{"_id":"6a3683581508dda7040ad8d0","slug":"heritage-and-tourism-guides-to-receive-professional-training-kangra-news-c-95-1-ssml1021-240480-2026-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: हेरिटेज और पर्यटन गाइडों को मिलेगा प्रोफेशनल प्रशिक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: हेरिटेज और पर्यटन गाइडों को मिलेगा प्रोफेशनल प्रशिक्षण
Sun, 21 Jun 2026 05:40 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 21 Jun 2026 05:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धर्मशाला में सात दिवसीय कार्यशाला शुरू, इंटैक, पर्यटन विभाग और धर्मशाला कॉलेज की संयुक्त पहल
विशेषज्ञों ने सॉफ्ट स्किल्स और सांस्कृतिक विरासत संरक्षण पर दिए टिप्स
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इंटैक) धर्मशाला चैप्टर की ओर से पर्यटन विभाग और राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के सहयोग से हेरिटेज एवं पर्यटन गाइडों के लिए सात दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। 20 से 26 जून तक चलने वाली इस कार्यशाला का उद्देश्य स्थानीय गाइडों को जिम्मेदार पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण और पेशेवर कौशल से सशक्त बनाना है।
कार्यक्रम में इंटैक की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मालविका पठानिया मुख्य अतिथि रहीं। इंटैक धर्मशाला चैप्टर के कन्वीनर डॉ. नरेंद्र अवस्थी ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए संगठन की स्थापना, उद्देश्यों और देशभर में संचालित संरक्षण अभियानों की जानकारी दी। इस अवसर पर राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया, प्रो. संदीप कुलश्रेष्ठ तथा इंटैक की तिविशी गौतम भी उपस्थित रहीं।
मालविका पठानिया ने कहा कि अपनी संस्कृति और इतिहास के प्रति गर्व की भावना ही विरासत संरक्षण का आधार है। उन्होंने स्थानीय धरोहरों को वैश्विक पहचान दिलाने में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं, प्रो. संदीप कुलश्रेष्ठ ने पर्यटन गाइडों के लिए सॉफ्ट स्किल्स के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि प्रभावी संवाद, व्यवहार कुशलता, नेतृत्व क्षमता और पर्यटकों के साथ सकारात्मक संबंध किसी भी गाइड की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित गाइड किसी क्षेत्र की पर्यटन छवि को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं। आयोजकों के अनुसार आगामी दिनों में प्रतिभागियों को हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत, जिम्मेदार पर्यटन और व्यावसायिक नैतिकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विशेषज्ञों ने सॉफ्ट स्किल्स और सांस्कृतिक विरासत संरक्षण पर दिए टिप्स
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इंटैक) धर्मशाला चैप्टर की ओर से पर्यटन विभाग और राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के सहयोग से हेरिटेज एवं पर्यटन गाइडों के लिए सात दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। 20 से 26 जून तक चलने वाली इस कार्यशाला का उद्देश्य स्थानीय गाइडों को जिम्मेदार पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण और पेशेवर कौशल से सशक्त बनाना है।
कार्यक्रम में इंटैक की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मालविका पठानिया मुख्य अतिथि रहीं। इंटैक धर्मशाला चैप्टर के कन्वीनर डॉ. नरेंद्र अवस्थी ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए संगठन की स्थापना, उद्देश्यों और देशभर में संचालित संरक्षण अभियानों की जानकारी दी। इस अवसर पर राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया, प्रो. संदीप कुलश्रेष्ठ तथा इंटैक की तिविशी गौतम भी उपस्थित रहीं।
विज्ञापन
मालविका पठानिया ने कहा कि अपनी संस्कृति और इतिहास के प्रति गर्व की भावना ही विरासत संरक्षण का आधार है। उन्होंने स्थानीय धरोहरों को वैश्विक पहचान दिलाने में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं, प्रो. संदीप कुलश्रेष्ठ ने पर्यटन गाइडों के लिए सॉफ्ट स्किल्स के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि प्रभावी संवाद, व्यवहार कुशलता, नेतृत्व क्षमता और पर्यटकों के साथ सकारात्मक संबंध किसी भी गाइड की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित गाइड किसी क्षेत्र की पर्यटन छवि को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं। आयोजकों के अनुसार आगामी दिनों में प्रतिभागियों को हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत, जिम्मेदार पर्यटन और व्यावसायिक नैतिकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विज्ञापन