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हिमाचल: अटल टनल पर क्षमता से दोगुना ट्रैफिक, दीवारों पर जमी कार्बन की परत; वाहनों की संख्या तय करने की तैयारी

अशोक राणा, केलांग (लाहौल-स्पीति)। Published by: Ankesh Dogra Updated Mon, 08 Jun 2026 10:19 AM IST
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सार

सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अटल टनल पर बढ़ते ट्रैफिक और प्रदूषण के दबाव का सामना कर रही है। प्रतिदिन 4,500 वाहनों की डिजाइन क्षमता वाली सुरंग से पर्यटन सीजन में क्षमता से दोगुना से अधिक वाहन गुजर रहे हैं, जिससे सुरंग के भीतर धुएं का स्तर बढ़ने और दीवारों पर कार्बन की परत जमने की समस्या सामने आई है। 

atal tunnel rohtang facing double traffic pressure carbon layer deposits on walls
अटल टनल (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार

सामरिक और रणनीतिक दृष्टि से देश की सबसे महत्वपूर्ण सुरंगों में शामिल अटल टनल अब बढ़ते ट्रैफिक और प्रदूषण के दबाव से जूझ रही है। क्षमता से दोगुना से अधिक वाहनों की आवाजाही के कारण सुरंग के भीतर धुएं का स्तर बढ़ रहा है और दीवारों पर कार्बन की मोटी परत जमने लगी है। विशेषज्ञ इसे केवल यातायात की समस्या नहीं, बल्कि टनल की दीर्घायु, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़ा गंभीर विषय मान रहे हैं। इसी के मद्देनजर लाहौल-स्पीति और कुल्लू प्रशासन सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के साथ मिलकर अटल टनल से गुजरने वाले वाहनों की संख्या निर्धारित करने की तैयारी में जुट गया है।

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अटल टनल का निर्माण प्रतिदिन करीब 4,500 वाहनों की डिजाइन क्षमता को ध्यान में रखकर किया गया था, जिसमें 3,000 हल्के और 1,500 भारी वाहन शामिल हैं। हालांकि, पर्यटन सीजन में यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। इससे सुरंग में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ जाम, सड़क सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। 
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टनल बनने के बाद लाहौल घाटी में पर्यटन गतिविधियों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। पहले रोहतांग दर्रा बंद होने के बाद नवंबर से अप्रैल तक घाटी लगभग यातायात मुक्त रहती थी, लेकिन अब सर्दियों में भी हजारों वाहन रोजाना टनल से गुजर रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि अनियंत्रित ट्रैफिक भविष्य में पर्यावरणीय दबाव और संभावित आपदाओं का कारण बन सकता है। उपायुक्त किरण भड़ाना ने कहा कि अटल टनल में क्षमता से अधिक वाहनों की आवाजाही हो रही है, जिससे सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। प्रशासन सभी पहलुओं का अध्ययन कर आवश्यक कदम उठाने की दिशा में काम कर रहा है। 
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वर्ष वाहन संख्या
2023 12,41,150
2024 16,56,983
2025 16,04,719
जनवरी-मई 2026 7,82,976

टनल की लंबी उम्र के लिए ट्रैफिक नियंत्रण जरूरी : ब्रिगेडियर मनोज 
अटल टनल परियोजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मनोज कुमार का कहना है कि सुरंग के भीतर लगातार बढ़ता ट्रैफिक इसके सुरक्षा और संचालन तंत्र के लिए खतरा बन सकता है। टनल की दीर्घायु और सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने के लिए वाहनों की संख्या निर्धारित करना समय की जरूरत है।

हिमाचल पर्यटकों से गुलजार
हिमाचल प्रदेश में समर पर्यटन सीजन चरम पर है।  शिमला, मनाली, कुफरी, नारकंडा, कसौली, चायल, डलहौजी और रोहतांग टनल सैलानियों से गुलजार हैं। बढ़ती पर्यटको की संख्या के कारण कई स्थानों पर होटल लगभग फुल हो चुके हैं, जबकि आगामी वीकेंड के लिए भी एडवांस बुकिंग तेजी से हो रही है। शिमला के होटलों में शनिवार को ऑक्यूपेंसी 80 से 90 फीसदी तक पहुंच गई, रविवार को भी 80 फीसदी तक होटलों के कमरे बुक रहे।



मनाली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष रोशन ठाकुर ने बताया कि शहर में 80 से 90 फीसदी तक होटलों के कमरे बुक हैं। फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र चंद ठाकुर ने पर्यटकों को सलाह दी है कि ऐसे पर्यटक जो परिवार के साथ पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे हैं, कमरों की एडवांस बुकिंग जरूर करें। बर्फ का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक रोहतांग टनल, सिस्सू और बारालाचा दर्रे की ओर भी रुख कर रहे हैं। शनिवार को करीब 19 हजार वाहन कुल्लू और मंडी की ओर रवाना हुए, रविवार को भी 11 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई।
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