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Kangra News: दूसरे दिन भी एचआरटीसी बस खराब, यात्री परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 15 Jun 2026 06:56 AM IST
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जयसिंहपुर में खड़ी हरोट रूट पर जाने वाली एचआरटीसी बस। - संवाद
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जालग (कांगड़ा)। जयसिंहपुर से सुबह पालमपुर वाया हरोट चलने वाली एकमात्र एचआरटीसी बस तकनीकी खराबी के कारण लगातार दूसरे दिन रविवार को भी रूट पर नहीं जा सकी। इससे हरोट, महाराज नगर और आसपास के दर्जनों गांवों के यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
गौरतलब है कि शनिवार सुबह भी यह बस जयसिंहपुर से रवाना होने से पहले ही खराब हो गई थी। उस दौरान यात्रियों और स्थानीय लोगों ने जय श्रीराम और हर हर महादेव के जयकारों के साथ बस को धक्का देकर चलाने का प्रयास किया था, लेकिन बस चालू नहीं हो पाई थी। बाद में बस को ठीक कर अन्य रूट से पालमपुर भेजा गया था, लेकिन रविवार को फिर से इसके खड़े होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को निजी वाहनों पर निर्भर होना पड़ा।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि उनके इलाकों में पहले ही गिनी-चुनी बसें चलती हैं। ऐसे में एक मुख्य बस के भी न चलने से लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थानीय लोगों ने एचआरटीसी प्रबंधन से मांग की है कि बसों की तकनीकी स्थिति में सुधार कर नियमित और विश्वसनीय परिवहन सेवाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि ग्रामीणों को बार-बार परेशान न होना पड़े।
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हरोट रूट की बस की बैटरी में कुछ दिक्कत आ गई थी, जिसके कारण बस रविवार को अपने रूट पर नहीं जा सकी। यात्रियों की सुविधा के लिए तकनीकी खामियों को दूर किया जा रहा है। -नितेश शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी पालमपुर।
शिमला-चढ़ियार बस सेवा हमीरपुर तक सीमित
चढ़ियार से वाया संधोल-जयसिंहपुर राजधानी शिमला चलने वाली इकलौती सीधी बस सेवा को भी एचआरटीसी प्रबंधन ने हमीरपुर तक सीमित कर दिया है। इससे जयसिंहपुर क्षेत्र का शिमला से सीधा संपर्क टूट गया है। यह बस रूट सरीमोलग, हारसी, संधोल, लंबागांव, सुजानपुर और बिलासपुर आदि को जोड़ता था। बस सेवा बंद होने से आईजीएमसी शिमला जाने वाले मरीजों, तीमारदारों और कॉलेज छात्रों को बीच सफर में बसें बदलनी पड़ रही हैं, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। स्थानीय निवासी रजनीश, लक्की, नीलम, आयुष, शिवम और दीक्षित आदि ने इस सेवा को पुनः शिमला तक बहाल करने की मांग की है। उधर, एचआरटीसी मंडल धर्मशाला के डीएम पंकज चड्ढा ने कहा कि चढ़ियार-शिमला बस में यात्रियों की संख्या कम होने के कारण वर्तमान में इसे हमीरपुर तक ही भेजा जा रहा है। हमीरपुर से शिमला के लिए एचआरटीसी की पर्याप्त बसें उपलब्ध हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी नहीं होगी।
गौरतलब है कि शनिवार सुबह भी यह बस जयसिंहपुर से रवाना होने से पहले ही खराब हो गई थी। उस दौरान यात्रियों और स्थानीय लोगों ने जय श्रीराम और हर हर महादेव के जयकारों के साथ बस को धक्का देकर चलाने का प्रयास किया था, लेकिन बस चालू नहीं हो पाई थी। बाद में बस को ठीक कर अन्य रूट से पालमपुर भेजा गया था, लेकिन रविवार को फिर से इसके खड़े होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को निजी वाहनों पर निर्भर होना पड़ा।
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क्षेत्रवासियों ने बताया कि उनके इलाकों में पहले ही गिनी-चुनी बसें चलती हैं। ऐसे में एक मुख्य बस के भी न चलने से लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थानीय लोगों ने एचआरटीसी प्रबंधन से मांग की है कि बसों की तकनीकी स्थिति में सुधार कर नियमित और विश्वसनीय परिवहन सेवाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि ग्रामीणों को बार-बार परेशान न होना पड़े।
हरोट रूट की बस की बैटरी में कुछ दिक्कत आ गई थी, जिसके कारण बस रविवार को अपने रूट पर नहीं जा सकी। यात्रियों की सुविधा के लिए तकनीकी खामियों को दूर किया जा रहा है। -नितेश शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी पालमपुर।
शिमला-चढ़ियार बस सेवा हमीरपुर तक सीमित
चढ़ियार से वाया संधोल-जयसिंहपुर राजधानी शिमला चलने वाली इकलौती सीधी बस सेवा को भी एचआरटीसी प्रबंधन ने हमीरपुर तक सीमित कर दिया है। इससे जयसिंहपुर क्षेत्र का शिमला से सीधा संपर्क टूट गया है। यह बस रूट सरीमोलग, हारसी, संधोल, लंबागांव, सुजानपुर और बिलासपुर आदि को जोड़ता था। बस सेवा बंद होने से आईजीएमसी शिमला जाने वाले मरीजों, तीमारदारों और कॉलेज छात्रों को बीच सफर में बसें बदलनी पड़ रही हैं, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। स्थानीय निवासी रजनीश, लक्की, नीलम, आयुष, शिवम और दीक्षित आदि ने इस सेवा को पुनः शिमला तक बहाल करने की मांग की है। उधर, एचआरटीसी मंडल धर्मशाला के डीएम पंकज चड्ढा ने कहा कि चढ़ियार-शिमला बस में यात्रियों की संख्या कम होने के कारण वर्तमान में इसे हमीरपुर तक ही भेजा जा रहा है। हमीरपुर से शिमला के लिए एचआरटीसी की पर्याप्त बसें उपलब्ध हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी नहीं होगी।