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Kangra News: डल झील में लौटेगी बहार... घाट, आरती और सेल्फी प्वाइंट तैयार
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डल झील
- फोटो : rajori news
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धर्मशाला। पर्यटन नगरी धर्मशाला का प्रमुख आकर्षण नड्डी स्थित डल झील में लीकेज की दिक्कत दूर हो चुकी है और अगले महीने से यह झील नए रंगरूप के साथ पर्यटकों का स्वागत करने को तैयार है। लीकेज दूर करने और झील के सौंदर्यीकरण का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है और इसे 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। घाट, आरती और सेल्फी प्वाइंट से यह और सुंदर लगेगी।
खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय धर्मशाला के माध्यम से चल रहे इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक पानी की लीकेज रोकने और अन्य विकास कार्यों पर करीब 55 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। झील के किनारे बनाए जा रहे घाट का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य भी तय समय सीमा में पूरा करने का प्रयास जारी है।
घाट निर्माण पूर्ण होने के बाद यहां संध्याकालीन आरती का आयोजन शुरू किया जाएगा, जिससे यह स्थल धार्मिक और पर्यटन दोनों दृष्टियों से और अधिक महत्वपूर्ण बन जाएगा। इसके साथ ही झील के पास आकर्षक सेल्फी प्वाइंट का निर्माण कार्य भी पूरा कर लिया गया है, जो पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
डल झील वर्षों से धर्मशाला की प्राकृतिक सुंदरता का अहम हिस्सा रही है। राधाष्टमी के अवसर पर यहां पवित्र स्नान के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। नड्डी, सतोवरी, मैक्लोडगंज, धर्मकोट और भागसूनाग आने वाले पर्यटक भी इस झील को अपनी यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव मानते हैं।
हालांकि, बीते सात वर्षों में यह झील सूखने की कगार पर पहुंच गई थी, जिससे स्थानीय पर्यटन गतिविधियों पर भी असर पड़ा। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पिछले वर्ष शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने संबंधित विभागों के साथ बैठक कर झील की लीकेज रोकने और सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने बीडीओ कार्यालय को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
वर्तमान में झील की लीकेज पूरी तरह नियंत्रित कर ली गई है, जबकि गाद निकालने का कार्य अभी शेष है। हाल ही में हुई बारिश के कारण जेसीबी मशीन झील में नहीं उतर पाई, जिससे यह कार्य कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ है। विभाग के अनुसार, मौसम साफ होते ही गाद हटाने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाएगा।
31 मार्च तक सौंदर्यीकरण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बारिश के कारण थोड़ी देरी हुई है, लेकिन मौसम अनुकूल होते ही शेष कार्य तेजी से पूर्ण कर लिए जाएंगे। अभिनीत कात्यायन, खंड विकास अधिकारी धर्मशाला
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खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय धर्मशाला के माध्यम से चल रहे इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक पानी की लीकेज रोकने और अन्य विकास कार्यों पर करीब 55 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। झील के किनारे बनाए जा रहे घाट का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य भी तय समय सीमा में पूरा करने का प्रयास जारी है।
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घाट निर्माण पूर्ण होने के बाद यहां संध्याकालीन आरती का आयोजन शुरू किया जाएगा, जिससे यह स्थल धार्मिक और पर्यटन दोनों दृष्टियों से और अधिक महत्वपूर्ण बन जाएगा। इसके साथ ही झील के पास आकर्षक सेल्फी प्वाइंट का निर्माण कार्य भी पूरा कर लिया गया है, जो पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
डल झील वर्षों से धर्मशाला की प्राकृतिक सुंदरता का अहम हिस्सा रही है। राधाष्टमी के अवसर पर यहां पवित्र स्नान के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। नड्डी, सतोवरी, मैक्लोडगंज, धर्मकोट और भागसूनाग आने वाले पर्यटक भी इस झील को अपनी यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव मानते हैं।
हालांकि, बीते सात वर्षों में यह झील सूखने की कगार पर पहुंच गई थी, जिससे स्थानीय पर्यटन गतिविधियों पर भी असर पड़ा। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पिछले वर्ष शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने संबंधित विभागों के साथ बैठक कर झील की लीकेज रोकने और सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने बीडीओ कार्यालय को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
वर्तमान में झील की लीकेज पूरी तरह नियंत्रित कर ली गई है, जबकि गाद निकालने का कार्य अभी शेष है। हाल ही में हुई बारिश के कारण जेसीबी मशीन झील में नहीं उतर पाई, जिससे यह कार्य कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ है। विभाग के अनुसार, मौसम साफ होते ही गाद हटाने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाएगा।
31 मार्च तक सौंदर्यीकरण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बारिश के कारण थोड़ी देरी हुई है, लेकिन मौसम अनुकूल होते ही शेष कार्य तेजी से पूर्ण कर लिए जाएंगे। अभिनीत कात्यायन, खंड विकास अधिकारी धर्मशाला