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Kangra News: मानसून में कांगड़ा और चंबा में जल शक्ति विभाग को 67 करोड़ की चपत
Thu, 06 Aug 2026 09:07 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 06 Aug 2026 09:07 AM IST
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धर्मशाला। कांगड़ा और चंबा जिलों में भारी बारिश तथा भूस्खलन के कारण जल शक्ति विभाग को भारी क्षति पहुंची है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार दोनों जिलों में अब तक लगभग 67 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। इसमें कांगड़ा जिले को करीब 40 करोड़ और चंबा जिले को 27 करोड़ रुपये की चपत लगी है।
जल शक्ति विभाग धर्मशाला जोन के मुख्य अभियंता दीपक गर्ग ने बताया कि दोनों जिलों में विभाग की कुल 1,643 पेयजल योजनाएं हैं, जिनमें से अलग-अलग समय पर 820 परियोजनाएं प्रभावित हुई थीं। राहत की बात यह है कि विभाग ने तत्परता दिखाते हुए वर्तमान में करीब 90 प्रतिशत योजनाओं को पूरी तरह सुचारू कर दिया है। शेष 10 प्रतिशत योजनाओं में अस्थायी व वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की जा रही है, जिन्हें स्थायी रूप से बहाल करने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
मुख्य अभियंता के अनुसार, जिला चंबा के सुल्तानपुर और उदयपुर क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा था, जबकि भरमौर क्षेत्र की 10 परियोजनाएं प्रभावित हुई थीं। वहीं, कांगड़ा जिले में गज्ज पेयजल परियोजना सहित जयसिंहपुर और थुरल क्षेत्रों की योजनाओं को क्षति पहुंची थी। वर्तमान में इन सभी प्रमुख परियोजनाओं को दुरुस्त कर पेयजल आपूर्ति सामान्य कर दी गई है।
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जल शक्ति विभाग धर्मशाला जोन के मुख्य अभियंता दीपक गर्ग ने बताया कि दोनों जिलों में विभाग की कुल 1,643 पेयजल योजनाएं हैं, जिनमें से अलग-अलग समय पर 820 परियोजनाएं प्रभावित हुई थीं। राहत की बात यह है कि विभाग ने तत्परता दिखाते हुए वर्तमान में करीब 90 प्रतिशत योजनाओं को पूरी तरह सुचारू कर दिया है। शेष 10 प्रतिशत योजनाओं में अस्थायी व वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की जा रही है, जिन्हें स्थायी रूप से बहाल करने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
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मुख्य अभियंता के अनुसार, जिला चंबा के सुल्तानपुर और उदयपुर क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा था, जबकि भरमौर क्षेत्र की 10 परियोजनाएं प्रभावित हुई थीं। वहीं, कांगड़ा जिले में गज्ज पेयजल परियोजना सहित जयसिंहपुर और थुरल क्षेत्रों की योजनाओं को क्षति पहुंची थी। वर्तमान में इन सभी प्रमुख परियोजनाओं को दुरुस्त कर पेयजल आपूर्ति सामान्य कर दी गई है।
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