Himachal Assembly: नशा तस्करी में पुलिस कर्मियों की संलिप्तता पर सदन में गूंजा अमर उजाला
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि अमर उजाला ने भी तो यही लिखा गया है कि पुलिस ने ही पुलिसकर्मियों को पकड़ा है। नशा तीन साल में नहीं फैला।
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नशे की तस्करी में संलिप्त पुलिस कर्मियों पर शुक्रवार को सदन खूब तपा। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सदन में एलएसडी तस्करी के मामले में संलिप्त पुलिस कर्मियों का उदाहरण देते हुए कहा कि स्पेशल टास्क फोर्स में लगाए गए कर्मचारी ही धंधे में लगे हुए हैं। उन्होंने अखबार की कतरन को दिखाते हुए कहा कि यह खबर अमर उजाला में भी छपी है। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि अमर उजाला ने भी तो यही लिखा गया है कि पुलिस ने ही पुलिसकर्मियों को पकड़ा है। नशा तीन साल में नहीं फैला। पिछली सरकार के समय में नशा माफिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। पिट एनडीपीएस एक्ट को भी लागू नहीं किया। जयराम ठाकुर ने प्रश्नकाल से पहले ही इस विषय पर बात करने को कहा। विस अध्यक्ष ने इस विषय को प्रश्नकाल के बाद शून्यकाल में लाने को कहा। शून्यकाल में जयराम ने मामला उठाया कि सिंथेटिक दवाओं का दौर चला हुआ है। दूरदराज के इलाकों में ड्रग्स पहुंच रही है। पुलिस पर कानून-व्यवस्था का बहुत बड़ा जिम्मा है। एलएसडी तस्करी के आरोप में चार लोग गिरफ्तार किए गए हैं। अमर उजाला में खबर छपी है कि एलएसडी तस्करी में पकड़ने के बाद आरोपी छोड़ दिए थे। कुल्लू में दो करोड़ रुपये की खेप पकड़ी गई, इसमें पुलिसकर्मी पकड़े गए। क्या इसी बात से संतोष कर रहे हैं कि बहुत बड़े-बड़े वाकथॉन कर दिए।
हर बात पर सनसनी फैला रहे विपक्ष के नेता
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के नेता हर बात पर सनसनी फैला रहे हैं। एक ओर वाकथॉन पर सवाल उठाते हैं और दूसरी ओर कहते हैं कि हमें अभियान में शामिल नहीं किया। जिस युवा पीढ़ी में नशे की लत लग रही है, उसे जागरूक करने का प्रयास किया। पिछली सरकार ने पिट एनडीपीएस एक्ट नहीं लगाया। पुलिस के 11 और 8 सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त किया। उन्होंने कहा कि एलएसडी मामले में यह किसने कार्रवाई की। चार पुलिस वालों को किसने पकड़ा। पुलिस ने पकड़ा। नशे के लिए संरक्षण की बात न करें। हम मंडी में रैली करेंगे, ऊना में भी करेंगे। आप भी आइए।
विपक्षी नेताओं को सर्विलांस पर रखा जा रहा
जयराम ठाकुर ने कहा कि नशीले पदार्थों का पता लगाने के बजाय राजनीतिक निगरानी की जा रही है। नशे मुख्य संचालकों की पहचान करने के बजाय, संसाधनों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं की सर्विलांस पर रखा जा रहा है। सीएम सुक्खू ने सदन में कहा कि किसी विधायक, मंत्री या नेता की नहीं, चिट्टा तस्करों का सर्विलांस हो रहा है। किसका सर्विलांस करना है। इसका फैसला डीजीपी लेते हैं।