Himachal: हिमाचल में एंट्री टैक्स की संशोधित दरें जारी, इनके बनेंगे रियायती पास
हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए टोल नीति में बदलाव करते हुए प्रवेश शुल्क की संशोधित दरों की अधिसूचना जारी कर दी है।
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एंट्री टैक्स के विरोध में पंजाब और हरियाणा की सीमा पर प्रदर्शन के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए टोल नीति में बदलाव करते हुए प्रवेश शुल्क की संशोधित दरों की अधिसूचना जारी कर दी है। हिमाचल नंबर वाले सभी हल्के निजी वाहनों और टैक्सियों को एंट्री टैक्स से मुक्त कर दिया गया है।
अधिसूचना के अनुसार दूसरे राज्यों के नंबर वाले 12 जमा एक सीट तक के यात्री वाहन के लिए 100 रुपये प्रतिदिन शुल्क तय किया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले पड़ोसी राज्यों के वाहनों के तय दरों से चार से 90 गुना की दर से रियायती पास बनाए जाएंगे।
तिमाही और वार्षिक पास बनाने के लिए 3,000 और 9,000 की दर से भुगतान करना होगा। हल्के कॉमर्शियल वाहनों, मिनी बस और 7,500 से 12,000 किलोग्राम तक के वाहनों पर 320 रुपये प्रतिदिन शुल्क निर्धारित किया गया है। दो एक्सल ट्रक पर भी यही दर लागू होगी।
तिमाही पास के लिए 11,200 और वार्षिक पास के लिए 44,800 रुपये भुगतान का प्रावधान रखा गया है। तीन एक्सल या उससे अधिक क्षमता वाले भारी कॉमर्शियल वाहनों के लिए 570 रुपये प्रतिदिन शुल्क तय किया गया है। तिमाही पास के लिए 19,950 और वार्षिक पास के लिए 79,800 रुपये भुगतान करना होगा। राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त डॉ. यूनुस ने जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संबंधित एंट्री टैक्स ठेकेदारों को संशोधित दरों की जानकारी दें।
हिमाचल प्रदेश के लाइट कमर्शियल व्हीकल जैसे कि पिकअप टैक्सी टाटा और छोटा हाथी थ्री व्हीलर को टोल से एक्सेम्प्ट किया गया है हमने 6 टायर वाले ट्रैकों का रेट कम करके पिछले वर्ष की भांति ₹320 रखा है। तीन एक्सेल वाली सभी गाड़ियों 10, 12 14 टायर वाले ट्रकों का रेट पिछले वर्ष की भांति 570 रुपये रखा है। हमने दूसरे राज्यों के पैसेंजर कार का रेट 130 रुपये से कम करके 100 रुपये किया है। हमने बॉर्डर के टोल बैरियर के पांच किलोमीटर की परिधि में रह रहे लोगों को टोल के रियायती पास की सुविधा दी गई है, चाहे किसी भी राज्य से हो। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि पंजाब की सीमावर्ती इलाकों में प्रदर्शन किस बात का हो रहा है। युवा प्रदर्शन नहीं किया जाना चाहिए। जबकि टोल के रेट नहीं बढ़ाए गए हैं। पिछले कई साल से जो टोल दे रहे हैं वही टोल देने की बात की गई है।
- सुखविंद्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री