Himachal: सीबीएसई सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी शिक्षकों की नियुक्ति पर लगाई रोक को हाईकोर्ट ने हटाया
हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग ने सीबीएसई से संबद्ध राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में 305 अंग्रेजी शिक्षकों की नियुक्ति पर लगाई रोक को हटा दिया है।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग ने सीबीएसई से संबद्ध राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में 305 अंग्रेजी शिक्षकों की नियुक्ति पर लगाई रोक को हटा दिया है। इस संबंध में न्यायालय ने स्थगत आदेश वापस लेते हुए शिक्षा विभाग को भर्ती विज्ञापन के अनुसार परीक्षा में पात्र पाए गए अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने को कहा है। यह जानकारी महाधिवक्ता अनूप कुमार रतन ने दी है। महाधिवक्ता ने कहा कि भर्ती विज्ञापन में अंग्रेजी शिक्षकों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता एमए इंग्लिश 50 फीसदी अंकों के साथ, स्नातक व बीएड अंग्रेजी भाषा एक अनिवार्य विषय के साथ तय की गई थी। लेकिन जब टेस्ट हो गए तो सरकार की ओर एक स्पष्टीकरण जारी किया गया जिसमें कहा गया था कि जिन अभ्यर्थियों ने स्नातक स्तर पर तीन साल अंग्रेजी विषय पढ़ा है, वे इसके लिए पात्र होंगे। इसी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
लेकिन इस संदर्भ में कानून स्पष्ट है कि एक बार विज्ञापन जारी हो गया और आवेदन की अंतिम तिथि भी खत्म हो गई तो उसके बाद आप परीक्षा के नियम बदल नहीं सकते हैं। ऐसे में जिन अभ्यर्थियों ने पहले आवेदन किया था, वे सभी पात्र थे, उनमें से कुछ मेरिट में थे और कुछ नहीं थे। सरकार ने हाईकोर्ट में कहा कि क्योंकि बाद में परीक्षा नियमों में बदलाव किया गया था, ऐसे में इसकी संशोधित मेरिट लिस्ट जारी की जा सकती है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार अगले 10 दिन के भीतर योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्तियां देने का फैसला ले। बता, दें 15 जून को एक याचिका पर प्रदेश हाईकोर्ट ने सीबीएसई स्कूलों के लिए चयनित अंग्रेजी शिक्षकों को नियुक्ति देने पर रोक लगा दी थी। वहीं शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए थे। हालांकि, बाद में कोर्ट के आदेश मिलने पर निदेशालय ने भी नियुक्ति आदेश वापस ले लिए थे। अब न्यायालय ने भी इन शिक्षकों की नियुक्ति को हरीझंडी दे दी है।
शिक्षा निदेशालय ने 15 जून के नियुक्ति आदेश लागू करने के दिए निर्देश
उधर, स्कूल शिक्षा निदेशालय ने हाईकोर्ट के फैसले के बाद 15 जून का जारी नियुक्ति आदेश तत्काल प्रभाव से लागू करने का फैसला लिया है। हालांकि, ये नियुक्ति आदेश उच्च न्यायालय की ओर से 17 जून के आदेश के तहत दिए गए निर्देशों के अधीन होंगे। पात्रता मानदंडों की दोबारा जांच के बाद जो उम्मीदवार अयोग्य पाए जाएंगे, उनके नियुक्ति आदेश वापस ले लिए जाएंगे और यदि उन्होंने जॉइनिंग कर ली है, तो भी इससे उन्हें कोई अधिकार नहीं मिलेगा। शिक्षा निदेशालय ने सभी सभी संबंधित उपशिक्षा निदेशकों, प्रिंसिपल को निर्देश दिए हैं कि वे इस आदेश का पालन सुनिश्चित करें और नए नियुक्त शिक्षकों की जल्द से जल्द जॉइनिंग सुनिश्चित करें।
30 हजार रुपये का समेकित मानदेय मिलेगा
गाैरतलब है कि राज्य चयन आयोग की सिफारिश पर चयनित अभ्यर्थियों को हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई संबद्ध उत्कृष्ट विद्यालयों के लिए योजना की एक उप योजना के तहत नियुक्तियां की गई हैं। चयनित शिक्षकों को प्रदेश के विभिन्न सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में पांच वर्ष की निश्चित अवधि के लिए तैनात किया जाएगा। इन शिक्षकों को प्रति माह 30 हजार रुपये का समेकित मानदेय दिया जाएगा। हालांकि, यह मानदेय एक शैक्षणिक सत्र में केवल 10 माह के लिए देय होगा।
अंग्रेजी भाषा, लेखन एवं बोलचाल कौशल का प्रशिक्षण देना होगा
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये नियुक्तियां नियमित पदों के विरुद्ध नहीं हैं और न ही इससे भविष्य में नियमित सरकारी नौकरी का कोई अधिकार प्राप्त होगा। नियुक्त शिक्षकों को ज्वाइनिंग के समय विभाग के साथ एग्रीमेंट, बॉन्ड और स्व घोषणा पत्र भरना होगा। आवश्यकता पड़ने पर इन शिक्षकों की सेवाएं प्रदेश के अन्य सरकारी विद्यालयों में भी ली जा सकेंगी। उन्हें प्राथमिक स्तर से लेकर वरिष्ठ माध्यमिक स्तर तक अंग्रेजी भाषा, लेखन एवं बोलचाल कौशल का प्रशिक्षण देना होगा तथा संस्थान प्रमुख के निर्देशानुसार अतिरिक्त रिमेडियल कक्षाएं भी संचालित करनी होंगी।