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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal: Education Department firm on transfer policy; request to remain in home district rejected.

हिमाचल: तबादला नीति पर शिक्षा विभाग सख्त, गृह जिले में बने रहने की मांग नामंजूर

Fri, 03 Jul 2026 05:10 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 03 Jul 2026 05:10 AM IST
सार

 तबादलों को लेकर चल रही खींचतान के बीच शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारी अपनी पसंद के स्थान पर तैनाती का दावा अधिकार के रूप में नहीं कर सकते। 

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Himachal: Education Department firm on transfer policy; request to remain in home district rejected.
हिमाचल सरकार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में तबादलों को लेकर चल रही खींचतान के बीच शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारी अपनी पसंद के स्थान पर तैनाती का दावा अधिकार के रूप में नहीं कर सकते। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के निर्देश पर सुनवाई के बाद स्कूल शिक्षा निदेशालय ने मंडी जिले की एक टीजीटी मेडिकल शिक्षिका की समायोजन संबंधी मांग को खारिज कर दिया है।मामला मंडी जिले के निहरी शिक्षा खंड के तहत एक स्कूल का है। शिक्षिका ने अपने तबादले और समायोजन को लेकर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उनके प्रतिवेदन पर नियमानुसार विचार कर आठ सप्ताह के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद स्कूल शिक्षा निदेशालय ने 18 जून को शिक्षिका को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया।

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मंडी में लंबे समय तक समायोजन बनाए रखने की मांग रखी

सुनवाई के दौरान उन्होंने जिला मंडी में लंबे समय तक समायोजन बनाए रखने की मांग रखी। मामले की समीक्षा के बाद पाया कि शिक्षिका वर्तमान में अपने गृह जिला मंडी में ही कार्यरत हैं और उनका विद्यालय भी सुगम क्षेत्र की श्रेणी में आता है। निदेशालय ने अपने आदेश में राज्य सरकार की व्यापक तबादला नीति-2013 का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी कर्मचारी को किसी विशेष स्थान पर तैनाती का दावा करने का अधिकार नहीं है। नीति के अनुसार प्रशासनिक आवश्यकता, जनहित और विभागीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार किसी भी कर्मचारी को प्रदेश में कहीं भी नियुक्त या स्थानांतरित कर सकती है। निदेशालय ने कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड, सेवा स्थिति और नीति प्रावधानों के आधार पर इस स्तर पर शिक्षिका के समायोजन या तबादले का मामला विचार योग्य नहीं पाया गया। ऐसे में उनके प्रतिवेदन को अस्वीकार करते हुए मामले का निपटारा कर दिया गया।

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तबादला मामलों में नजीर बन सकता है आदेश

शिक्षा निदेशालय का यह निर्णय ऐसे समय आया है, जब प्रदेश में तबादलों और समायोजन को लेकर बड़ी संख्या में कर्मचारी न्यायालयों और विभागीय अधिकारियों के समक्ष गुहार लगा रहे हैं। विभागीय सूत्रों का मानना है कि यह आदेश भविष्य में आने वाले ऐसे मामलों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदर्भ बन सकता है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि तबादला सेवा की सामान्य शर्त है और व्यक्तिगत सुविधा के आधार पर मनचाहा स्थान नहीं मांगा जा सकता।
 
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