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तुष्टिकरण के चलते वंदे मातरम् को विवाद में घसीट रही कांग्रेस : शांता
Thu, 20 Aug 2026 08:27 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 20 Aug 2026 08:27 AM IST
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पालमपुर (कांगड़ा)। पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि वंदे मातरम् स्वतंत्रता संग्राम का राष्ट्रीय उद्घोष और मूल मंत्र था, जिसने करोड़ों देशवासियों को प्रेरित किया। आज उसी राष्ट्रीय गीत के दो छंदों को कांग्रेस ने मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति के चलते अनावश्यक विवाद में डाल दिया है, जो स्वतंत्र भारत की अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण व निंदनीय घटना है।
शांता कुमार ने कहा कि अतीत में इसी तुष्टिकरण की नीति के कारण देश का विभाजन हुआ, 10 लाख लोगों को जान गंवानी पड़ी और करोड़ों लोग विस्थापित हुए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थापित व्यवस्था और परंपरा के तहत महात्मा गांधी से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी तक सभी ने इसे गाया। अब कानून द्वारा उन दोनों छंदों को वंदे मातरम् का हिस्सा बनाया जा चुका है, इसलिए किसी को भी इस पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि भारतीय संस्कृति की जिन पूजनीय देवियों के उल्लेख पर कभी मोहम्मद अली जिन्ना को एतराज था, आज वही आपत्ति मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी जता रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब महान क्रांतिकारी अशफाक उल्ला खां को पूरा वंदे मातरम् गाने पर कोई एतराज नहीं था, तो कांग्रेस नेतृत्व को इस पर क्या परेशानी है।
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शांता कुमार ने कहा कि अतीत में इसी तुष्टिकरण की नीति के कारण देश का विभाजन हुआ, 10 लाख लोगों को जान गंवानी पड़ी और करोड़ों लोग विस्थापित हुए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थापित व्यवस्था और परंपरा के तहत महात्मा गांधी से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी तक सभी ने इसे गाया। अब कानून द्वारा उन दोनों छंदों को वंदे मातरम् का हिस्सा बनाया जा चुका है, इसलिए किसी को भी इस पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
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पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि भारतीय संस्कृति की जिन पूजनीय देवियों के उल्लेख पर कभी मोहम्मद अली जिन्ना को एतराज था, आज वही आपत्ति मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी जता रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब महान क्रांतिकारी अशफाक उल्ला खां को पूरा वंदे मातरम् गाने पर कोई एतराज नहीं था, तो कांग्रेस नेतृत्व को इस पर क्या परेशानी है।
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