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Kangra News: चार महीने से वेतन न मिलने से ग्राम रोजगार सेवकों में रोष
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-जिलाध्यक्ष बोले- कर्मचारियों के सामने भरण-पोषण का संकट-कहा- 18 वर्ष से नहीं बनाई गई है स्थायी नीति
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अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। ग्राम रोजगार सेवक संघ जिला कांगड़ा के अध्यक्ष जसविंद्र अंगारिया ने चार महीनों से वेतन जारी न होने पर रोष जताया है। उन्होंने कहा कि ग्राम रोजगार सेवकों को अंतिम बार जनवरी में वेतन मिला था। इससे कर्मचारियों के सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के ग्राम रोजगार सेवक 18 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं लेकिन आज तक उनके लिए कोई स्थायी नीति नहीं बनाई गई। कर्मचारियों ने विभाग की ओर से सौंपी गई सभी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन किया है लेकिन मनरेगा फंड की कमी का हवाला देकर चार महीने तक वेतन रोक दिया जाता है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अंतर्गत कार्यरत ग्राम रोजगार सेवकों, सचिवों और तकनीकी सहायकों के लिए पदोन्नति की भी कोई व्यवस्था नहीं है। कर्मचारी जिस पद पर नियुक्त होते हैं उसी पद से सेवानिवृत्त हो जाते हैं। बार-बार मांग उठाने के बावजूद कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जा रहा है।
संघ ने प्रदेश सरकार और विभाग से लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान करने तथा कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वेतन जल्द जारी नहीं किया गया तो कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। ग्राम रोजगार सेवक संघ जिला कांगड़ा के अध्यक्ष जसविंद्र अंगारिया ने चार महीनों से वेतन जारी न होने पर रोष जताया है। उन्होंने कहा कि ग्राम रोजगार सेवकों को अंतिम बार जनवरी में वेतन मिला था। इससे कर्मचारियों के सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के ग्राम रोजगार सेवक 18 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं लेकिन आज तक उनके लिए कोई स्थायी नीति नहीं बनाई गई। कर्मचारियों ने विभाग की ओर से सौंपी गई सभी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन किया है लेकिन मनरेगा फंड की कमी का हवाला देकर चार महीने तक वेतन रोक दिया जाता है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अंतर्गत कार्यरत ग्राम रोजगार सेवकों, सचिवों और तकनीकी सहायकों के लिए पदोन्नति की भी कोई व्यवस्था नहीं है। कर्मचारी जिस पद पर नियुक्त होते हैं उसी पद से सेवानिवृत्त हो जाते हैं। बार-बार मांग उठाने के बावजूद कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जा रहा है।
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संघ ने प्रदेश सरकार और विभाग से लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान करने तथा कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वेतन जल्द जारी नहीं किया गया तो कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
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