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Kangra News: नियांगल में नाले ने बदला रुख, 15 घरों पर भूस्खलन का खतरा
Wed, 22 Jul 2026 07:31 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 22 Jul 2026 07:31 AM IST
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कोटला की नियांगल पंचायत में नाले का बहाव बदलने में जुटी जेबीसी मशीन। -स्रोत : जागरूक पाठक
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कोटला (कांगड़ा)। उपतहसील कोटला के अंतर्गत नियांगल पंचायत में लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने ग्रामीणों पर संकट में डाल दिया है। भारी बारिश के कारण पूर्व में हुए भूस्खलन वाले स्थान पर नाले का रुख बदल गया है। इससे बरसात के पानी का तेज बहाव अब सीधे रिहायशी क्षेत्र की ओर आ रहा है। इससे लगभग 15 घरों और कृषि भूमि के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो है।
ग्रामीणों का कहना है कि हर बारिश के साथ नाले से आ रहा मलबा और पत्थर लगातार भूमि कटाव कर रहे हैं। इससे कई घरों की नींवें हिल चुकी हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि वे वर्षों से जवाली प्रशासन, विभागों और स्थानीय विधायक से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन आश्वासनों के सिवाय धरातल पर कोई ठोस कार्य नहीं हुआ।
अब बारिश के कारण नाले का रुख बदलने पर क्षेत्रवासियों ने कृषि मंत्री चंद्र कुमार से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कांगड़ा के उपायुक्त से तत्काल सुरक्षा दीवार व अन्य कार्य शुरू करवाने की अपील की है। वहीं, प्रशासन की ओर से मौके पर एक जेसीबी मशीन भेजी गई है, जो मलबे का हटाकर नाले को पूर्व की स्थिति में करने में जुटी है।
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उधर, पंचायत प्रधान शीला देवी ने भी मौके का जायजा लेकर स्थिति को अत्यंत गंभीर माना और मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया। वहीं, जवाली के एसडीएम नरेंद्र जरियाल ने बताया कि मामला ध्यान में आते ही तुरंत जेसीबी मशीन मौके पर भेज दी गई है, ताकि नाले के पानी की दिशा को डायवर्ट कर संभावित खतरे को टाला जा सके।
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ग्रामीणों का कहना है कि हर बारिश के साथ नाले से आ रहा मलबा और पत्थर लगातार भूमि कटाव कर रहे हैं। इससे कई घरों की नींवें हिल चुकी हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि वे वर्षों से जवाली प्रशासन, विभागों और स्थानीय विधायक से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन आश्वासनों के सिवाय धरातल पर कोई ठोस कार्य नहीं हुआ।
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अब बारिश के कारण नाले का रुख बदलने पर क्षेत्रवासियों ने कृषि मंत्री चंद्र कुमार से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कांगड़ा के उपायुक्त से तत्काल सुरक्षा दीवार व अन्य कार्य शुरू करवाने की अपील की है। वहीं, प्रशासन की ओर से मौके पर एक जेसीबी मशीन भेजी गई है, जो मलबे का हटाकर नाले को पूर्व की स्थिति में करने में जुटी है।
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उधर, पंचायत प्रधान शीला देवी ने भी मौके का जायजा लेकर स्थिति को अत्यंत गंभीर माना और मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया। वहीं, जवाली के एसडीएम नरेंद्र जरियाल ने बताया कि मामला ध्यान में आते ही तुरंत जेसीबी मशीन मौके पर भेज दी गई है, ताकि नाले के पानी की दिशा को डायवर्ट कर संभावित खतरे को टाला जा सके।