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हिमाचल: बिना पंजीकरण के नहीं होंगे प्री नर्सरी में दाखिले, हाईकोर्ट ने जारी किया अंतरिम आदेश

Fri, 25 Sep 2026 07:07 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 25 Sep 2026 07:07 PM IST
सार

प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश भर के सरकारी और निजी स्कूलों में प्री नर्सरी कक्षाओं (3 से 6 वर्ष आयु वर्ग) में दाखिलों को लेकर एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। 

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Himachal: No pre nursery admissions without registration; High Court issues interim order.
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश भर के सरकारी और निजी स्कूलों में प्री नर्सरी कक्षाओं (3 से 6 वर्ष आयु वर्ग) में दाखिलों को लेकर एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश का कोई भी स्कूल (चाहे वह सरकारी हो या निजी) बिना पंजीकरण के प्री नर्सरी में प्रवेश नहीं दे सकता। न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने यह आदेश हिमाचल प्रदेश प्री-स्कूल एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। अदालत ने पाया कि हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा केंद्र (ईसीसीई) अधिनियम 2017 (जो 17 नवंबर 2018 को लागू हुआ) और इसके तहत बने नियम 2026 (जो 17 मार्च 2026 से प्रभावी हैं) का सख्ती से पालन अनिवार्य है।

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इन नियमों के अनुसार 3 से 6 साल के बच्चों को प्री नर्सरी में प्रवेश देने से पहले सभी शैक्षणिक संस्थानों का इस एक्ट के तहत पंजीकृत होना कानूनी रूप से जरूरी है। अदालत ने कहा कि अधिनियम और नियमों का अवलोकन करने के बाद याचिकाकर्ता की दलील में प्रथम दृष्टया मेरिट प्रतीत होती है। अदालत ने अंतरिम आदेश देते हुए कहा कि निजी या सरकारी संस्थानों में प्री नर्सरी कक्षाओं के दाखिले (सख्ती से) उक्त एक्ट और रूल्स के प्रावधानों के तहत ही किए जाएंगे। याचिकाकर्ता संगठन की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया गया कि राज्य में कई संस्थान बिना आवश्यक पंजीकरण के प्री नर्सरी दाखिले चला रहे हैं, जो कि 2017 के एक्ट और 2026 के नियमों का उल्लंघन है। अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।

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