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Kangra News: क्लेम पास नहीं हुए तो अधिकारियों और मंत्रियों के फूंके जाएंगे पुतले
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धीरा में एसडीएम सलीम आजम को ज्ञापन देते हुए ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन सेंटर के पदाधिकारी स्
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धीरा में ट्रेड यूनियन ने एसडीएम को ज्ञापन देकर दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
धीरा (कांगड़ा)। ट्रेड यूनियन को-ऑर्डिनेशन सेंटर की ओर से एसडीएम कार्यालय धीरा में प्रदेश निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड को जमकर कोसा और सरकार को एसडीएम धीरा सलीम आजम के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया। उन्होंने कहा कि बोर्ड का एक अधिकारी जिसके पास कई विभागों का अतिरिक्त चार्ज है, वह हमीरपुर के कल्याण बोर्ड मुख्यालय में आता ही नहीं है। ऊपर से उनको मजदूरों के कल्याण के बारे में कोई रुचि नहीं है। उन्होंने पिछले तीन वर्षों से तानाशाही रवैया अपनाया हुआ है।
ट्रेड यूनियन को-ऑर्डिनेशन सेंटर के राज्य महासचिव रविंद्र सिंह रवि और राज्य अध्यक्ष चौधरी प्रेमचंद ने कहा कि सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जिला कांगड़ा के 800 क्लेम भेजे गए थे जो वहां धूल फांक रहे हैं। इसके अतिरिक्त जो तीन साल के क्लेम बोर्ड में पास हुए थे, उनके खातों में पैसे नहीं भेजे जा रहे हैं। उसमें मजदूरों की मृत्यु के भी क्लेम हैं। मजदूरों को दो वर्षों से ई-केवाईसी में ही उलझा दिया गया है। एक के बाद एक आपत्तियां लगाई जा रही हैं। कल्याण बोर्ड की मीटिंग में पास किए गए नियम लागू नहीं किए जाते हैं और निर्माण मजदूर की कल्याणकारी योजनाओं को प्रदेश सरकार ने जानबूझकर रोक कर रखा है। यह बात मुख्यमंत्री के ध्यान में भी लाई गई थी लेकिन उन्होंने भी कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि जिला कांगड़ा के मजदूरों के जो आवेदन सारी औपचारिकताएं पूरी कर चुके हैं, उनको एक माह के अंदर पास न किया गया तो सरकार और बोर्ड के अधिकारियों और मंत्रियों के पुतले जलाए जाएंगे। इस मौके पर अमन चौधरी, विनोद कुमार, सरवन कुमार, संजय कुमार, राकेश शर्मा, रीता देवी, कृष्णा देवी, सुरजीत सिंह राणा, मेघा राणा के अतिरिक्त अन्य निर्माण कामगार शामिल रहे।
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धीरा (कांगड़ा)। ट्रेड यूनियन को-ऑर्डिनेशन सेंटर की ओर से एसडीएम कार्यालय धीरा में प्रदेश निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड को जमकर कोसा और सरकार को एसडीएम धीरा सलीम आजम के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया। उन्होंने कहा कि बोर्ड का एक अधिकारी जिसके पास कई विभागों का अतिरिक्त चार्ज है, वह हमीरपुर के कल्याण बोर्ड मुख्यालय में आता ही नहीं है। ऊपर से उनको मजदूरों के कल्याण के बारे में कोई रुचि नहीं है। उन्होंने पिछले तीन वर्षों से तानाशाही रवैया अपनाया हुआ है।
ट्रेड यूनियन को-ऑर्डिनेशन सेंटर के राज्य महासचिव रविंद्र सिंह रवि और राज्य अध्यक्ष चौधरी प्रेमचंद ने कहा कि सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जिला कांगड़ा के 800 क्लेम भेजे गए थे जो वहां धूल फांक रहे हैं। इसके अतिरिक्त जो तीन साल के क्लेम बोर्ड में पास हुए थे, उनके खातों में पैसे नहीं भेजे जा रहे हैं। उसमें मजदूरों की मृत्यु के भी क्लेम हैं। मजदूरों को दो वर्षों से ई-केवाईसी में ही उलझा दिया गया है। एक के बाद एक आपत्तियां लगाई जा रही हैं। कल्याण बोर्ड की मीटिंग में पास किए गए नियम लागू नहीं किए जाते हैं और निर्माण मजदूर की कल्याणकारी योजनाओं को प्रदेश सरकार ने जानबूझकर रोक कर रखा है। यह बात मुख्यमंत्री के ध्यान में भी लाई गई थी लेकिन उन्होंने भी कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि जिला कांगड़ा के मजदूरों के जो आवेदन सारी औपचारिकताएं पूरी कर चुके हैं, उनको एक माह के अंदर पास न किया गया तो सरकार और बोर्ड के अधिकारियों और मंत्रियों के पुतले जलाए जाएंगे। इस मौके पर अमन चौधरी, विनोद कुमार, सरवन कुमार, संजय कुमार, राकेश शर्मा, रीता देवी, कृष्णा देवी, सुरजीत सिंह राणा, मेघा राणा के अतिरिक्त अन्य निर्माण कामगार शामिल रहे।
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