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Kangra News: गुब्बर में तैयार होगा पहला ग्रीन पंचायत सोलर प्लांट
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धर्मशाला। जलवायु परिवर्तन और बढ़ते कार्बन उत्सर्जन की चुनौती के बीच प्रदेश सरकार की ग्रीन पंचायत योजना ग्रामीण विकास का नया मॉडल बनकर सामने आ रही है। जिले की लंज के समीप गुब्बर (परगोड़) पंचायत में 500 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र तैयार हो चुका है। अंतिम चरण का कार्य पूरा होते ही यहां बिजली उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा।
ग्रीन पंचायत योजना के तहत प्रदेश की 100 ग्राम पंचायतों में 500-500 किलोवाट क्षमता के ग्राउंड-माउंटेड सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। प्रत्येक परियोजना पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। हर संयंत्र से सालाना लगभग आठ लाख यूनिट स्वच्छ बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। गुब्बर पंचायत में करीब 20 कनाल सरकारी भूमि पर स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र से उत्पादित बिजली का विक्रय हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड को किया जाएगा। हिमऊर्जा के परियोजना अधिकारी अरुण भारद्वाज ने बताया कि इस परियोजना से संबंधित पंचायत को प्रतिमाह करीब एक लाख रुपये की आय होने का अनुमान है। कांगड़ा जिले में 15 से 20 ऐसे सोलर प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं।
योजना के तहत परियोजना से होने वाली आय का 20 प्रतिशत राज्य सरकार, 30 प्रतिशत हिमऊर्जा को संचालन एवं रखरखाव के लिए मिलेगा। शेष 50 प्रतिशत राशि स्थानीय समुदाय पर खर्च की जाएगी। इसमें 25 प्रतिशत पंचायत के विकास कार्यों और 25 प्रतिशत अनाथ बच्चों तथा विधवा महिलाओं की आर्थिक सहायता के लिए निर्धारित है।
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उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि ग्रीन पंचायत योजना से हरित ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा और पंचायतों को स्थायी आय का स्रोत मिलेगा। आने वाले समय में जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों की चयनित पंचायतों में भी 500 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।
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ग्रीन पंचायत योजना के तहत प्रदेश की 100 ग्राम पंचायतों में 500-500 किलोवाट क्षमता के ग्राउंड-माउंटेड सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। प्रत्येक परियोजना पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। हर संयंत्र से सालाना लगभग आठ लाख यूनिट स्वच्छ बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। गुब्बर पंचायत में करीब 20 कनाल सरकारी भूमि पर स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र से उत्पादित बिजली का विक्रय हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड को किया जाएगा। हिमऊर्जा के परियोजना अधिकारी अरुण भारद्वाज ने बताया कि इस परियोजना से संबंधित पंचायत को प्रतिमाह करीब एक लाख रुपये की आय होने का अनुमान है। कांगड़ा जिले में 15 से 20 ऐसे सोलर प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं।
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योजना के तहत परियोजना से होने वाली आय का 20 प्रतिशत राज्य सरकार, 30 प्रतिशत हिमऊर्जा को संचालन एवं रखरखाव के लिए मिलेगा। शेष 50 प्रतिशत राशि स्थानीय समुदाय पर खर्च की जाएगी। इसमें 25 प्रतिशत पंचायत के विकास कार्यों और 25 प्रतिशत अनाथ बच्चों तथा विधवा महिलाओं की आर्थिक सहायता के लिए निर्धारित है।
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उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि ग्रीन पंचायत योजना से हरित ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा और पंचायतों को स्थायी आय का स्रोत मिलेगा। आने वाले समय में जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों की चयनित पंचायतों में भी 500 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।