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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   HP CBSE Schools: Students will have to procure textbooks for the new syllabus themselves

HP CBSE Schools: नौवीं के विद्यार्थियों को खुद लेनी होगी नए सिलेबस की पाठ्यपुस्तकें, निर्देश जारी

Tue, 14 Jul 2026 05:50 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Tue, 14 Jul 2026 05:50 AM IST
सार

सीबीएसई से संबद्ध सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों को अब नए सिलेबस की पाठ्यपुस्तकें स्वयं खरीदनी होंगी। 

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HP CBSE Schools: Students will have to procure textbooks for the new syllabus themselves
पाठ्यपुस्तकें(सांकेतिक)। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई से संबद्ध सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों को अब नए सिलेबस की पाठ्यपुस्तकें स्वयं खरीदनी होंगी। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में प्रदेश के सभी सीबीएसई संबद्ध राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि सीबीएसई की ओर से कक्षा नौवीं के पाठ्यक्रम में बदलाव किए जाने के बाद नई पाठ्यपुस्तकें बाजार में उपलब्ध हो चुकी हैं। विद्यार्थियों को जल्द से जल्द इन्हें खरीदना होगा, जिससे की पढ़ाई प्रभावित न हो।

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शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद विद्यार्थियों को किताबों के अभाव में पढ़ाई से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। ऐसे छात्रों को संबंधित स्कूल अपने फंड से मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराएंगे। नए शैक्षणिक सत्र के साथ सभी कक्षाओं में पढ़ाई शुरू हो चुकी है और विभाग सीबीएसई मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में जुटा है। इसी क्रम में कक्षा नौवीं के सिलेबस में हुए बदलाव के कारण नई किताबों की आवश्यकता पैदा हुई है। समय कम होने और शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा न आए, इसके लिए छात्रों को बाजार से नई पाठ्यपुस्तकें खरीदने की सलाह दी गई है। निदेशालय का मानना है कि इससे पढ़ाई में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आएगा और स्कूल समय पर नए पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षण कार्य शुरू कर सकेंगे।

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आर्थिक तौर पर कमजोर छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था
यदि कोई छात्र आर्थिक कारणों से नई किताबें खरीदने में सक्षम नहीं है, तो संबंधित विद्यालय का प्रधानाचार्य उसे स्कूल के उपलब्ध फंड से निशुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराएंगे। यदि किसी विद्यालय के पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध हैं तो वह कक्षा नौवीं के सभी विद्यार्थियों को भी मुफ्त किताबें उपलब्ध कराने का निर्णय ले सकता है।

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15 दिन में देनी होगी अनुपालन रिपोर्ट
शिक्षा निदेशालय ने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वे 15 दिनों के भीतर इन आदेशों का पालन सुनिश्चित करें। विभाग का उद्देश्य है कि किसी भी छात्र की पढ़ाई केवल इसलिए प्रभावित न हो क्योंकि उसके पास नए सिलेबस की किताबें उपलब्ध नहीं हैं।

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