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Kangra News: सीपीआईएम ने उपायुक्त कार्यालय धर्मशाला के बाहर किया प्रदर्शन
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धर्मशाला में मांगों को लेकर प्रदर्शन करते सीपीआईएम के सदस्य। -संवाद
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धर्मशाला। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी (सीपीआईएम) की जिला कमेटी ने शिक्षा बचाओ-लोकतंत्र बचाओ अभियान के तहत उपायुक्त कार्यालय के समक्ष जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कमेटी ने जिला प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को एक ज्ञापन भी भेजा।
ज्ञापन में उन्होंने नीट पेपर लीक मामले को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को तुरंत भंग करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नई शिक्षा नीति (एनईपी) को वापस लेने की पुरजोर मांग की। सीपीआईएम के जिला सचिव अशोक कटोच, राज्य कमेटी सदस्य रविंद्र कुमार व शोकिनी कपूर और जिला कमेटी सदस्य जगदीश जग्गी ने कहा कि देश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था बड़े संकट से गुजर रही है।
केंद्र सरकार शिक्षा के निजीकरण, केंद्रीयकरण और व्यापारीकरण को बढ़ावा देकर समान, वैज्ञानिक और लोकतांत्रिक शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नई शिक्षा नीति और एनटीए की लचर कार्यप्रणाली ने देश के लाखों छात्रों और युवाओं के भविष्य को पूरी तरह असुरक्षित बना दिया है।
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नेताओं ने कहा कि देश भर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री से लगातार इस्तीफा मांगा जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद वह अपना पद नहीं छोड़ रहे हैं। इस दौरान उन्होंने जंतर-मंतर पर शिक्षा, रोजगार और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे छात्रों एवं युवाओं के आंदोलन के प्रति अपनी एकजुटता भी व्यक्त की। इस धरना-प्रदर्शन में जिला कमेटी सदस्य केवल कुमार, प्रताप कुमार, धनवीर, सुभाष भट्ट सहित कई अन्य पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
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ज्ञापन में उन्होंने नीट पेपर लीक मामले को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को तुरंत भंग करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नई शिक्षा नीति (एनईपी) को वापस लेने की पुरजोर मांग की। सीपीआईएम के जिला सचिव अशोक कटोच, राज्य कमेटी सदस्य रविंद्र कुमार व शोकिनी कपूर और जिला कमेटी सदस्य जगदीश जग्गी ने कहा कि देश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था बड़े संकट से गुजर रही है।
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केंद्र सरकार शिक्षा के निजीकरण, केंद्रीयकरण और व्यापारीकरण को बढ़ावा देकर समान, वैज्ञानिक और लोकतांत्रिक शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नई शिक्षा नीति और एनटीए की लचर कार्यप्रणाली ने देश के लाखों छात्रों और युवाओं के भविष्य को पूरी तरह असुरक्षित बना दिया है।
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नेताओं ने कहा कि देश भर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री से लगातार इस्तीफा मांगा जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद वह अपना पद नहीं छोड़ रहे हैं। इस दौरान उन्होंने जंतर-मंतर पर शिक्षा, रोजगार और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे छात्रों एवं युवाओं के आंदोलन के प्रति अपनी एकजुटता भी व्यक्त की। इस धरना-प्रदर्शन में जिला कमेटी सदस्य केवल कुमार, प्रताप कुमार, धनवीर, सुभाष भट्ट सहित कई अन्य पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।