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Kangra News: नववर्ष पर मंदिरों में जुटी भीड़, 60,000 श्रद्धालुओं ने नवाया शीश
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Fri, 02 Jan 2026 07:46 AM IST
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ज्वालामुखी मंदिर में दर्शन करते श्रद्धालु । संवाद
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ज्वालामुखी, चामुंडा और बैजनाथ में सुबह पांच और कांगड़ा मंदिर में 5.30 पर खुले कपाट
कड़ाके की ठंड के बीच सुबह पांच बजे से लगीं श्रद्धालुओं की कतारें
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्वालामुखी/कांगड़ा/चामुंडा/बैजनाथ/कोटला(कांगड़ा)। नववर्ष के पहले दिन कांगड़ा जिले के प्रमुख मंदिरों में भीड़ रही। वीरवार को 60,000 हजार श्रद्धालुओं मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ नए साल की शुरुआत की। कड़ाके की ठंड के बीच में श्रद्धालु मंदिरों के बाहर सुबह 5 बजे से ही कतारों में लगना शुरू हो गए थे।
नववर्ष के पहले दिन प्रदेश सहित अन्य राज्यों के श्रद्धालु भी मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे। ज्वालामुखी, चामुंडा नंदिकेश्वर धाम और बैजनाथ के शिव मंदिर में सुबह पांच बजे ही कपाट खोल दिए गए, जबकि कांगड़ा के बज्रेश्वरी मंदिर में 5.30 बजे मंदिर के कपाट खुले। नए साल के पहले दिन ज्वालामुखी और चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में 20-20 हजार और कांगड़ा के बज्रेश्वरी मंदिर और बैजनाथ के शिव मंदिर में 10-10 हजार श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचे।
जिले की सभी मंदिरों में व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। वहीं, सीसीटीवी के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सफाई कर्मियों को भी तैनात किया गया था।
ज्वालामुखी मंदिर में नववर्ष 2026 की शुरुआत श्रद्धा और भक्ति के भाव के साथ हुई। इस पावन अवसर पर मंदिर में माता की चौकी का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर के पुजारी एवं मंदिर न्यास सदस्य अविनेंद्र शर्मा ने बताया कि कैलेंडर वर्ष 2026 की शुरुआत पर माता रानी के दरबार में हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
कांगड़ा बज्रेश्वरी मंदिर अधिकारी शिवाली ठाकुर ने बताया कि नववर्ष पर मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए थे। इसके अलावा कोटला के प्रसिद्ध सिद्ध शक्ति पीठ मां बगलामुखी मंदिर में भी दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस दौरान हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा और जम्मू कश्मीर सहित अन्य प्रदेश के सैकड़ों लोगों ने दर्शन किए।
बॉक्स:
कार्य को बंद कर श्रद्धालुओं को करीब से करवाए दर्शन
श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम के मंदिर अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि नववर्ष के लिए मंदिर को फूलों और गुब्बारों से सजाया गया। बहुत से स्थानीय और बाहरी राज्यों के श्रद्धालुओं की शिकायत पर नववर्ष के सुअवसर पर मंदिर के कार्य को बंद कर सभी को नजदीक से दर्शन करवाए गए। नववर्ष पर श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होने पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए 10 अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। मंदिर में आने और जाने के लिए अलग-अलग रास्तों की व्यवस्था की गई है।
बॉक्स
बैजनाथ शिव मंदिर में मौजूद नहीं था कोई पुलिस जवान
बैजनाथ मंदिर में भी सुबह 5 बजे से ही श्रद्धालुओं की लाइनों के लगने का सिलसिला शुरू हो गया और देर शाम तक जारी रहा। इस दौरान दोपहर तीन बजे हल्की बारिश में भी श्रद्धालु लाइनों में लगे रहे। मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए लंगर में सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। प्रशासन को भी श्रद्धालुओं की संख्या का अनुमान नहीं था और पुलिस का कोई भी जवान मौजूद नहीं था। हालांकि थाना प्रभारी यादेश ठाकुर ने कुछ समय के लिए मौजूद रहे।
