{"_id":"6a3820dd943fb9df0204dfc7","slug":"construction-of-the-high-altitude-research-center-in-keylong-to-gain-momentum-kullu-news-c-89-1-klu1002-179443-2026-06-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: केलांग में हाई एल्टीट्यूड रिसर्च सेंटर निर्माण को मिलेगी रफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: केलांग में हाई एल्टीट्यूड रिसर्च सेंटर निर्माण को मिलेगी रफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
केलांग (लाहौल-स्पीति)। लाहौल-स्पीति के लिए महत्वपूर्ण आईसीएमआर हाई एल्टीट्यूड रिसर्च सेंटर केलांग परियोजना को नई गति मिलने की उम्मीद जगी है। पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रवि ठाकुर ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने परियोजना के निर्माण कार्य को शीघ्र आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने बताया कि उनके विधायक तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष रहते हुए किए गए प्रयासों से जबलपुर स्थित आईसीएमआर के सहयोग से उत्तर भारत के लिए इस महत्वपूर्ण अनुसंधान केंद्र की स्थापना स्वीकृत हुई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इसका शुभारंभ किया था और प्रारंभिक संचालन के लिए केलांग अस्पताल में स्थान उपलब्ध कराया गया था।
उन्होंने बताया कि केलांग के समीप यूरनाथ में संस्थान के स्थायी परिसर के निर्माण के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। पिछले कुछ समय से परियोजना की प्रगति ठीक से नहीं हो पाई।
विज्ञापन
कहा कि मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद कंगना रणौत ने इस मामले को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के समक्ष उठाया। इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री ने पत्र जारी कर बताया है कि परियोजना के स्थायी आधारभूत ढांचे का निर्माण दो चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि यह संस्थान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्वास्थ्य अनुसंधान, जनजातीय स्वास्थ्य सेवाओं और अधिक ऊंचाई से जुड़ी बीमारियों के अध्ययन को नई दिशा देगा। इससे लाहौल-स्पीति, किन्नौर, पांगी सहित अन्य जनजातीय क्षेत्रों के लोगों तथा बड़ी संख्या में आने वाले पर्यटकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। रवि ठाकुर ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और सांसद कंगना रनौत का आभार जताते हुए इस राष्ट्रीय महत्व की परियोजना को शीघ्र पूरा करवाने का आग्रह किया है।
0000
उन्होंने बताया कि उनके विधायक तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष रहते हुए किए गए प्रयासों से जबलपुर स्थित आईसीएमआर के सहयोग से उत्तर भारत के लिए इस महत्वपूर्ण अनुसंधान केंद्र की स्थापना स्वीकृत हुई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इसका शुभारंभ किया था और प्रारंभिक संचालन के लिए केलांग अस्पताल में स्थान उपलब्ध कराया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि केलांग के समीप यूरनाथ में संस्थान के स्थायी परिसर के निर्माण के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। पिछले कुछ समय से परियोजना की प्रगति ठीक से नहीं हो पाई।
कहा कि मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद कंगना रणौत ने इस मामले को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के समक्ष उठाया। इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री ने पत्र जारी कर बताया है कि परियोजना के स्थायी आधारभूत ढांचे का निर्माण दो चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि यह संस्थान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्वास्थ्य अनुसंधान, जनजातीय स्वास्थ्य सेवाओं और अधिक ऊंचाई से जुड़ी बीमारियों के अध्ययन को नई दिशा देगा। इससे लाहौल-स्पीति, किन्नौर, पांगी सहित अन्य जनजातीय क्षेत्रों के लोगों तथा बड़ी संख्या में आने वाले पर्यटकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। रवि ठाकुर ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और सांसद कंगना रनौत का आभार जताते हुए इस राष्ट्रीय महत्व की परियोजना को शीघ्र पूरा करवाने का आग्रह किया है।
0000