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शिक्षकों का लंबित मेहनताना तुरंत जारी करे स्कूल शिक्षा बोर्ड : संघ
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धर्मशाला। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ जिला कांगड़ा ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों का जल्द निपटारा करने की मांग उठाई है। धर्मशाला में बुधवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में संघ के जिला प्रधान सचिन जसवाल ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में ड्यूटी देने और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों की लंबित मेहनताना राशि तुरंत जारी की जाए।
सचिन जसवाल ने बताया कि मार्च 2025 और मार्च 2026 में आयोजित वार्षिक परीक्षाओं की ड्यूटी का मेहनताना शिक्षकों को अब तक नहीं मिला है। इसके साथ ही अप्रैल 2025 और अप्रैल 2026 के मूल्यांकन कार्य का भुगतान भी पूरी तरह लंबित है। संघ ने बोर्ड अध्यक्ष और सचिव से इस मामले में हस्तक्षेप कर जल्द भुगतान करने की मांग की।
संघ ने रिटेंशन फीस जमा करने पर लगाए जा रहे 3,000 और 5,000 रुपये के लेट फीस व जुर्माने को भी वापस लेने की मांग रखी। जसवाल ने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट, बिजली की समस्या और सर्वर डाउन रहने के कारण स्कूल तय समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते। तकनीकी कारणों की वजह से स्कूलों व शिक्षकों पर आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं है।
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इसके अलावा संघ ने हाल ही में मैट्रिक और जमा दो की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों के विस्तृत अंक पत्र (डीएमसी) जल्द जारी करने की मांग की। सचिन जसवाल ने कहा कि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में प्रवेश के साथ सेना, अग्निवीर और अन्य भर्ती प्रक्रियाओं के लिए दस्तावेजों की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में डीएमसी मिलने में देरी से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।
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सचिन जसवाल ने बताया कि मार्च 2025 और मार्च 2026 में आयोजित वार्षिक परीक्षाओं की ड्यूटी का मेहनताना शिक्षकों को अब तक नहीं मिला है। इसके साथ ही अप्रैल 2025 और अप्रैल 2026 के मूल्यांकन कार्य का भुगतान भी पूरी तरह लंबित है। संघ ने बोर्ड अध्यक्ष और सचिव से इस मामले में हस्तक्षेप कर जल्द भुगतान करने की मांग की।
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संघ ने रिटेंशन फीस जमा करने पर लगाए जा रहे 3,000 और 5,000 रुपये के लेट फीस व जुर्माने को भी वापस लेने की मांग रखी। जसवाल ने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट, बिजली की समस्या और सर्वर डाउन रहने के कारण स्कूल तय समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते। तकनीकी कारणों की वजह से स्कूलों व शिक्षकों पर आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं है।
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इसके अलावा संघ ने हाल ही में मैट्रिक और जमा दो की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों के विस्तृत अंक पत्र (डीएमसी) जल्द जारी करने की मांग की। सचिन जसवाल ने कहा कि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में प्रवेश के साथ सेना, अग्निवीर और अन्य भर्ती प्रक्रियाओं के लिए दस्तावेजों की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में डीएमसी मिलने में देरी से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।