{"_id":"6a66691a60b06f130c0b6dd4","slug":"there-should-be-uniform-ethical-standards-and-accountability-must-be-fixed-for-states-as-well-parmar-kangra-news-c-95-1-kng1046-246916-2026-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"नैतिकता के एक जैसे मानदंड हों, राज्यों में भी तय हो जवाबदेही : परमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नैतिकता के एक जैसे मानदंड हों, राज्यों में भी तय हो जवाबदेही : परमार
Mon, 27 Jul 2026 01:37 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 27 Jul 2026 01:37 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पालमपुर/डरोह/सुलह (कांगड़ा)। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष एवं सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि लोकतंत्र में नैतिकता और जवाबदेही के अलग-अलग मानदंड नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र में किसी मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी की अपेक्षा की जाती है तो यही सिद्धांत राज्यों के मंत्रियों पर भी समान रूप से लागू होना चाहिए।
परमार ने कहा कि पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार कर लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पंजाब और कर्नाटक की सरकारें भी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों और परीक्षा प्रणाली पर उठे सवालों के मामलों में इसी प्रकार जवाबदेही तय करेंगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल विपक्ष में रहते हुए नैतिकता की बात करते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद जवाबदेही से बचते हैं। परमार ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए सभी दलों और सरकारों पर एक समान नैतिक मानदंड लागू होने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
परमार ने कहा कि पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार कर लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पंजाब और कर्नाटक की सरकारें भी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों और परीक्षा प्रणाली पर उठे सवालों के मामलों में इसी प्रकार जवाबदेही तय करेंगी।
विज्ञापन
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल विपक्ष में रहते हुए नैतिकता की बात करते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद जवाबदेही से बचते हैं। परमार ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए सभी दलों और सरकारों पर एक समान नैतिक मानदंड लागू होने चाहिए।
विज्ञापन