर कल कोई और उदाहरण नहीं दे सकता।

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