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कड़ाके की ठंड के बीच सुबह पांच बजे से लगीं श्रद्धालुओं की कतारें
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्वालामुखी/कांगड़ा/चामुंडा/बैजनाथ/कोटला(कांगड़ा)। नववर्ष के पहले दिन कांगड़ा जिले के प्रमुख मंदिरों में भीड़ रही। वीरवार को 60,000 हजार श्रद्धालुओं मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ नए साल की शुरुआत की। कड़ाके की ठंड के बीच में श्रद्धालु मंदिरों के बाहर सुबह 5 बजे से ही कतारों में लगना शुरू हो गए थे।
नववर्ष के पहले दिन प्रदेश सहित अन्य राज्यों के श्रद्धालु भी मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे। ज्वालामुखी, चामुंडा नंदिकेश्वर धाम और बैजनाथ के शिव मंदिर में सुबह पांच बजे ही कपाट खोल दिए गए, जबकि कांगड़ा के बज्रेश्वरी मंदिर में 5.30 बजे मंदिर के कपाट खुले। नए साल के पहले दिन ज्वालामुखी और चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में 20-20 हजार और कांगड़ा के बज्रेश्वरी मंदिर और बैजनाथ के शिव मंदिर में 10-10 हजार श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचे।
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जिले की सभी मंदिरों में व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। वहीं, सीसीटीवी के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सफाई कर्मियों को भी तैनात किया गया था।
ज्वालामुखी मंदिर में नववर्ष 2026 की शुरुआत श्रद्धा और भक्ति के भाव के साथ हुई। इस पावन अवसर पर मंदिर में माता की चौकी का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर के पुजारी एवं मंदिर न्यास सदस्य अविनेंद्र शर्मा ने बताया कि कैलेंडर वर्ष 2026 की शुरुआत पर माता रानी के दरबार में हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
कांगड़ा बज्रेश्वरी मंदिर अधिकारी शिवाली ठाकुर ने बताया कि नववर्ष पर मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए थे। इसके अलावा कोटला के प्रसिद्ध सिद्ध शक्ति पीठ मां बगलामुखी मंदिर में भी दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस दौरान हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा और जम्मू कश्मीर सहित अन्य प्रदेश के सैकड़ों लोगों ने दर्शन किए।
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कार्य को बंद कर श्रद्धालुओं को करीब से करवाए दर्शन
श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम के मंदिर अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि नववर्ष के लिए मंदिर को फूलों और गुब्बारों से सजाया गया। बहुत से स्थानीय और बाहरी राज्यों के श्रद्धालुओं की शिकायत पर नववर्ष के सुअवसर पर मंदिर के कार्य को बंद कर सभी को नजदीक से दर्शन करवाए गए। नववर्ष पर श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होने पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए 10 अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। मंदिर में आने और जाने के लिए अलग-अलग रास्तों की व्यवस्था की गई है।
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बैजनाथ शिव मंदिर में मौजूद नहीं था कोई पुलिस जवान
बैजनाथ मंदिर में भी सुबह 5 बजे से ही श्रद्धालुओं की लाइनों के लगने का सिलसिला शुरू हो गया और देर शाम तक जारी रहा। इस दौरान दोपहर तीन बजे हल्की बारिश में भी श्रद्धालु लाइनों में लगे रहे। मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए लंगर में सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। प्रशासन को भी श्रद्धालुओं की संख्या का अनुमान नहीं था और पुलिस का कोई भी जवान मौजूद नहीं था। हालांकि थाना प्रभारी यादेश ठाकुर ने कुछ समय के लिए मौजूद रहे।

ज्वालामुखी मंदिर में दर्शन करते श्रद्धालु । संवाद

ज्वालामुखी मंदिर में दर्शन करते श्रद्धालु । संवाद