Himachal: कैबिनेट का बड़ा फैसला, सेवारत शिक्षकों से सीबीएसई स्कूलों में नियुक्ति के लिए मांगे जाएंगे विकल्प
सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए सरकार ने बड़ा बदलाव कर दिया है। तय किया गया है कि इन स्कूलों में तैनाती के लिए सेवारत शिक्षकों से काउंसलिंग के दौरान तीन-तीन विकल्प लिए जाएंगे। नियुक्तियां चयन परीक्षा के आधार पर की जाएंगी।
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हिमाचल प्रदेश के चयनित सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए सरकार ने बड़ा बदलाव कर दिया है। सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सब कमेटी की सिफारिशों को कुछ संशोधनों के साथ मंजूरी देते हुए तय किया गया है कि इन स्कूलों में तैनाती के लिए सेवारत शिक्षकों से काउंसलिंग के दौरान तीन-तीन विकल्प लिए जाएंगे। नियुक्तियां चयन परीक्षा के आधार पर की जाएंगी। मंत्रिमंडल बैठक में प्रदेश के 145 चयनित सीबीएसई स्कूलों की व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
6200 सेवारत शिक्षक होने हैं नियुक्त
इसके लिए करीब 6200 सेवारत शिक्षकों की नियुक्ति विभिन्न विषयों और श्रेणियों में की जानी है। शिक्षकों का चयन निर्धारित परीक्षा और मेरिट के आधार पर होगा। नियुक्ति प्रक्रिया में ऐसे शिक्षकों को विशेष वरीयता देने का निर्णय लिया गया है जो सेवानिवृत्ति के निकट हैं या वर्तमान में पहले से सीबीएसई पाठ्यक्रम वाले स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं। सरकार का मानना है कि ऐसे शिक्षकों का अनुभव नई व्यवस्था को सुचारु रूप से लागू करने में सहायक होगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि सीबीएसई स्कूलों के लिए आवश्यक शिक्षकों की करीब 3000 पदों पर हो रही सीधी भर्ती प्रक्रिया को भी जल्द पूरा किया जाए, ताकि स्कूलों में स्टाफ की कमी न रहे और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में गठित सब कमेटी की सिफारिशों को मंजूरी दी गई।
अनुभव का लाभ लेने को पुराने शिक्षकों की जारी रहेंगी सेवाएं
प्रदेश में नई नियुक्तियों के बावजूद कुछ सेवारत शिक्षकों की सीबीएसई स्कूलों में सेवाएं जारी रहेंगी। आवश्यकता अनुसार कुछ शिक्षकों को पुराने स्कूलों में ही रखने काे मंजूरी दी गई है। सीबीएसई स्कूलों के लिए पहले 136 विद्यालयों के हिसाब से लगभग 6200 पदों की कैडर स्ट्रेंथ तय की गई थी। अब प्रदेश में ऐसे स्कूलों की संख्या बढ़कर 158 हो चुकी है, जिनमें से 145 विद्यालय संचालन में हैं। इन स्कूलों में लगातार बढ़ रहे दाखिलों को देखते हुए शिक्षकों की आवश्यकता भी बढ़ी है। ऐसे में चयन परीक्षा के माध्यम से योग्य शिक्षकों की नियुक्ति के बाद भी बड़ी संख्या में पद रिक्त रह सकते हैं, इसलिए अतिरिक्त पदों की व्यवस्था करने के लिए पुराने शिक्षकों की भी सेवाएं जारी रखने का फैसला लिया गया है।
सीबीएसई स्कूलों से बड़े स्तर पर होंगे तबादले
-सीबीएसई स्कूलों से आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर शिक्षकों के तबादले होंगे। चयनित शिक्षकों को एडजस्ट करने के लिए कई पुराने शिक्षकों को अन्य स्कूलों में भेजना पड़ेगा। इस प्रक्रिया के तहत कई स्कूलों से शिक्षकों के तबादले होना तय है।