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Kangra News: चेक बाउंस मामले में ग्राहक को एक वर्ष का कारावास, देना होगा दोगुना मुआवजा
Tue, 21 Jul 2026 08:15 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 21 Jul 2026 08:15 AM IST
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धर्मशाला। गिफ्ट सेंटर से सामान खरीदने के बाद भुगतान न करना एक ग्राहक को भारी पड़ गया। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पालमपुर गौरव कुमार की अदालत ने चेक बाउंस के करीब 10 वर्ष पुराने मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही शिकायतकर्ता को 52 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
मुआवजा अदा न करने पर दोषी को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। शिकायत के अनुसार पालमपुर क्षेत्र के एक दुकानदार के गिफ्ट सेंटर से आरोपी ने 6 सितंबर 2015 को 26 हजार रुपये का सामान खरीदा था। इसके भुगतान के लिए आरोपी ने 15 नवंबर 2015 का चेक दिया जो बैंक में प्रस्तुत करने पर अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गया।
कानूनी नोटिस के बाद भी भुगतान न करने पर मामला अदालत पहुंचा। सुनवाई के दौरान आरोपी ने चेक पर हस्ताक्षर से इनकार नहीं किया, लेकिन दावा किया कि चेक सुरक्षा के तौर पर था और उसने केवल 5 हजार का सामान खरीदा था। हालांकि, वह इसका कोई साक्ष्य पेश नहीं कर सका। अदालत ने आरोपी को परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत दोषी करार दिया। विचारण के दौरान जेल में बिताए गए 15 दिनों की अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
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मुआवजा अदा न करने पर दोषी को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। शिकायत के अनुसार पालमपुर क्षेत्र के एक दुकानदार के गिफ्ट सेंटर से आरोपी ने 6 सितंबर 2015 को 26 हजार रुपये का सामान खरीदा था। इसके भुगतान के लिए आरोपी ने 15 नवंबर 2015 का चेक दिया जो बैंक में प्रस्तुत करने पर अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गया।
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कानूनी नोटिस के बाद भी भुगतान न करने पर मामला अदालत पहुंचा। सुनवाई के दौरान आरोपी ने चेक पर हस्ताक्षर से इनकार नहीं किया, लेकिन दावा किया कि चेक सुरक्षा के तौर पर था और उसने केवल 5 हजार का सामान खरीदा था। हालांकि, वह इसका कोई साक्ष्य पेश नहीं कर सका। अदालत ने आरोपी को परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत दोषी करार दिया। विचारण के दौरान जेल में बिताए गए 15 दिनों की अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
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