{"_id":"6a32d4616cc08035ac0941c8","slug":"children-vulnerable-to-diarrhea-due-to-changing-weather-kullu-news-c-89-1-ssml1015-179112-2026-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: बदलते मौसम से डायरिया की चपेट में बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: बदलते मौसम से डायरिया की चपेट में बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 18 Jun 2026 10:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कुल्लू। जिले में लगातार बदल रहे मौसम का असर बच्चों की सेहत पर पड़ने लगा है। इसके चलते डायरिया के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई हैै। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों की संख्या में पिछले एक हफ्ते में इजाफा हुआ है। स्थिति यह है कि कुल्लू अस्पताल के शिशु वार्ड के सभी 32 बिस्तरों पर मरीज दाखिल हैं।
अस्पताल की शिशु रोग ओपीडी में प्रतिदिन 100 से 120 बच्चों को उपचार के लिए लाया जा रहा है। इनमें 15 से 20 बच्चों में डायरिया के लक्षण पाए जा रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में बच्चे बुखार से पीड़ित हैं। गंभीर लक्षण वाले बच्चों को चिकित्सकों की निगरानी में भर्ती किया जा रहा है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुसार सुबह-शाम ठंड और दिन में बढ़ती गर्मी के कारण बच्चों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होने के कारण वे मौसम के प्रभाव की चपेट में जल्दी आ रहे हैं।
विज्ञापन
ये उपाय अपनाएं
चिकित्सकों ने अभिभावकों को बच्चों को उबालकर ठंडा किया हुआ पानी पिलाने, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और हाथों को साबुन से अच्छी तरह धुलवाने की सलाह दी है। उनका कहना है कि इससे संक्रमण का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।
बच्चों में बुखार, उल्टी या डायरिया जैसे लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए ले जाएं। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम तैनात है और मरीजों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। डॉ. हीरा लाल, चिकित्सा अधीक्षक, कुल्लू अस्पताल
अस्पताल की शिशु रोग ओपीडी में प्रतिदिन 100 से 120 बच्चों को उपचार के लिए लाया जा रहा है। इनमें 15 से 20 बच्चों में डायरिया के लक्षण पाए जा रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में बच्चे बुखार से पीड़ित हैं। गंभीर लक्षण वाले बच्चों को चिकित्सकों की निगरानी में भर्ती किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुसार सुबह-शाम ठंड और दिन में बढ़ती गर्मी के कारण बच्चों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होने के कारण वे मौसम के प्रभाव की चपेट में जल्दी आ रहे हैं।
ये उपाय अपनाएं
चिकित्सकों ने अभिभावकों को बच्चों को उबालकर ठंडा किया हुआ पानी पिलाने, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और हाथों को साबुन से अच्छी तरह धुलवाने की सलाह दी है। उनका कहना है कि इससे संक्रमण का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।
बच्चों में बुखार, उल्टी या डायरिया जैसे लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए ले जाएं। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम तैनात है और मरीजों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। डॉ. हीरा लाल, चिकित्सा अधीक्षक, कुल्लू अस्पताल