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Kullu News: विदेशी सामान के शौक से उड़ी राजा की खिल्ली
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 18 Jun 2026 10:36 AM IST
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भुंतर स्कूल में नाटक कार्यशाला में समापन अवसर पर नाटक का मंंचन करते छात्र-छात्राएं।-संवाद
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कुल्लू। एक्टिव मोनाल कल्चरल एसोसिएशन की ओर से पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भुंतर में आयोजित तीसरी नाट्य कार्यशाला का समापन हास्य नाटक ‘उजबक राजा तीन डकैत’ के मंचन के साथ हुआ। इसमें विदेशी सामान के शौक से राजा की खूब खिल्ली उड़ने के प्रसंग पर जमकर तालियां बजीं।
कार्यशाला में 25 विद्यार्थियों ने भाग लिया और रंगमंच की विभिन्न बारीकियां सीखीं। नाटक का निर्देशन रंगकर्मी रेवत राम विक्की ने किया। रेवत राम ने बताया कि नाटक की कहानी एक ऐसे राजा पर आधारित है, जिसे विदेशी सामान और फैशन का अत्यधिक शौक होता है।
उसका धूर्त मंत्री हर गलत निर्णय का समर्थन करता है और इसी बीच तीन ठग विदेशी फैशन डिजाइनर बनकर दरबार में पहुंच जाते हैं। वे राजा को एक ऐसा अदृश्य सूट पहनाने का दावा करते हैं, जिसे केवल विद्वान लोग ही देख सकते हैं।
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राजा उनके झांसे में आकर अपने कपड़े उतार देता है और कथित अदृश्य सूट पहनकर नगर भ्रमण पर निकल पड़ता है। नगरवासी उसकी हालत देखकर हंसी उड़ाने लगते हैं। तभी एक छोटा बच्चा राजा पर पानी को फेंकता है, जिससे राजा को एहसास होता है कि वह तो नंगा है। वह शर्मिंदा होते हुए वहां से भाग जाता है। इस प्रकार हास्य और व्यंग्य से भरपूर इस नाटक के माध्यम से अंधानुकरण, दिखावे और चापलूसी पर करारा प्रहार किया गया।
कार्यशाला में 25 विद्यार्थियों ने भाग लिया और रंगमंच की विभिन्न बारीकियां सीखीं। नाटक का निर्देशन रंगकर्मी रेवत राम विक्की ने किया। रेवत राम ने बताया कि नाटक की कहानी एक ऐसे राजा पर आधारित है, जिसे विदेशी सामान और फैशन का अत्यधिक शौक होता है।
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उसका धूर्त मंत्री हर गलत निर्णय का समर्थन करता है और इसी बीच तीन ठग विदेशी फैशन डिजाइनर बनकर दरबार में पहुंच जाते हैं। वे राजा को एक ऐसा अदृश्य सूट पहनाने का दावा करते हैं, जिसे केवल विद्वान लोग ही देख सकते हैं।
राजा उनके झांसे में आकर अपने कपड़े उतार देता है और कथित अदृश्य सूट पहनकर नगर भ्रमण पर निकल पड़ता है। नगरवासी उसकी हालत देखकर हंसी उड़ाने लगते हैं। तभी एक छोटा बच्चा राजा पर पानी को फेंकता है, जिससे राजा को एहसास होता है कि वह तो नंगा है। वह शर्मिंदा होते हुए वहां से भाग जाता है। इस प्रकार हास्य और व्यंग्य से भरपूर इस नाटक के माध्यम से अंधानुकरण, दिखावे और चापलूसी पर करारा प्रहार किया गया।