{"_id":"6adc754902e3b812ac0688ee","slug":"teachers-will-face-action-if-guidebooks-or-answer-keys-are-found-in-students-bags-kangra-news-c-399-1-dsl1012-543531-2026-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: छात्रों के बैग में गाइड-कुंजी मिली तो शिक्षकों पर गिरेगी गाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: छात्रों के बैग में गाइड-कुंजी मिली तो शिक्षकों पर गिरेगी गाज
विज्ञापन
उच्च शिक्षा विभाग ने स्कूल मुखियाओं को आदेशों की पालना के निर्देश
विभाग गठित करेगा टीम, सत्यता जानने को जाएंगे औचक निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। जिला कांगड़ा के स्कूलों में विद्यार्थियों के बैग में अगर गाइड-कुंजी मिली तो इसका खामियाजा संबंधित शिक्षकों को भुगतना होगा। स्कूलों में गाइड और कुंजी को पूरी तरह रोक लगाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने स्कूल मुखियाओं को निर्देश दिए हैं। वहीं इस दौरान विभाग टीम गठित करेगा और आदेशों की पालना की सत्यता जानने के लिए स्कूलों के औचक निरीक्षण किए जाएंगे।
डिप्टी डायरेक्टर उच्च शिक्षा विभाग अजय सिंह संबयाल ने बताया कि विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों के माध्यम से पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित करना और गाइड-कुंजी पर उनकी निर्भरता कम करना है। उन्होंने बताया कि कई बार विद्यार्थी पाठ्यपुस्तकों को समझने और विषयों की तैयारी करने के बजाय गाइड-कुंजी में दिए गए तैयार उत्तरों पर निर्भर हो जाते हैं। इससे विषय की मूल अवधारणाओं को समझने और स्वयं उत्तर लिखने की क्षमता प्रभावित होने की आशंका रहती है। ऐसे में स्कूल स्तर पर ही इस प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए शिक्षकों और स्कूल मुखियाओं की जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि स्कूल मुखियाओं को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने संस्थानों में गाइड-कुंजी के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। शिक्षकों को भी विद्यार्थियों को निर्धारित पाठ्यपुस्तकों से पढ़ाई करवाने और विषयों की बेहतर समझ विकसित करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि विभागीय निर्देशों की अनदेखी सामने आने पर संबंधित शिक्षक से जवाब-तलब किया जाएगा और उन पर नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि आदेश जारी करने के बाद उनकी पालना सुनिश्चित करना भी विभाग की प्राथमिकता रहेगी। इसके लिए टीम गठित कर स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान यह जांचा जाएगा कि स्कूलों में विभागीय निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं और विद्यार्थियों को गाइड-कुंजी के बजाय पाठ्यपुस्तकों से अध्ययन के लिए प्रेरित किया जा रहा है या नहीं। इससे स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था पर निगरानी रखने के साथ निर्देशों की वास्तविक स्थिति का भी पता लगाया जा सकेगा।
विज्ञापन
विभाग गठित करेगा टीम, सत्यता जानने को जाएंगे औचक निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। जिला कांगड़ा के स्कूलों में विद्यार्थियों के बैग में अगर गाइड-कुंजी मिली तो इसका खामियाजा संबंधित शिक्षकों को भुगतना होगा। स्कूलों में गाइड और कुंजी को पूरी तरह रोक लगाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने स्कूल मुखियाओं को निर्देश दिए हैं। वहीं इस दौरान विभाग टीम गठित करेगा और आदेशों की पालना की सत्यता जानने के लिए स्कूलों के औचक निरीक्षण किए जाएंगे।
डिप्टी डायरेक्टर उच्च शिक्षा विभाग अजय सिंह संबयाल ने बताया कि विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों के माध्यम से पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित करना और गाइड-कुंजी पर उनकी निर्भरता कम करना है। उन्होंने बताया कि कई बार विद्यार्थी पाठ्यपुस्तकों को समझने और विषयों की तैयारी करने के बजाय गाइड-कुंजी में दिए गए तैयार उत्तरों पर निर्भर हो जाते हैं। इससे विषय की मूल अवधारणाओं को समझने और स्वयं उत्तर लिखने की क्षमता प्रभावित होने की आशंका रहती है। ऐसे में स्कूल स्तर पर ही इस प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए शिक्षकों और स्कूल मुखियाओं की जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया जा रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि स्कूल मुखियाओं को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने संस्थानों में गाइड-कुंजी के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। शिक्षकों को भी विद्यार्थियों को निर्धारित पाठ्यपुस्तकों से पढ़ाई करवाने और विषयों की बेहतर समझ विकसित करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि विभागीय निर्देशों की अनदेखी सामने आने पर संबंधित शिक्षक से जवाब-तलब किया जाएगा और उन पर नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि आदेश जारी करने के बाद उनकी पालना सुनिश्चित करना भी विभाग की प्राथमिकता रहेगी। इसके लिए टीम गठित कर स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान यह जांचा जाएगा कि स्कूलों में विभागीय निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं और विद्यार्थियों को गाइड-कुंजी के बजाय पाठ्यपुस्तकों से अध्ययन के लिए प्रेरित किया जा रहा है या नहीं। इससे स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था पर निगरानी रखने के साथ निर्देशों की वास्तविक स्थिति का भी पता लगाया जा सकेगा।