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Kangra News: गांवों में खुलेंगे सामुदायिक पुस्तकालय
Mon, 10 Aug 2026 03:26 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 10 Aug 2026 03:26 AM IST
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योल (कांगड़ा)। हिमाचल ज्ञान-विज्ञान समिति की संगठनात्मक गतिविधियों को प्रदेशभर में विस्तार देने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है।
समिति के राज्य सचिव सत्यवान पुंडीर की अध्यक्षता में आयोजित ऑनलाइन बैठक में जिला और स्थानीय इकाइयों को सक्रिय करने, युवाओं को संगठन से जोड़ने और सामाजिक सरोकारों से जुड़े अभियानों को गति देने पर चर्चा की गई।
बैठक में तय किया गया कि जिन पंचायतों के गांवों में समिति की सक्रिय इकाइयां हैं, वहां सामुदायिक पुस्तकालयों की स्थापना और संचालन को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रत्येक ऐसी पंचायत से कम से कम दो युवा कार्यकर्ताओं को पुस्तकालय संचालन, पुस्तक प्रबंधन और पठन संस्कृति विकसित करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
समिति इन पुस्तकालयों को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और सामाजिक जागरूकता विकसित करने के केंद्र के रूप में विकसित करेगी।
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बैठक में प्रदेशभर में चल रहे नशा विरोधी युवा बचाओ अभियान को निरंतर जारी रखने और इसे व्यापक स्तर पर पहुंचाने का निर्णय लिया गया। अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक, गीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम और जनसंवाद के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
जिला इकाई की अध्यक्ष उर्मिला राणा और जिला सचिव डॉ. संजय कुमार ने कहा कि समिति का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं बल्कि समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक चेतना और सकारात्मक जनभागीदारी को मजबूत करना है।
आने वाले समय में सामुदायिक पुस्तकालय और नशा विरोधी अभियान समिति की प्रमुख जनपहल के रूप में आगे बढ़ाए जाएंगे।
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समिति के राज्य सचिव सत्यवान पुंडीर की अध्यक्षता में आयोजित ऑनलाइन बैठक में जिला और स्थानीय इकाइयों को सक्रिय करने, युवाओं को संगठन से जोड़ने और सामाजिक सरोकारों से जुड़े अभियानों को गति देने पर चर्चा की गई।
बैठक में तय किया गया कि जिन पंचायतों के गांवों में समिति की सक्रिय इकाइयां हैं, वहां सामुदायिक पुस्तकालयों की स्थापना और संचालन को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रत्येक ऐसी पंचायत से कम से कम दो युवा कार्यकर्ताओं को पुस्तकालय संचालन, पुस्तक प्रबंधन और पठन संस्कृति विकसित करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
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समिति इन पुस्तकालयों को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और सामाजिक जागरूकता विकसित करने के केंद्र के रूप में विकसित करेगी।
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बैठक में प्रदेशभर में चल रहे नशा विरोधी युवा बचाओ अभियान को निरंतर जारी रखने और इसे व्यापक स्तर पर पहुंचाने का निर्णय लिया गया। अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक, गीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम और जनसंवाद के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
जिला इकाई की अध्यक्ष उर्मिला राणा और जिला सचिव डॉ. संजय कुमार ने कहा कि समिति का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं बल्कि समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक चेतना और सकारात्मक जनभागीदारी को मजबूत करना है।
आने वाले समय में सामुदायिक पुस्तकालय और नशा विरोधी अभियान समिति की प्रमुख जनपहल के रूप में आगे बढ़ाए जाएंगे।