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Himachal News: दिल्ली में केंद्रीय मंत्री खट्टर से मिले सीएम सुक्खू, बिजली रॉयल्टी बढ़ाने समेत कई मुद्दे उठाए
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Wed, 17 Jun 2026 02:13 PM IST
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सार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर जलविद्युत परियोजनाओं में मुफ्त बिजली रॉयल्टी बढ़ाने, बैरा-स्यूल परियोजना में 50 फीसदी हिस्सेदारी देने और हिमाचल के 7,784 करोड़ रुपये के ऊर्जा बकाया भुगतान का मुद्दा उठाया।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी मामलों मंत्री मनोहर लाल खट्टर से की मुलाकात
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी मामलों मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की, जिसमें जलविद्युत परियोजनाओं में मुफ्त बिजली रॉयल्टी की हिस्सेदारी बढ़ाना और विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रमुख रहे।
जलविद्युत परियोजनाओं में रॉयल्टी बढ़ाने का आग्रह
मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों की जलविद्युत परियोजनाओं में राज्य को मिलने वाली मुफ्त बिजली रॉयल्टी की हिस्सेदारी बढ़ाई जाए। उन्होंने विशेष रूप से उन परियोजनाओं का उल्लेख किया जिनकी प्रारंभिक 12 वर्षों की अवधि पूरी हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने मांग की कि ऐसी परियोजनाओं में राज्य को वर्तमान में मिलने वाली 12 प्रतिशत मुफ्त बिजली के अतिरिक्त रॉयल्टी में वृद्धि की जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 180 मेगावाट की बैरा-स्यूल जलविद्युत परियोजना के 44 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में राज्य की मुफ्त बिजली हिस्सेदारी को 50 प्रतिशत करने का अनुरोध भी किया।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों की जलविद्युत परियोजनाओं में राज्य को मिलने वाली मुफ्त बिजली रॉयल्टी की हिस्सेदारी बढ़ाई जाए। उन्होंने विशेष रूप से उन परियोजनाओं का उल्लेख किया जिनकी प्रारंभिक 12 वर्षों की अवधि पूरी हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने मांग की कि ऐसी परियोजनाओं में राज्य को वर्तमान में मिलने वाली 12 प्रतिशत मुफ्त बिजली के अतिरिक्त रॉयल्टी में वृद्धि की जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 180 मेगावाट की बैरा-स्यूल जलविद्युत परियोजना के 44 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में राज्य की मुफ्त बिजली हिस्सेदारी को 50 प्रतिशत करने का अनुरोध भी किया।
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बीबीएमबी परियोजनाओं का ऊर्जा बकाया और शानन परियोजना का मुद्दा
बैठक में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) परियोजनाओं से संबंधित ऊर्जा बकाया भुगतान में हो रही देरी का मुद्दा भी उठाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के निर्माण के दौरान राज्य के लोगों को विस्थापन और पर्यावरणीय प्रभावों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने हरियाणा और पंजाब की सहमति से 31 अक्तूबर 2011 तक के 13,066 मिलियन यूनिट ऊर्जा बकाया का भुगतान, छह प्रतिशत ब्याज सहित करने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने बताया कि ब्याज सहित यह राशि वर्तमान में लगभग 7,784 करोड़ रुपये बनती है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने शानन जलविद्युत परियोजना पर भी हिमाचल के वैध अधिकारों का पक्ष रखा।
बैठक में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) परियोजनाओं से संबंधित ऊर्जा बकाया भुगतान में हो रही देरी का मुद्दा भी उठाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के निर्माण के दौरान राज्य के लोगों को विस्थापन और पर्यावरणीय प्रभावों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने हरियाणा और पंजाब की सहमति से 31 अक्तूबर 2011 तक के 13,066 मिलियन यूनिट ऊर्जा बकाया का भुगतान, छह प्रतिशत ब्याज सहित करने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने बताया कि ब्याज सहित यह राशि वर्तमान में लगभग 7,784 करोड़ रुपये बनती है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने शानन जलविद्युत परियोजना पर भी हिमाचल के वैध अधिकारों का पक्ष रखा।
कांगड़ा में एयरो सिटी और 'हिम चंडीगढ़' के लिए वित्तीय सहायता
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कांगड़ा में प्रस्तावित एयरो सिटी और 'हिम चंडीगढ़' परियोजना के विकास के लिए केंद्रीय मंत्री से वित्तीय सहायता की मांग की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अर्बन चैलेंज फंड के तहत 24 शहरी निकायों के लिए 1,179 करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रस्तावित की हैं, जिनमें से 660 करोड़ रुपये की परियोजनाएं केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने क्लीन हिली एंड हिमालयन सिटीज इनिशिएटिव के तहत 12.33 करोड़ रुपये और अमृत योजना के तहत लंबित 64.45 करोड़ रुपये जारी करने का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कांगड़ा में प्रस्तावित एयरो सिटी और 'हिम चंडीगढ़' परियोजना के विकास के लिए केंद्रीय मंत्री से वित्तीय सहायता की मांग की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अर्बन चैलेंज फंड के तहत 24 शहरी निकायों के लिए 1,179 करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रस्तावित की हैं, जिनमें से 660 करोड़ रुपये की परियोजनाएं केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने क्लीन हिली एंड हिमालयन सिटीज इनिशिएटिव के तहत 12.33 करोड़ रुपये और अमृत योजना के तहत लंबित 64.45 करोड़ रुपये जारी करने का भी अनुरोध किया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव के.के. पंत, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह और ऊर्जा निदेशक राकेश प्रजापति भी मौजूद रहे। इस मुलाकात से हिमाचल प्रदेश के विकास और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर आगे की कार्रवाई की उम्मीद है।