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हिमाचल: मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सकों-कर्मचारियों को लोकेशन के साथ भरनी होगी हाजिरी

Tue, 04 Aug 2026 05:45 AM IST
Krishan Singh आदित्य सोफत, शिमला।
आदित्य सोफत, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Tue, 04 Aug 2026 05:45 AM IST
सार

 सरकार ने हाजिरी के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया है। इसके लिए सरकार ने हिम उपस्थिति एप तैयार किया है और अस्पताल में तैनात प्रत्येक कर्मी को एप डाउनलोड करने के लिए कहा है।

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Himachal: Doctors and staff in medical colleges will have to fill attendance along with location.
डाॅक्टर(प्रतीकात्मक)। - फोटो : Freepik

विस्तार

प्रदेशभर में मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सकों समेत अन्य स्टाफ व कर्मचारियों को अब लोकेशन के साथ हाजिरी दर्ज करनी होगी। सरकार ने हाजिरी के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया है। इसके लिए सरकार ने हिम उपस्थिति एप तैयार किया है और अस्पताल में तैनात प्रत्येक कर्मी को एप डाउनलोड करने के लिए कहा है। एप के माध्यम से जैसे ही चिकित्सक, अस्पताल स्टाफ और अन्य कर्मचारी अस्पताल में आते हैं, उन्हें वैसे ही लोकेशन दर्ज करनी होगी। इसी के साथ किस फ्लोर में ओपीडी या कार्यरत हैं, यह भी भरना होगा। सरकार ने एप को इंस्टॉल कर हाजिरी भरने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

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इसके अलावा आउटसोर्स पर अस्पतालों में रखे गए विभिन्न कर्मचारियों व प्रशिक्षु चिकित्सकों को भी एप के माध्यम से अपनी उपस्थिति की जानकारी देनी होगी। मेडिकल कॉलेजों में एप आधारित हाजिरी शुरू होने से कोई फरलो भी नहीं मार सकेगा। इससे सीधे तौर पर फायदा मरीजों को मिलेगा। बताया जा रहा है कि अस्पताल की लोकेशन से बाहर अगर कोई कर्मी जाता है तो हाजिरी भी निरस्त हो जाएगी। इस एप को आधार सत्यापन के साथ जोड़ा गया है। बता दें कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों में चिकित्सकों समेत स्टाफ को फेस रीडिंग से हाजिरी लगानी पड़ती है। इससे कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

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हिम उपस्थिति एप से कर्मचारियों पर सबसे पहले लगाम कसी जाएगी। कर्मचारियों पर सख्ती करने से वे अपनी उपस्थिति लगाने के लिए लोकेशन पर आएंगे। अभी तक आउटसोर्स पर तैनात कर्मचारियों के ठेकेदार कागजों में हाजिरी लगाकर वेतन बनाते हैं। इससे कई बार सत्यापन करना मुश्किल हो जाता था कि हाजिरी को कितना सही भरा गया है, लेकिन अब इसमें में स्पष्टता आएगी। डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल के प्रधानाचार्य डॉ. योगेश भारद्वाज ने बताया कि सरकार के आदेशों के बाद हिम उपस्थिति एप के माध्यम से हाजिरी शुरू हो गई है। चिकित्सकों, स्टाफ और कर्मचारियों को एप को डाउनलोड कर उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इस कार्य को आगामी चार दिनों में करने के सभी को निर्देश जारी किए हैं।

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मेडिकल कॉलेजों में ओपीडी और ऑपरेशन के आधार पर तय होगा स्टाफ
प्रदेश सरकार मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और जरूरत आधारित बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव करने जा रही है। नई व्यवस्था के तहत अब मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों की तैनाती वहां प्रतिदिन होने वाली ओपीडी और ऑपरेशन की संख्या के आधार पर तय की जाएगी। जिन मेडिकल कॉलेजों में मरीजों की संख्या अधिक होगी और रोजाना ज्यादा ऑपरेशन किए जा रहे होंगे, वहां अतिरिक्त डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की व्यवस्था की जाएगी। जिन संस्थानों में मरीजों का दबाव अपेक्षाकृत कम होगा, वहां आवश्यकता के अनुसार ही स्टाफ रखा जाएगा। वर्तमान व्यवस्था में सभी मेडिकल कॉलेजों में लगभग समान ढांचे के अनुसार स्टाफ स्वीकृत है, जबकि मरीजों की संख्या और कार्यभार में काफी अंतर है। इससे कई बड़े मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों और कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जबकि कुछ स्थानों पर उपलब्ध संसाधनों का पूरा उपयोग नहीं हो पाता।

इसी असंतुलन को दूर करने के लिए नई नीति तैयार की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मेडिकल कॉलेजों की ओपीडी, भर्ती मरीजों की संख्या, ऑपरेशन, आपातकालीन सेवाओं और अन्य चिकित्सीय गतिविधियों का नियमित विश्लेषण किया जाएगा। इसी आधार पर विभिन्न श्रेणियों के डॉक्टरों, नर्सों, तकनीकी कर्मचारियों और अन्य स्टाफ की आवश्यकता तय की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अधिक कार्यभार वाले मेडिकल कॉलेजों में अतिरिक्त पद उपलब्ध कराए जाएंगे। इसको लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों की मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के साथ बैठक हो चुकी है। सरकार का उद्देश्य सीमित संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना और डॉक्टरों पर बढ़ते कार्यभार को कम करना है। इससे बड़े मेडिकल कॉलेजों में इलाज की गुणवत्ता में सुधार आने के साथ मरीजों की लंबी प्रतीक्षा भी घटने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इससे प्रदेशभर में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी और जरूरत के अनुसार संस्थानों को पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ उपलब्ध कराया जा सकेगा।

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