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मिंजर मेला : जीजा रिन मसरां दी दाल पर नाचा जमानाबाद
Sat, 01 Aug 2026 02:22 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sat, 01 Aug 2026 02:22 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। कांगड़ा के जमानाबाद में आयोजित सात दिवसीय मिंजर मेले की शुक्रवार को पहली सांस्कृतिक संध्या निकेश बड़जात्या और डोली राणा के नाम रही। सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ गायक सौरभ की प्रस्तुति से हुआ। इसके बाद निकेश बड़जात्या ने पानी दा लोटा, अज छतराड़ी, जुगा-जुगियलिय और चंबा आर कि नदिया पार जैसे लोकप्रिय पहाड़ी गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
इसके बाद डोली राणा ने जीजा रिन मसरां दी दाल और काला डोरा गीतों की प्रस्तुति देकर माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम में रंजना रघुवंशी, अर्जुन गोपाल और नीतिश मेहरा सहित अन्य कलाकारों ने भी आकर्षक प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम में जनहित संगठन के अध्यक्ष अमित वर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। मिंजर मेला कमेटी के प्रधान अशोक कुमार ने मुख्यातिथि को मिंजर बैच, पगड़ी और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या का आयोजन पहली अगस्त को होगा।
मुख्यातिथि ने कहा कि मेले हमारी संस्कृति, सभ्यता और आपसी भाईचारे के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजनों से सामाजिक सौहार्द और मेल-मिलाप को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक मेलों का आयोजन निरंतर होना चाहिए, ताकि सांस्कृतिक विरासत और आपसी भाईचारा मजबूत बना रहे।
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कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे और देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेते रहे। इस अवसर पर मुख्यातिथि के साथ राजे स्याल, उनकी पत्नी आदि उपस्थित रहे।
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धर्मशाला। कांगड़ा के जमानाबाद में आयोजित सात दिवसीय मिंजर मेले की शुक्रवार को पहली सांस्कृतिक संध्या निकेश बड़जात्या और डोली राणा के नाम रही। सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ गायक सौरभ की प्रस्तुति से हुआ। इसके बाद निकेश बड़जात्या ने पानी दा लोटा, अज छतराड़ी, जुगा-जुगियलिय और चंबा आर कि नदिया पार जैसे लोकप्रिय पहाड़ी गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
इसके बाद डोली राणा ने जीजा रिन मसरां दी दाल और काला डोरा गीतों की प्रस्तुति देकर माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम में रंजना रघुवंशी, अर्जुन गोपाल और नीतिश मेहरा सहित अन्य कलाकारों ने भी आकर्षक प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम में जनहित संगठन के अध्यक्ष अमित वर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। मिंजर मेला कमेटी के प्रधान अशोक कुमार ने मुख्यातिथि को मिंजर बैच, पगड़ी और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या का आयोजन पहली अगस्त को होगा।
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मुख्यातिथि ने कहा कि मेले हमारी संस्कृति, सभ्यता और आपसी भाईचारे के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजनों से सामाजिक सौहार्द और मेल-मिलाप को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक मेलों का आयोजन निरंतर होना चाहिए, ताकि सांस्कृतिक विरासत और आपसी भाईचारा मजबूत बना रहे।
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कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे और देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेते रहे। इस अवसर पर मुख्यातिथि के साथ राजे स्याल, उनकी पत्नी आदि उपस्थित रहे।