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Kangra News: कृषि विवि 750 किसानों को सिखाएगी जैविक खेती

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 18 Mar 2026 12:57 AM IST
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Agricultural University will teach organic farming to 750 farmers.
कृषि विवि पालमपुर में किसानों को प्रमाम पत्र देते विभागाध्यक्ष डॉ. जनार्दन सिंह व अन्य स्त् - फोटो : purmandal news
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पालमपुर (कांगड़ा)। जैविक एवं प्राकृतिक खेती में अब प्रदेश के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के किसानों की आर्थिकी मजबूत होगी। इन किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि विवि पालमपुर में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के तहत प्रदेश भर करीब 750 किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। इसकी शुरुआत विवि से की गई है।
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इस कड़ी में एससी और एसटी से संबंधित इन किसानों को 15 प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे, जिसमें 40 किसान भाग लेंगे। यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली की ओर से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति योजनाओं के अंतर्गत प्रायोजित हैं।
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कुलपति डॉ. अशोक कुमार पांडा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कृषक समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने तथा टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाने से मृदा स्वास्थ्य में सुधार होगा, सुरक्षित खाद्य उत्पादन सुनिश्चित होगा और रासायनिक इनपुट्स पर निर्भरता कम होगी, जिससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ पर्यावरणीय स्थिरता भी सुनिश्चित होगी।
इन प्रशिक्षणों में जैविक एवं प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञ व्याख्यानों के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। किसानों को ट्राइकोडर्मा, मेटाराइजियम एवं बैसिलस जैसे जैव-एजेंट्स तथा पीएसबी, एजोटोबैक्टर, एजोस्पिरिलम एवं राइजोबियम जैसे जैव उर्वरकों के उपयोग के बारे में जानकारी दी जा रही है।
ये कार्यक्रम विभागाध्यक्ष डॉ. जनार्दन सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किए गए, जिन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया, ताकि मृदा, पशु एवं मानव स्वास्थ्य में सुधार हो सके और पर्यावरण प्रदूषण को रोका जा सके। इस दौरान वैज्ञानिकों डॉ. रामेश्वर, डॉ. गोपाल कतना और डॉ. राकेश ने विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिए और कम्पोस्ट एवं जैव-इनपुट्स की तैयारी पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। इस मौके पर कई किसान मौजूद रहे।
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