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हिमाचल में सीएम का चेहरा बनने की कोशिश में नड्डा : कांग्रेस
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धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत करते भवानी पठानिया और अशीष बुटेल। -अमर उजाला
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धर्मशाला। प्रदेश योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया और पूर्व सीपीएस एवं विधायक आशीष बुटेल ने रविवार को धर्मशाला में संयुक्त पत्रकार वार्ता कर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जेपी नड्डा हिमाचल में मुख्यमंत्री का चेहरा बनने की कोशिश कर रहे हैं और उनकी हालिया प्रेस वार्ता केवल राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास थी।
पठानिया ने कहा कि केंद्रीय मंत्रियों से प्रदेश के विकास और सहायता की अपेक्षा की जाती है, लेकिन वे केवल राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं। नड्डा के बयान से स्पष्ट है कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को आरडीजी बंद होने की जानकारी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार को जीएसटी और आरडीजी के माध्यम से करीब 70 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त प्राप्त हुए, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश का कर्ज 45 हजार करोड़ से बढ़कर 75 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये की सहायता अभी तक पूरी तरह नहीं मिली है। केंद्रीय टीम प्रदेश में नुकसान का आकलन कर चुकी है और करीब नौ हजार करोड़ रुपये के नुकसान की रिपोर्ट तैयार की गई है। उन्होंने यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट न देने के आरोपों को भी खारिज किया। कांगड़ा के विकास पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि डल झील के पुनर्निर्माण, बनखंडी चिड़ियाघर, कन्वेंशन सेंटर और गगल हवाई अड्डे के विस्तार पर कार्य किया जा रहा है। वहीं एचआरटीसी की स्थिति सुधारने के लिए जल्द ही ई-बसों को बेड़े में शामिल किया जाएगा।
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पठानिया ने कहा कि केंद्रीय मंत्रियों से प्रदेश के विकास और सहायता की अपेक्षा की जाती है, लेकिन वे केवल राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं। नड्डा के बयान से स्पष्ट है कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को आरडीजी बंद होने की जानकारी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार को जीएसटी और आरडीजी के माध्यम से करीब 70 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त प्राप्त हुए, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश का कर्ज 45 हजार करोड़ से बढ़कर 75 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये की सहायता अभी तक पूरी तरह नहीं मिली है। केंद्रीय टीम प्रदेश में नुकसान का आकलन कर चुकी है और करीब नौ हजार करोड़ रुपये के नुकसान की रिपोर्ट तैयार की गई है। उन्होंने यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट न देने के आरोपों को भी खारिज किया। कांगड़ा के विकास पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि डल झील के पुनर्निर्माण, बनखंडी चिड़ियाघर, कन्वेंशन सेंटर और गगल हवाई अड्डे के विस्तार पर कार्य किया जा रहा है। वहीं एचआरटीसी की स्थिति सुधारने के लिए जल्द ही ई-बसों को बेड़े में शामिल किया जाएगा।