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50 साल से पुनर्वास के लिए भटक रहे पौंग बांध विस्थापित : विश्वकर्मा

Mon, 17 Aug 2026 01:25 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Mon, 17 Aug 2026 01:25 AM IST
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Pong Dam oustees have been wandering in search of rehabilitation for 50 years: Vishwakarma
बरियाल (कांगड़ा)। नगरोटा सूरियां विश्रामगृह में रविवार को पौंग बांध विस्थापित समिति की बैठक अशोक सोमल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विस्थापितों के नेता पीसी विश्वकर्मा ने हिमाचल और राजस्थान सरकार के ढुलमुल रवैये पर कड़ा रोष जताया। उन्होंने कहा कि दोनों सरकारों की उदासीनता के कारण विस्थापित 50 वर्षों से अपने पुनर्वास के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
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उन्होंने सरकार से पौंग बांध विस्थापितों को नियमित रॉयल्टी देने की मांग रखी। बैठक में डॉ. सोमल ने मांग उठाई कि श्रीगंगानगर में विस्थापितों के लिए आरक्षित एक लाख 5 हजार हेक्टेयर भूमि को अवैध कब्जों से खाली करवाकर वहां पात्र परिवारों को मुरब्बे आवंटित किए जाएं। वहीं, डॉ. एचएल धीमान ने नर्मदा बांध की तर्ज पर पौंग बांध विस्थापितों के लिए भी विस्थापित बेनिफिट शेयर फंड गठित करने की पैरवी की।
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समिति के संयोजक अश्वनी चौधरी ने संगठन के संघर्ष की रूपरेखा रखी और जिन विस्थापितों को मुरब्बे मिले हैं, उनसे संबंधित फॉर्म भरवाए। बैठक में करीब 30 विस्थापितों ने अपनी समस्याएं रखीं और मांग पत्र भरे। इस मौके पर पूर्व प्राचार्य मुलख राज वशिष्ठ, फौजा सिंह धीमान, सुदर्शन दर्शी और चुनी लाल चौधरी सहित कई विस्थापित मौजूद रहे।
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