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Himachal Monsoon 2026: हिमाचल में मानसून की एंट्री डेट तय! 1 से 4 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
Mon, 29 Jun 2026 12:21 PM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला/धर्मशाला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला/धर्मशाला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 29 Jun 2026 12:21 PM IST
सार
Monsoon in Himachal Pradesh : हिमाचल प्रदेश में अगले एक सप्ताह के भीतर मानसून पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग ने 1 से 4 जुलाई तक कई जिलों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है।
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शिमला के रिज मैदान पर छाता लेकर गुजरते लोग।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में उमस भरी गर्मी के बीच, हिमाचल प्रदेश के चार जिलों में रविवार को हुई हल्की बारिश ने लोगों को थोड़ी राहत दी है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, राज्य में अगले एक सप्ताह के भीतर मानसून के दस्तक देने की संभावना है। इस बीच, 1 से 4 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों के लिए भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली कड़कने का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
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चिलचिलाती गर्मी से लोगों को मिली राहत: रविवार को सोलन शहर, सिरमौर के नाहन, कांगड़ा के धर्मशाला और ऊना के हरोली में बादल बरसे। वहीं, शिमला में भी दिन भर बादल छाए रहे और दोपहर बाद बूंदाबांदी हुई। यह बारिश चिलचिलाती गर्मी से जूझ रहे प्रदेशवासियों के लिए एक सुखद अनुभव रही।
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मानसून की संभावित चाल: मौसम केंद्र शिमला ने बताया है कि अगले दो से तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिमी मानसून उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ेगा। इसके बाद, दो से तीन दिनों में यह मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के अन्य हिस्सों के अलावा हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में भी पहुंच सकता है।
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अगले कुछ दिनों का मौसम पूर्वानुमान: मौसम विभाग के अनुसार, 29 से 30 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की बारिश, आंधी और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हालांकि, 1 से 4 जुलाई के बीच मैदानी, निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।
प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान (रविवार को)
रविवार को विभिन्न शहरों में दर्ज किया गया अधिकतम तापमान इस प्रकार रहा:
रविवार को विभिन्न शहरों में दर्ज किया गया अधिकतम तापमान इस प्रकार रहा:
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) |
|---|---|
| शिमला | 27.4 |
| मंडी | 35.6 |
| कल्पा | 26.6 |
| धर्मशाला | 33.0 |
| नाहन | 32.5 |
| चंबा | 33.4 |
| ऊना | 38.0 |
| नेरी | 38.0 |
| बिलासपुर | 37.0 |
| सोलन | 32.0 |
ऊना में मानसून की दस्तक, पहली बारिश से किसानों के खिले चेहरे
जिला ऊना के चकसराय क्षेत्र में सोमवार को मानसून ने पहली बारिश के साथ दस्तक दे दी। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह बरसात किसी राहत से कम नहीं रही। पहली अच्छी बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है और किसानों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। वहीं, भीषण गर्मी से आम लोगों को भी राहत मिली है।
स्थानीय किसान सुभाष चंद ने कहा कि यह बारिश मक्की की फसल के लिए संजीवनी का काम करेगी। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने गर्मियों की मक्की की बिजाई की है, उनके लिए यह वर्षा बेहद लाभदायक साबित होगी। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण किसान फसल को लेकर चिंतित थे, लेकिन समय पर हुई बारिश से फसल को नई ऊर्जा मिलेगी। उनका कहना है कि तापमान जितना नियंत्रित रहेगा और खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहेगी, मक्की की बढ़वार उतनी ही अच्छी होगी और पैदावार भी बेहतर मिलने की संभावना है।
कृषि प्रसार अधिकारी चंदन शर्मा ने भी पहली मानसूनी बारिश को खरीफ फसलों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि समय पर हुई वर्षा से मक्की सहित अन्य खरीफ फसलों की बढ़वार में तेजी आएगी। साथ ही किसानों को सिंचाई पर होने वाले अतिरिक्त खर्च से भी राहत मिलेगी। उन्होंने किसानों से मौसम के अनुसार कृषि कार्य करने और खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने की भी सलाह दी। क्षेत्र के किसानों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी मानसून सामान्य बना रहता है, तो इस वर्ष मक्की की अच्छी पैदावार होने की पूरी उम्मीद है। पहली बारिश ने न केवल खेतों में नई जान फूंकी है, बल्कि किसानों के मन में भी बेहतर फसल की उम्मीद जगा दी है।
जिला ऊना के चकसराय क्षेत्र में सोमवार को मानसून ने पहली बारिश के साथ दस्तक दे दी। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह बरसात किसी राहत से कम नहीं रही। पहली अच्छी बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है और किसानों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। वहीं, भीषण गर्मी से आम लोगों को भी राहत मिली है।
स्थानीय किसान सुभाष चंद ने कहा कि यह बारिश मक्की की फसल के लिए संजीवनी का काम करेगी। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने गर्मियों की मक्की की बिजाई की है, उनके लिए यह वर्षा बेहद लाभदायक साबित होगी। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण किसान फसल को लेकर चिंतित थे, लेकिन समय पर हुई बारिश से फसल को नई ऊर्जा मिलेगी। उनका कहना है कि तापमान जितना नियंत्रित रहेगा और खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहेगी, मक्की की बढ़वार उतनी ही अच्छी होगी और पैदावार भी बेहतर मिलने की संभावना है।
कृषि प्रसार अधिकारी चंदन शर्मा ने भी पहली मानसूनी बारिश को खरीफ फसलों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि समय पर हुई वर्षा से मक्की सहित अन्य खरीफ फसलों की बढ़वार में तेजी आएगी। साथ ही किसानों को सिंचाई पर होने वाले अतिरिक्त खर्च से भी राहत मिलेगी। उन्होंने किसानों से मौसम के अनुसार कृषि कार्य करने और खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने की भी सलाह दी। क्षेत्र के किसानों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी मानसून सामान्य बना रहता है, तो इस वर्ष मक्की की अच्छी पैदावार होने की पूरी उम्मीद है। पहली बारिश ने न केवल खेतों में नई जान फूंकी है, बल्कि किसानों के मन में भी बेहतर फसल की उम्मीद जगा दी है।